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मूसलाधार बारिश के बीच दरका पहाड़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 01 Jun 2018 10:40 PM IST
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पिथौरागढ़ के मड़मानले के धौलकांडा गांव में घुसा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
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मूसलाधार बारिश के बीच मड़मानले-दोबांस मार्ग पर पहाड़ी दरक गई। भूस्खलन से मूनाकोट ब्लॉक के धौलकांडा गांव में एक मकान और खेत मलबा से पट गया। मलबे से मकान को खतरा बना हुआ है। खतरा देखते हुए परिजनों ने मवेशियों समेत गांव के एक संबंधी के घर शरण ली है।
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शुक्रवार दोपहर ढाई बजे मूनाकोट ब्लॉक में मूसलाधार बारिश के बीच निर्माणाधीन मड़मानले-दोबांस मार्ग पर जोरदार आवाज के साथ पहाड़ी दरक गई। पहाड़ी से गिरा भारी मलबा धौलकांडा गांव के मैथल तोक में सड़क किनारे बने पीतांबर पांडे के मकान और खेतों में पसर गया। मौसम के रुख और भूस्खलन को देखते हुए परिजनों में हड़कंप मच गया। मलबा गिरने के साथ ही परिजन घर छोड़कर सुरक्षित स्थान की ओर भाग खड़े हुए। इस बीच आपदा प्रबंधन विभाग को घटना की सूचना दी। इसके बाद हरकत में आए आपदा प्रबंधन ने प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को अलर्ट कर दिया। मुख्यालय से प्रशासन और आपदा की टीम मौके पर रवाना हुई। इसके साथ ही सड़क की कार्यदायी एजेंसी ने भी मौका मुआयना किया।
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भूस्खलन के बाद गिरा मलबा भुक्तभोगी पीतांबर पांडे के मकान के आंगन और खेतों तक पसरा हुआ है। मलबे से मकान को आंशिक नुकसान पहुंचा है। इससे मकान को खतरे की आशंका भी बनी है। इस बीच एहतियातन भुक्तभोगी परिवार के दंपति ने अपने पांच मवेशियों समेत गांव के संबंधी दारोदर पांडे के मकान में शरण ली है। एसडीएम एसके पांडेय ने बताया कि संबंधित पटवारी ने मौका मुआयने के साथ ही वस्तुस्थिति और नुकसान का आकलन कर लिया है। सड़क की एजेंसी को मलबा हटाने के निर्देश दे दिए हैं। एहतियातन परिजनों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया है।
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ठेकेदार की लापरवाही सामने आई
मूसलाधार बारिश के बीच हुए भूस्खलन में प्रथमदृष्ट्या कार्यदायी संस्था के ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है। आपदा विभाग के मौका मुआयने के बाद पता चला कि पहाड़ काटने के काम में अनियमितता बरती गई। इसके चलते ही बारिश के बाद भारी मलबा घर और खेतों में घुस गया। वर्ल्ड बैंक का अस्कोट लोनिवि डिवीजन इस मार्ग का निर्माण करा रहा है। प्रभावित परिवार इससे पहले भी ठेकेदार की अनियमितता की शिकायत कर चुका है। लेकिन प्रशासन और कार्यदायी संस्था ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन ग्रामीण को नुकसान उठाना पड़ा। मलबे से ग्रामीण का घर खतरे के मुहाने पर खड़ा है।