{"_id":"6984c9b25403342d1e0e7554","slug":"monkeys-during-the-day-and-wild-boars-at-night-are-becoming-enemies-of-agriculture-pithoragarh-news-c-230-1-pth1004-137870-2026-02-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: दिन में बंदर, रात में जंगली सुअर बन रहे खेती के दुश्मन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: दिन में बंदर, रात में जंगली सुअर बन रहे खेती के दुश्मन
Thu, 05 Feb 2026 10:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 05 Feb 2026 10:17 PM IST
विज्ञापन
गंगोलीहाट में जंगली जानवरों से फसल को बचाने के लिए खेतों में इस तरह करनी पड़ रही है पुराने कपड़
गंगोलीहाट (पिथौरागढ़)। जंगली जानवरों ने फसल रौंद दी है जिससे हमें काफी नुकसान हुआ है। जंगली जानवरों से निजात नहीं मिलेगी तो हमारे लिए खेती करना मुश्किल है। हमें खेती छोड़कर रोजगार के लिए पलायन करना होगा। यह कहना है गंगोलीहाट क्षेत्र के विभिन्न गांवों के ग्रामीणों का।
विकासखंड के गांवों में ग्रामीण जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जंगली सुअर फसलों को रौंद कर नुकसान पहुंचा रहे है तो दिन में बंदर और लंगूर इसे तबाह कर रहे हैं। खेतों में न तो फसल हो पा रही है और ना ही बागवानी। फसलों और सब्जी को बचाने के लिए पुराने कपड़ों से खेतों की घेराबंदी करनी पड़ रही है। इसके बाद भी बंदर और लंगूर खेतों में घुसकर हमारी मेहनत बेकार कर रहे हैं। कई बार प्रशासन से बंदर और लंगूरों को पकड़ने की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से निजात न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
बोले ग्रामीण
फसल उगाने के लिए खुद की मेहनत के साथ लेबर को लगाना पड़ता हैं। दिन के समय बंदरों से फसल की रखवाली कर रहे हैं लेकिन रात के समय सूअर खेतों को रौंदकर नुकसान पहुंचाते है। - नीमा पंत, लाली
विज्ञापन
हर रोज बंदर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में हमारी मेहनत बेकार हो रही है। जी-तोड़ मेहनत के बाद भी उपज हाथ नहीं लग रही है। ऐसे में हमारे लिए खेती करना मुश्किल हो गया है। - कमला धानिक, कुंजनपुर
खेतों में उगी सब्जी को बंदरों ने नष्ट कर दिया है। हमारी मेहनत बर्बाद हो रही है। जंगली जानवरों से निजात नहीं मिली तो हमें खेती छोड़कर रोजगार के लिए पलायन करना होगा। - शिवानी रावल, रावल गांव
जंगली सुअर ने रात में खेत खोदकर पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। हिरन, जंगली खरगोश और बंदर भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में हम खेती कैसे करेंगे। - उमा मेहरा, विरगोली
समस्या गंभीर है। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग का सहयोग लिया जाएगा। अगली बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। - भगवत पांडे, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, गंगोलीहाट
वन्यजीवों के उत्पात से ग्रामीणों को हो रहे नुकसान के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। - राजेंद्र महरा, रेंजर, गंगोलीहाट
विज्ञापन
विकासखंड के गांवों में ग्रामीण जंगली जानवरों के उत्पात से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रात के समय जंगली सुअर फसलों को रौंद कर नुकसान पहुंचा रहे है तो दिन में बंदर और लंगूर इसे तबाह कर रहे हैं। खेतों में न तो फसल हो पा रही है और ना ही बागवानी। फसलों और सब्जी को बचाने के लिए पुराने कपड़ों से खेतों की घेराबंदी करनी पड़ रही है। इसके बाद भी बंदर और लंगूर खेतों में घुसकर हमारी मेहनत बेकार कर रहे हैं। कई बार प्रशासन से बंदर और लंगूरों को पकड़ने की मांग की जा चुकी है लेकिन कोई समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से निजात न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
विज्ञापन
बोले ग्रामीण
फसल उगाने के लिए खुद की मेहनत के साथ लेबर को लगाना पड़ता हैं। दिन के समय बंदरों से फसल की रखवाली कर रहे हैं लेकिन रात के समय सूअर खेतों को रौंदकर नुकसान पहुंचाते है। - नीमा पंत, लाली
विज्ञापन
हर रोज बंदर खेतों में घुसकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में हमारी मेहनत बेकार हो रही है। जी-तोड़ मेहनत के बाद भी उपज हाथ नहीं लग रही है। ऐसे में हमारे लिए खेती करना मुश्किल हो गया है। - कमला धानिक, कुंजनपुर
खेतों में उगी सब्जी को बंदरों ने नष्ट कर दिया है। हमारी मेहनत बर्बाद हो रही है। जंगली जानवरों से निजात नहीं मिली तो हमें खेती छोड़कर रोजगार के लिए पलायन करना होगा। - शिवानी रावल, रावल गांव
जंगली सुअर ने रात में खेत खोदकर पूरी फसल को बर्बाद कर दिया। हिरन, जंगली खरगोश और बंदर भी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में हम खेती कैसे करेंगे। - उमा मेहरा, विरगोली
समस्या गंभीर है। बंदरों को पकड़ने के लिए वन विभाग का सहयोग लिया जाएगा। अगली बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा। - भगवत पांडे, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका, गंगोलीहाट
वन्यजीवों के उत्पात से ग्रामीणों को हो रहे नुकसान के संबंध में उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। जल्द ही मामले में उचित निर्णय लिया जाएगा। - राजेंद्र महरा, रेंजर, गंगोलीहाट