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Pithoragarh News: बर्फबारी के चलते आदि कैलाश नहीं पहुंच पाई केएमवीएन की रेकी टीम
Thu, 02 May 2024 11:24 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 02 May 2024 11:24 PM IST
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धारचूला के व्यास घाटी स्थित कुटी में बर्फबारी के बीच केएमवीएन की रैकी टीम। स्रोत: केएमवीएन
पिथौरागढ़। निचले इलाकों में जहां गर्मी से लोग बेहाल हैं वहीं अभी उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी हो रही है। बर्फबारी के चलते उच्च हिमालयी क्षेत्र में आवास गृहों की रेकी के लिए ज्योलिकांग तक जा रही केएमवीएन की टीम भारत-चीन सीमा पर 12000 फुट की ऊंचाई पर बसे आखिरी गांव कुटी से आगे नहीं बढ़ पाई।
केएमवीएन मुख्यालय नैनीताल के निर्देश पर 26 अप्रैल को अवर अभियंता गिरीश चंद्र भट्ट और पर्यटक आवास गृह धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक टीम गुंजी पहुंची। भट्ट ने बताया कि अगले दिन वह वाहन से कुटी पहुंचे। इसी बीच अचानक मौसम खराब हो गया और भारी बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फ में सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया। इसके चलते वह कुटी से करीब 18 किमी आगे आदि कैलाश (ज्योलिकांग) तक नहीं पहुंच पाए। वहां से काफी बर्फबारी के चलते टीम को मुश्किल हालातों में अपने वाहन को गुंजी की ओर लाना पड़ा।
उन्होंने बताया कि नाभीढांग में भी बर्फबारी हुई। भट्ट ने बताया कि गुंजी, बूंदी, नाभीढांग में आवास गृहों की मरम्मत की जानी है। बता दें कि 13 मई से केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन की यात्रा शुरू होनी है। इसके लिए काफी संख्या में पर्यटकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अभी कुछ दिन पूर्व ही ग्रिफ ने जेसीबी से कुटी से ज्योलिंकांग के बीच बर्फ हटाई थी। यदि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी इसी तरह होती रही तो यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योलिंकांग में की जानी है पानी की व्यवस्था
पिथौरागढ़। केएमवीएन की रैकी टीम को ज्योलिकांग (आदि कैलाश) में यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी है। पूर्व में यहां छोटी पेयजल लाइन बिछाई गई थी। केएमवीएन के जेई गिरीश चंद्र भट्ट ने बताया कि पार्वती सरोवर के नीचे स्थित स्रोत से बड़ी लाइन बिछाई जानी है लेकिन बर्फबारी के चलते वहां तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। संवाद
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केएमवीएन मुख्यालय नैनीताल के निर्देश पर 26 अप्रैल को अवर अभियंता गिरीश चंद्र भट्ट और पर्यटक आवास गृह धारचूला के प्रबंधक धन सिंह बिष्ट के नेतृत्व में एक टीम गुंजी पहुंची। भट्ट ने बताया कि अगले दिन वह वाहन से कुटी पहुंचे। इसी बीच अचानक मौसम खराब हो गया और भारी बर्फबारी शुरू हो गई। बर्फ में सड़क पर वाहन चलाना मुश्किल हो गया। इसके चलते वह कुटी से करीब 18 किमी आगे आदि कैलाश (ज्योलिकांग) तक नहीं पहुंच पाए। वहां से काफी बर्फबारी के चलते टीम को मुश्किल हालातों में अपने वाहन को गुंजी की ओर लाना पड़ा।
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उन्होंने बताया कि नाभीढांग में भी बर्फबारी हुई। भट्ट ने बताया कि गुंजी, बूंदी, नाभीढांग में आवास गृहों की मरम्मत की जानी है। बता दें कि 13 मई से केएमवीएन की ओर से संचालित आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन की यात्रा शुरू होनी है। इसके लिए काफी संख्या में पर्यटकों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। अभी कुछ दिन पूर्व ही ग्रिफ ने जेसीबी से कुटी से ज्योलिंकांग के बीच बर्फ हटाई थी। यदि उच्च हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी इसी तरह होती रही तो यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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ज्योलिंकांग में की जानी है पानी की व्यवस्था
पिथौरागढ़। केएमवीएन की रैकी टीम को ज्योलिकांग (आदि कैलाश) में यात्रियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी है। पूर्व में यहां छोटी पेयजल लाइन बिछाई गई थी। केएमवीएन के जेई गिरीश चंद्र भट्ट ने बताया कि पार्वती सरोवर के नीचे स्थित स्रोत से बड़ी लाइन बिछाई जानी है लेकिन बर्फबारी के चलते वहां तक पहुंचना संभव नहीं हो पाया। संवाद