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खतरनाक बना है कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग

Tue, 07 May 2019 11:02 PM IST
kamlesh kamlesh ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)।
ब्यूरो/ अमर उजाला , धारचूला (पिथौरागढ़)। Published by: kamlesh kamlesh Updated Tue, 07 May 2019 11:02 PM IST
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khataranaak bana hai kailaash maanasarovar yaatra maarg
धारचूला के व्यास घाटी में नजंग से बूंदी के बीच ऐसी है कैलाश यात्रा पैदल रास्ते की हालत। - फोटो : पिथौरागढ़
जून से कैलाश मानसरोवर यात्रा प्रारंभ हो जाएगी लेकिन यात्रा मार्ग की हालत काफी खराब है। कई स्थानों में पैदल रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। उपजिलाधिकारी के निर्देश पर व्यास घाटी के दौरे पर गई लोनिवि के अवर अभियंताओं की टीम ने एसडीएम को रास्ते की स्थिति पर रिपोर्ट सौंपी है।
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लोनिवि के अवर अभियंता इंद्र सिंह और अंकित सिंह ने उपजिलाधिकारी को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि नजंग से बूंदी के बीच 14 किमी के हिस्से में पैदल रास्ता बुरी तरह क्षतिग्रस्त है। कई स्थानों पर पुल नहीं हैं। रास्ते में काफी फिसलन हो रही है। कई स्थानों में खड़ंजा बनाने की जरूरत है। बताया कि इसी मार्ग में मलबा गिरने से बीआरओ का कंप्रेशर क्षतिग्रस्त हो गया है। लामारी से बूंदी तक बीआरओ ने सड़क का निर्माण किया है। सड़क निर्माण से करीब 300 मीटर पैदल रास्ता ध्लस्त हो गया है।
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लामारी से बूंदी तक आवागमन वाहन से हो रहा है। फाग्ती फाल से वैकल्पिक मार्ग बनाया गया है। 250 मीटर लंबाई के पैदल मार्ग में कटिंग और दीवार का निर्माण किया जाना आवश्यक है। बताया है कि फाग्ती फॉल में 10 मीटर का अस्थाई पुल का निर्माण कराना जरूरी है। मालपा में रास्ता कम चौड़ा होने के कारण घोड़े-खच्चर के आवागमन में दिक्कत आएगी। उधर, नाभी निवासी दीवान सिंह नबियाल ने बताया है कि बूंदी से नजंग तक रास्ता खतरनाक बना हुआ है। थोड़ी सी भी असावधानी में हादसा हो सकता है।
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कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर एसडीएम ने दिए निर्देश
धारचूला। उपजिलाधिकारी वरुण अग्रवाल ने कैलाश मानसरोवर यात्रा और माइग्रेशन को लेकर विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। एसडीएम ने लोक निर्माण विभाग और बीआरओ के अधिकारियों को कैलाश यात्रा और माइग्रेशन को देखते हुए सड़क और पैदल रास्ते को ठीक रखने के निर्देश दिए।

कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा, माइग्रेशन, भारत-तिब्बत व्यापार और कैलाश पर्वत के दर्शनों के लिए जाने वाले सैलानियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए भारत-चीन व्यापार समिति के अध्यक्ष जीवन रौंकली, उपाध्यक्ष दिनेश गुंज्याल ने बारिश से सामान को बचाने के लिए रास्ते में टिनशैड बनाने की मांग की। कहा कि व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों को इनर लाइन छियालेख, कालापानी, नाभीढांग और कुटि के लिए वोटर कार्ड, आधार कार्ड और ग्राम प्रधान के पास पर जाने देने की मांग की।


एसडीएम ने एसएसबी और आईटीबीपी के लोगों को स्थानीय लोगों को आवागमन में छूट देने के निर्देश दिए। बीएसएनएल के जेटीओ जितेंद्र सिंह नेगी ने सड़क कटिंग के दौरान ओएफसी लाइन कटने की जानकारी दी। बैठक में लोनिवि, आईटीबीपी, एसएसबी, बीआरओ, खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारी मौजूद थे।
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