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Pithoragarh: पहली बार आदि कैलाश के दर्शन भी करेंगे मानसरोवर यात्रा से लौटते श्रद्धालु, ऐतिहासिक होगी यात्रा
Wed, 28 May 2025 12:47 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
अमर उजाला नेटवर्क, पिथौरागढ़
Updated Wed, 28 May 2025 12:47 PM IST
सार
कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार ऐतिहासिक होगी। पिथौरागढ़ के लिपुलेख दर्रे से यात्रा करने वाले कैलाश मानसरोवर यात्री भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल आदि कैलाश के दर्शन भी कर सकेंगे।
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आदि कैलाश
विस्तार
पांच वर्ष बाद शुरू हो रही कैलाश मानसरोवर यात्रा इस बार ऐतिहासिक होगी। पिथौरागढ़ के लिपुलेख दर्रे से यात्रा करने वाले कैलाश मानसरोवर यात्री भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल आदि कैलाश के दर्शन भी कर सकेंगे। यात्री मानसरोवर से भारत लौटने के बाद ज्योलिंगकांग स्थित आदि कैलाश जाएंगे। ऐसा पहली बार होगा जब कैलाश मानसरोवर यात्री भगवान शिव के दोनों स्थलों के दर्शन एक ही बार में कर सकेंगे।
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कोविड-19 और चीन के साथ विवाद के चलते 2020 से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर रोक लगा दी गई थी। पांच साल बाद शुरू होने जा रही यात्रा इस बार उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे और सिक्किम के नाथुला दर्रे से होगी। इसमें 50-50 यात्रियों के 15 दल यात्रा पर जाएंगे। 10 दल नाथुला दर्रे से जबकि पांच दल लिपुलेख दर्रे से तिब्बत में प्रवेश करेंगे।
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विदेश मंत्रालय की ओर से आयोजित इस यात्रा में खास बात यह है कि उत्तराखंड के लिपुलेख दर्रे से पवित्र भूमि कैलाश मानसरोवर जाने वाले यात्री वापसी में भगवान शिव के प्राचीन निवास स्थल कहे जाने वाले आदि कैलाश पर्वत और पार्वती सरोवर के दर्शन कर सकेंगे। पिथौरागढ़ के लिपुलेख पास मार्ग से संचालित होने वाली यात्रा का संचालन कुमाऊं मंडल विकास निगम करेगा। धारचूला से लिपुलेख तक यात्रा के सफल संचालन में आईटीबीपी सहयोग करेगी। 30 जून से 25 अगस्त तक यह यात्रा चलेगी। कैलाश मानसरोवर यात्रा को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। यात्रियों के लिए केएमवीएन की ओर से हट्स बनाए गए हैं।
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दिल्ली से टनकपुर होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचेंगे यात्री
पूर्व में कैलाश यात्रा काठगोदाम-अल्मोड़ा से होकर संचालित होती थी। इस वर्ष कैलाश मानसरोवर यात्री दिल्ली से टनकपुर होते हुए पिथौरागढ़ पहुंचेंगे। एक रात ठहरने के बाद यहां से आधार शिविर धारचूला के लिए रवाना हाेंगे। यात्रियों के लिए बुंदी, गुंजी, नाभीढांग और ज्योलिंगकांग में चार पड़ाव बनाए गए हैं। इस वर्ष यात्रा में बुंदी पड़ाव काे भी शामिल किया गया है। पहले इस पड़ाव को समाप्त कर दिया गया था। यात्री आधार शिविर धारचूला से यात्रा पर निकलेंगे और पहले दिन बुंदी में रुकेंगे। इसके बाद गुंजी में दो दिन रुकेंगे। जहां पर दूसरे दिन गहनता से स्वास्थ्य परीक्षण होगा। मेडिकल फिट होने के बाद ही यात्रियों को अगले पड़ाव नाभिढांग के लिए जाने की अनुमति मिलेगी। वापसी में डीडीहाट, चौकोड़ी होते हुए अल्मोड़ा और वहां से हल्द्वानी के लिए रवाना होगी।
कैलाश मानसरोवर यात्रा की तैयारियां की जा रही हैं। कुमाऊं मंडल विकास निगम के आवास गृहों को ठीक करने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पांच वर्ष बाद शुरू होने जा रही इस यात्रा से जिले के पर्यटन को नए आयाम मिलेंगे। - विनोद गोस्वामी, जिलाधिकारी, पिथौरागढ़