उत्तराखंड: नम आंखों से किया शहीद दिनेश का अंतिम संस्कार, पार्थिव शरीर देख फफक पड़े परिजन
आईटीबीपी की चौथी वाहिनी में तैनात जवान दिनेश सिंह बोहरा की मंगलवार को पहलगाम में हुई बस दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनकी पार्थिव देह दिल्ली तक हवाई जहाज से लाई गई।
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ड्यूटी के दौरान जम्मू के पहलगाम में हुए बस हादसे में जान गंवाने वाले पिथौरागढ़ के भुरमुनि गांव निवासी दिनेश सिंह बोहरा पंचतत्व में विलीन हो गए। उनका स्थानीय आंवलाघाट पर सैन्य सम्मान के साथ गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
...जो लौट के घर ना आए: आज तक दिल में है कसक, साथ गए जवानों को वापस न ला सके, पूर्व सैनिकों ने बयां किया दर्द
आईटीबीपी की चौथी वाहिनी में तैनात जवान दिनेश सिंह बोहरा की मंगलवार को पहलगाम में हुई बस दुर्घटना में मौत हो गई थी। उनकी पार्थिव देह दिल्ली तक हवाई जहाज से लाई गई। दिल्ली से वाहन के जरिये पार्थिव देह बृहस्पतिवार सुबह पैतृक गांव पहुंचाई गई। जैसे ही पार्थिव देह गांव पहुंची तो पूरा माहौल गमगीन हो गया। इस दौरान जवान की माता गीता देवी, पत्नी बबीता और पिता पूरन सिंह सहित अन्य परिजन बिलख पड़े। सभी परिजनों ने दिनेश के अंतिम दर्शन किए।
आईटीबीपी 14वीं वाहिनी के कमांडेंट हरेंद्र सिंह चौहान, उप सेनानी शैलेंद्र नौडियाल, सहायक सेनानी प्रशांत कुमार, राकेश कुमार ने जवान को श्रद्धांजलि दी और परिजनों को सांत्वना दी। अंतिम दर्शन को पहुंचे जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र बोहरा सहित बड़ी संख्या में लोगों ने भी जवान को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद स्थानीय आंवलाघाट में सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
प्रशासन की ओर से एसडीएम सुंदर सिंह ने आंवलाघाट पहुंचकर चिता पर पुष्पचक्र अर्पित किया। चाचा दीवान सिंह ने मुखाग्नि दी। आईटीबीपी के जवानों की टुकड़ी ने अंतिम सलामी दी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे।
घायल आईटीबीपी कर्मी ने वीडियो कॉल कर कहा-मैं ठीक हूं...
जम्मू के पहलगाम में आईटीबीपी (भारत तिब्बत सीमा पुलिस) के जवानों से भरी बस के खाई में गिरने से घायल हुए कर्मियों में चंपावत जिले के देवीधुरा निवासी नंदन सिंह चम्याल भी शामिल हैं। घायल सूबेदार मेजर का इलाज श्रीनगर के अस्पताल में चल रहा है। परिजनों की बुधवार शाम घायल नंदन सिंह चम्याल से वीडियो कॉल से बात हुई जिसमें उन्होंने कहा मैं ठीक हूं। यह सुनकर परिजनों की चिंता दूर हुई।
देवीधुरा के पखोटी गांव के सूबेदार मेजर नंदन सिंह चम्याल (50) आईटीबीपी की चौथी बटालियन में अरुणांचल प्रदेश में तैनात हैं। बीते डेढ़ महीने से उनकी ड्यूटी अमरनाथ यात्रा में लगी थी। अमरनाथ यात्रा की ड्यूटी के बाद चंदनवाड़ी से पहलगाम जाते समय उनकी बस बीती 16 अगस्त को खाई में गिर गई थी। हादसे में 30 जवान जख्मी हो गए थे। इन्हीं घायल जवानों में नंदन सिंह चम्याल भी थे। सिर के अलावा शरीर के कई हिस्सों में उन्हें चोट आई है। गंभीर रूप से घायल चम्याल का श्रीनगर में इलाज चल रहा है।
हादसे की जानकारी के बाद बेटे चेतन चम्याल, त्रिभुवन चम्याल और गौरव सिंग्वाल दिल्ली पहुंचे। परिजनों का कहना है कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि सूबेदार मेजर चम्याल को श्रीनगर से इलाज के लिए दिल्ली लाया जाएगा या नहीं। सूबेदार मेजर चम्याल के दो बेटे और दो बेटी हैं। सभी पढ़ाई कर रहे हैं।