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Pithoragarh News: खलिया टॉप पहुंचे मोनाल और ट्रैगोपान
Sun, 24 Dec 2023 10:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 24 Dec 2023 10:45 PM IST
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स्नो कॉक। संवाद
पंकज पाठक
पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्र के पक्षी बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में पहुंचने लगे हैं। इनमें राजकीय पक्षी मोनाल और रंगबिरंगे ट्रैगोपान की संख्या अधिक है। यहां बड़ी संख्या में पक्षियों देखकर पर्यटक खुश हैं।
पर्यटन नगरी के 3500 मीटर पर स्थित खलिया टॉप में पक्षियों का जमावड़ा लगा है। पिछले साल के मुकाबले राजकीय पक्षी हिमालयन मोनाल की संख्या अधिक है। रंगबिरंगे ट्रेगोपान को देखकर पर्यटक काफी उत्साहित हैं। इसके अलावा खलिया टॉप में स्नो पैट्रेज और स्नो कॉक भी दिखाई दे रहे हैं। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि वह लगातार इन पक्षियों पर नजर रखते हैं।
पिछले साल के मुकाबले इस बार मोनाल और ट्रेगोपान पक्षी अच्छी संख्या में यहां पहुंचे हैं। फरवरी मार्च तक यह पक्षी खलिया टॉप क्षेत्र में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 4500 मीटर तक रहने वाले मोनाल और ट्रैगोपान कभी-कभी बेटुलीधार और कालामुनि क्षेत्र में भी दिखाई देते हैं। संवाद
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जागरूकता से शिकार में कमी
पिथौरागढ़। क्षेत्र में जागरूकता से पक्षियों के शिकार में कमी आई है। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र ने बताया कि जैव विविधता को लेकर जागरूकता अभियान का असर पड़ा है। इस वजह से यह पक्षी बड़ी संख्या में दिख रहे हैं।
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खूबसूरत है सत्यार ट्रैगोपान
पिथौरागढ़। ट्रैगोपान भारत, नेपाल और भूटान के हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है। गर्मियों में 8000 से 14,000 फुट तक यह नजर आता है जबकि शीतकाल में यह नीचे आ जाता है। 70 सेंटीमीटर ऊंचाई वाला यह पक्षी ज्यादातर बुरांश के घने जंगलों में रहता है। बेहद शर्मीले स्वभाव का यह पक्षी ज्यादा लंबी उड़ान नहीं भरता। यह पक्षी अमूमन 2900 से 3400 मीटर में रहने वाला ट्रैगोपान मादा को आकर्षित करने के लिए गले से नीला वेतल (गले की बाली) निकालता है।
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पिथौरागढ़। उच्च हिमालयी क्षेत्र के पक्षी बर्फबारी के बाद निचले इलाकों में पहुंचने लगे हैं। इनमें राजकीय पक्षी मोनाल और रंगबिरंगे ट्रैगोपान की संख्या अधिक है। यहां बड़ी संख्या में पक्षियों देखकर पर्यटक खुश हैं।
पर्यटन नगरी के 3500 मीटर पर स्थित खलिया टॉप में पक्षियों का जमावड़ा लगा है। पिछले साल के मुकाबले राजकीय पक्षी हिमालयन मोनाल की संख्या अधिक है। रंगबिरंगे ट्रेगोपान को देखकर पर्यटक काफी उत्साहित हैं। इसके अलावा खलिया टॉप में स्नो पैट्रेज और स्नो कॉक भी दिखाई दे रहे हैं। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार ने बताया कि वह लगातार इन पक्षियों पर नजर रखते हैं।
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पिछले साल के मुकाबले इस बार मोनाल और ट्रेगोपान पक्षी अच्छी संख्या में यहां पहुंचे हैं। फरवरी मार्च तक यह पक्षी खलिया टॉप क्षेत्र में रहते हैं। उन्होंने बताया कि 4500 मीटर तक रहने वाले मोनाल और ट्रैगोपान कभी-कभी बेटुलीधार और कालामुनि क्षेत्र में भी दिखाई देते हैं। संवाद
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जागरूकता से शिकार में कमी
पिथौरागढ़। क्षेत्र में जागरूकता से पक्षियों के शिकार में कमी आई है। मोनाल संस्था के सचिव सुरेंद्र ने बताया कि जैव विविधता को लेकर जागरूकता अभियान का असर पड़ा है। इस वजह से यह पक्षी बड़ी संख्या में दिख रहे हैं।
खूबसूरत है सत्यार ट्रैगोपान
पिथौरागढ़। ट्रैगोपान भारत, नेपाल और भूटान के हिमालयी क्षेत्र में पाया जाता है। गर्मियों में 8000 से 14,000 फुट तक यह नजर आता है जबकि शीतकाल में यह नीचे आ जाता है। 70 सेंटीमीटर ऊंचाई वाला यह पक्षी ज्यादातर बुरांश के घने जंगलों में रहता है। बेहद शर्मीले स्वभाव का यह पक्षी ज्यादा लंबी उड़ान नहीं भरता। यह पक्षी अमूमन 2900 से 3400 मीटर में रहने वाला ट्रैगोपान मादा को आकर्षित करने के लिए गले से नीला वेतल (गले की बाली) निकालता है।