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कैलास यात्रियों की दुर्गम पैदल यात्रा शुरू

Tue, 14 Jun 2016 10:30 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला Updated Tue, 14 Jun 2016 10:30 PM IST
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Kailash start hiking inaccessible to passengers
कैलास यात्रियों की दुर्गम पैदल यात्रा शुरू - फोटो : अमर उजाला

कैलास मानसरोवर यात्रियों का पहला दल बेस कैंप धारचूला से रवाना हो गया है। इसी के साथ मंगलवार से 65 किमी की दुर्गम पदयात्रा भी शुरू हो गई है। कुमाऊं मंडल विकास निगम के आधार कैंप में हुए कार्यक्रम में निगम के प्रबंध निदेशक धीरज गर्ब्याल ने दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि भारत के पौराणिक ग्रंथों में लिपुलेख के रास्ते कैलास यात्रा के साक्ष्य भरे पड़े हैं, किंतु 1962 में भारत-चीन युद्ध के बाद लगभग 20 वर्ष यह यात्रा प्रभावित रही। वर्ष 1981 से पुन: इस यात्रा को शुरू किया गया, तब से अब तक 406 दलों में 14,317 यात्रियों ने कैलास दर्शन किए।

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कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसडीएम संतोष पांडे ने कहा कि महादेव की विशेष कृपा से ही कैलास दर्शन का अवसर मिलता है। लायजन ऑफीसर बिहार के मृत्युंजय कुमार ने कहा कि इस यात्रा दल में आठ महिलाओं सहित 55 सदस्य हैं तथा सभी राज्यों से लोग आए हैं। उत्तराखंड से भी दो लोग हैं। यात्रा में आठवीं बार जा रहे जोगिंद्र खत्री ने कहा कि प्रतिवर्ष यात्रा शुरू होते ही भोले के दर्शन को मन व्याकुल हो जाता है। हौसंगाबाद मध्यप्रदेश से आए श्रद्धालु दंपति राकेश देवास्कर एवं उनकी पत्नी प्रीति ने कहा कि पूरा उत्तराखंड सादगी और ताजगी से परिपूर्ण हैं। चार बार कैलास दर्शन कर चुकी चेन्नई की पार्वती देवी कहती हैं कि हर बार कैलास में अलग अनुभूति होती है।
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यात्राधिकारी यतीश पंत एवं दीवान बिष्ट ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के सारे प्रयास निगम ने करे हैं। इस दौरान नगरपालिका की पूर्व अध्यक्ष सावित्री गर्ब्याल, प्रद्युम्न गर्ब्याल, भीम सिंह रावत, रं कल्याण संस्था के संरक्षक महिमन ह्यांकी, व्यापार संघ अध्यक्ष भूपेंद्र थापा, दलबहादुर सिंह, जिला अपर मुख्य चिकित्साधिकरी डा. ऊषा गुंज्याल, पुलिस क्षेत्राधिकारी ज्ञान सिंह नेगी, थानाध्यक्ष बलवंत कंबोज, कुमाऊं स्काउट्स के उप कमान अधिकारी गिरीश जोशी, सूबेदार मेजर पीतांबर भट्ट, जिला साहसिक खेल प्रबंधक दिनेश गुरुरानी आदि थे। बता दें कि दिल्ली से नारायण आश्रम तक 635 किमी मोटर मार्ग एवं नारायणआश्रम से लिपूपास तक 82 किमी की पैदल यात्रा भारत सीमा में की जाती है तथा तिब्बत में यात्रियों को लगभग 50 किमी पैदल और 193 किमी यात्रा वाहन से करनी पड़ती है।

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