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Pithoragarh News: अस्थायी रूप से चल रहे कॉलेज के लिए बना दिया 8.24 लाख से स्थायी गेट

Sat, 04 Nov 2023 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sat, 04 Nov 2023 10:58 PM IST
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Made a permanent gate for the temporarily running college at a cost of Rs 8.24 lakh
पिथौरागढ़। सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज खुलने से पहले ही विवादों में है। 14.19 करोड़ की लागत से कॉलेज का निर्माण तो कार्यदायी संस्था ने मड़धूरा में किया लेकिन कॉलेज के गेट का स्थायी निर्माण केएनयू जीआईसी में अस्थायी रूप से चल रहे कॉलेज में कर दिया गया। इस गेट का निर्माण भी यूपी निर्माण निगम ने नहीं बल्कि अन्य किसी निर्माण एजेंसी ने किया है। सूत्रों के मुताबिक उस कार्यदायी संस्था को अभी तक इस निर्माण के लिए भुगतान भी नहीं किया गया है।
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वित्तीय वर्ष 2021-22 में केएनयूजी जीआईसी के पास 8.24 लाख के अनटाइड फंड से इंजीनियरिंग कॉलेज के गेट का निर्माण किया गया। उस समय अभिभावक संघ सहित कई अन्य संगठनों ने जीआईसी परिसर में कॉलेज के गेट के निर्माण का विरोध भी किया था। हालांकि, गेट का निर्माण तो कर दिया गया लेकिन विरोध के चलते उस पर सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज का नाम नहीं लिखा गया। लोगों का कहना था कि जिस स्थान पर कॉलेज बनाया गया है उसी स्थान पर स्थायी रूप से गेट का निर्माण होना चाहिए। जीआईसी में अस्थायी रूप से चल रहे कॉलेज के लिए स्थायी रूप से गेट के निर्माण में इतना धन खर्च करना समझ से परे है।
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इधर, शिक्षा विभाग का भी कहना था कि गेट के निर्माण के लिए उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने 10 मई 2023 को डीएम, निदेशक माध्यमिक शिक्षा, निदेशक नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज को पत्र भेजकर केएनयू से अस्थायी रूप से चल रहे सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज को हटाने की मांग की थी लेकिन उनके पत्र पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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मड़धूरा में लाखों रुपये से खरीदा गया जनरेटर, बैटरी सहित कई अन्य उपकरण खराब हो रहे हैं। नन्ही परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि जो उपकरण मड़धूरा में खराब हो रहे हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखने के लिए जगह नहीं है।
मड़धूरा में दो माह चलीं थी कक्षाएं
पिथौरागढ़। मड़धूरा में 14.19 करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज में कुछ समय कक्षाओं का संचालन भी किया गया। यहां तत्कालीन निदेशक के आदेशानुसार बी.टेक 2019-20 बैच के विद्यार्थियों की दो माह तक कक्षाएं चलीं थीं। अगर यहां नियमित कक्षाएं चलतीं और सुरक्षात्मक कार्य होते तो मड़धूरा का ये भवन बर्बाद नहीं होता। संवाद
कोट
इंजीनियरिंग कॉलेज पर निर्णय लेने के लिए शासन को पत्र भेजा है। केएनयू जीआईसी में कम कमरे होने से कक्षाओं के संचालन में दिकक्त हो रही है। केएनयू जीआईसी के पास बने गेट का भी हैंडओवर नहीं हुआ है। मड़धूरा में जो सामान खराब हो रहा है उसे केएनयू जीआईसी में रखने के लिए जगह नहीं है। - डॉ. अजीत सिंह, डायरेक्टर नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज पिथौरागढ़।
हाईकोर्ट ने लिया खबर का संज्ञान
पिथौरागढ़। अमर उजाला ने 31 अक्तूबर को सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज की बदहाली को ''सुनहरे भविष्य के सपनों पर कीचड़ के बाद उगी घास'' शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद एक नवंबर को फिर ''...तो भू-वैज्ञानिकों के सुझाव माने बगैर कर दिया गया कॉलेज का निर्माण कार्य'' शीर्षक के साथ समाचार को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। दो नवंबर को उक्रांद ने इस मामले में सरकार को चेताया था। अब हाईकोर्ट ने इस पूरे मामले में स्वत: संज्ञान ले लिया है। हाईकोर्ट ने सरकार से 10 नवंबर तक जवाब मांगा है। देखना दिलचस्प होगा कि सरकार क्या जवाब देती है। संवाद
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नन्हीं परी सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन को मड़धूरा में रखा गया सामान और उपकरण बचाने के लिए प्रयास करने चाहिए। इस संबंध में जल्द कॉलेज प्रबंधन से पत्राचार किया जाएगा। - डॉ. शिव प्रसाद बरनवाल, एडीएम, पिथौरागढ़।

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जनता के रुपये का इस तरह दुरुपयोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिस बिटिया के नाम पर कॉलेज का नाम रखा गया है उसका भी अपमान किया जा रहा है। सरकार की जिम्मेदारी है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर संबंधित दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। - काशी सिंह ऐरी, वरिष्ठ नेता उक्रांद।

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प्रशासन की लापरवाही से करोड़ों की लागत से बने इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थिति ऐसी हुई है। अगर मड़धूरा में नियमित कक्षाएं चलतीं तो भवन की ऐसी स्थिति नहीं होती। ये प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। विधानसभा में इस मुद्दे को तीन बार उठा चुका हूं लेकिन सरकार कुछ कर ही नहीं पा रही है। -मयूख महर, कांग्रेस विधायक पिथौरागढ़।

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सीमांत इंजीनियरिंग कॉलेज को लेकर सरकार गंभीर है। कॉलेज हमने बनाया है हम ही संचालित करेंगे। सीएम की इस संबंध में तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव से बात हो चुकी है। - सुरेश जोशी, प्रदेश प्रवक्ता भाजपा पिथौरागढ़।
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