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दुर्घटना से छाया शोक
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़।
Updated Mon, 17 Oct 2016 11:40 PM IST
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दुर्घटना से छाया शोक
- फोटो : अमर उजाला
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पिथौरागढ़। टनकपुर-पिथौरागढ़ एनएच पर गुरना मंदिर के पास सोमवार की सुबह 8 बजे पोकलैंड मशीन लेकर आ रहा ट्राला मय मशीन के सड़क से करीब 50 मीटर खाई में गिर गया। दुर्घटना में जीआईसी गुरना के एक छात्र की मौत हो गई, जबकि ट्राले में सवार सात छात्र और चालक दल के चार सदस्यों समेत कुल 11 लोग घायल हो गए। घायलों में दो की हालत गंभीर है। उनको हेलीकॉप्टर से सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया है। बच्चे छमाही परीक्षा देने जा रहे थे।
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प्रभारी डीएम आशीष चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री ने दुर्घटना में मरे छात्र के परिजनों को एक लाख रुपए, गंभीर घायलों को 50-50 हजार रुपए और कम घायलों को 20-20 हजार रुपए देने की घोषणा की है। घायलों को जिला अस्पताल में बेहतर चिकित्सा देने के निर्देश दिए हैं। जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. नरेंद्र शर्मा ने बताया कि गुरना हादसे में कई लोगों के घायल होने की सूचना मिलते ही नगर के उत्साही युवक जगदीश कलखुड़िया, आशीष कार्की, हरीश पुजारा, महेश चिलकोटी, रवींद्र बिष्ट, देव सिंह खुद ही जिला अस्पताल पहुंच गए और घायलों के लिए इन सभी ने ब्लड दिया।
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पिथौरागढ़। जीआईसी गुरना के बच्चों के हादसे की जानकारी मिलते ही मुख्य शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार जुकरिया तत्काल विद्यालय पहुंचे। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर चेक किया और पांच बच्चे गैरहाजिर मिलने के कारण फिर से इस आशंका में रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा कि कहीं यह बच्चे भी हादसे का शिकार तो नहीं हो गए हैं। बाद में पता चला कि यह पांच बच्चे घर से ही नहीं आए थे।
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पिथौरागढ़। गुरना हादसे की सूचना मिलते ही भारी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे। भाजपा नेता प्रकाश पंत, सुरेश जोशी, पूर्व जिला पंचायत सदस्य वीरेंद्र बोहरा, पूर्व पालिकाध्यक्ष राजेंद्र रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत, तिलक जोशी, शंकर खड़ायत आदि ने घटनास्थल पर जाकर राहत और बचाव के काम में हाथ बंटाया।
पिथौरागढ़। दुर्घटना के लिए एनएच को जिम्मेदार मानते हुए घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने प्रदर्शन किया। कहा कि सड़क के किनारे रोड़ी और बजरी का ढेर लगा होने से यह हादसा हुआ। लोगों ने एनएच के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। प्रभारी डीएम आशीष चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रकाश जोशी, कांग्रेस जिलाध्यक्ष मुकेश पंत ने लोगों को समझाने का प्रयास किया लेकिन लोग नहीं माने।
पिथौरागढ़। गुरना हादसे के कारण टनकपुर-पिथौरागढ़ हाइवे पर एक घंटे तक यातायात ठप रहा। सड़क पर लोगों की भीड़ जमा होने और प्रदर्शन के कारण लोगों वाहनों की आवाजाही बंद रही। जब रेस्क्यू अभियान पूरा हुआ तब जाकर वाहनों की आवाजाही शुरू हो पाई। जीआईसी गुरना में पढ़ने वाले बच्चे अक्सर मजबूरी में ट्रकों और अन्य वाहनों में लद जाते हैं। इन बच्चों को स्कूल जाने के लिए रोज पांच किमी का सफर तय करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि स्कूल टाइम पर रोडवेज बसों का संचालन हो जाए तो बच्चों की यह मजबूरी समाप्त हो जाएगी।