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व्यावसायिक भवनों के नक्शों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग को करें शामिल- डीएम
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पिथौरागढ़। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (डीडीए) मासिक बैठक मंगलवार को हुई। इसमें 13 नवंबर 2017 के बाद भवन निर्माण के लिए प्राप्त आवेदन, स्वीकृत और अवशेष आवेदनों को लेकर चर्चा की गई।
डीएम ने व्यावसायिक भवनों में वर्षा जल संरक्षण मानचित्र में शामिल करने और प्राधिकरण की राशि से नगर के प्रमुख चौराहों, तिराहों का सौंदर्यीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए।
डीएम आनंद स्वरूप ने बैठक में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत किए बिना कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। इसके लिए क्षेत्र भ्रमण कर अवैध निर्माण कार्यों को चिह्नित कर नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उन्होंने प्राधिकरण की राशि से नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न अवस्थापना सुधार, नगर सौंदर्यीकरण आदि के कार्य कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य कराने और आम जनमानस की सुविधाओं को विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने पिथौरागढ़ नगर के विभिन्न चौराहों के सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व में जिन छह प्रकरणों में जो ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर डीएम ने एडीएम को निर्देश दिए कि तत्काल एसडीएम के माध्यम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में जो भी आवेदन नक्शे पास होने के ऑनलाइन और ऑफलाइन आते हैं तो उनका निस्तारण 15 दिन में किया जाए। बताया गया कि प्राधिकरण गठन के बाद आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1665 आवेदन मिले, जिनमें से 1587 आवेदन स्वीकृत किए गए।
63 आवेदनों को निरस्त किया गया जबकि 15 में कार्रवाई की जा रही है। बैठक में डीडीए के सचिव और एडीएम एफआर चौहान, ईई आरडब्लूडी एलसी पांडेय, जेई मनोज फर्त्याल, सपन कुमार, मनोज पुनेठा मौजूद रहे।
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डीएम ने व्यावसायिक भवनों में वर्षा जल संरक्षण मानचित्र में शामिल करने और प्राधिकरण की राशि से नगर के प्रमुख चौराहों, तिराहों का सौंदर्यीकरण का कार्य करने के निर्देश दिए।
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डीएम आनंद स्वरूप ने बैठक में कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में नक्शा स्वीकृत किए बिना कोई निर्माण कार्य नहीं होना चाहिए। इसके लिए क्षेत्र भ्रमण कर अवैध निर्माण कार्यों को चिह्नित कर नोटिस और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के निर्देश दिए।
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उन्होंने प्राधिकरण की राशि से नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न अवस्थापना सुधार, नगर सौंदर्यीकरण आदि के कार्य कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर कार्य कराने और आम जनमानस की सुविधाओं को विकसित करने के भी निर्देश दिए।
उन्होंने पिथौरागढ़ नगर के विभिन्न चौराहों के सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व में जिन छह प्रकरणों में जो ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं उन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा कर डीएम ने एडीएम को निर्देश दिए कि तत्काल एसडीएम के माध्यम से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि प्राधिकरण में जो भी आवेदन नक्शे पास होने के ऑनलाइन और ऑफलाइन आते हैं तो उनका निस्तारण 15 दिन में किया जाए। बताया गया कि प्राधिकरण गठन के बाद आवासीय और अनावासीय भवनों के निर्माण के लिए 1665 आवेदन मिले, जिनमें से 1587 आवेदन स्वीकृत किए गए।
63 आवेदनों को निरस्त किया गया जबकि 15 में कार्रवाई की जा रही है। बैठक में डीडीए के सचिव और एडीएम एफआर चौहान, ईई आरडब्लूडी एलसी पांडेय, जेई मनोज फर्त्याल, सपन कुमार, मनोज पुनेठा मौजूद रहे।