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Pithoragarh News: लोनिवि की भूमि पर ट्रामा सेंटर बनाने की पहल फिर शुरू
Thu, 20 Feb 2025 11:17 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 20 Feb 2025 11:17 PM IST
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पिथौरागढ़। जिला अस्पताल से लगे लोनिवि कार्यालय की भूमि पर ट्रामा सेंटर बनाने के साथ ही अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की पहल फिर शुरू हुई है। लोनिवि को कार्यालय स्थानांतरण के लिए ल्यूंठूड़ा में जमीन मिलेगी। यह योजना सफल रही तो जिले में ट्रामा सेंटर अस्तित्व में आएगा इसका लाभ सीमांत के लोगों को मिलेगा।
वर्ष 2010 में घंटाकरण स्थित लोनिवि की भूमि पर ट्रामा सेंटर बनाने की कार्रवाई शुरू हुई। योजना का उद्देश्य जिला अस्पताल से लगी जमीन पर ट्रामा सेंटर बनाने के साथ ही अन्य सुविधाओं का विस्तार करना था। योजना के तहत लोनिवि को कार्यालय शिफ्ट करने के लिए सात नाली से अधिक जमीन दी जानी थी।
इसकी फाइल शासन स्तर पर भी दौड़ी लेकिन भाटकोट में लोनिवि के लिए सिर्फ चार नाली जमीन मिलने से योजना पर ब्रेक लग गया। ऐसे में ट्रामा सेंटर नहीं होने से आज भी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
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अधिकारियों के मुताबिक अब शासन स्तर पर लोनिवि की जमीन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू हुई है। ल्यूंठूड़ा में लोनिवि का कार्यालय शिफ्ट करने के लिए भूमि चिह्नित की गई है। दोनों विभाग सहमत हुए तो सीमांत के लोगों को ट्रामा सेंटर की सौगात मिल सकती है।
योजना सफल रही तो अस्तित्व में आएगा सुपर स्पेशियलिटी विभाग
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पर्याप्त जगह न होने से ट्रामा सेंटर के साथ ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग अस्तित्व में नहीं आ सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोनिवि कार्यालय की भूमि पर ट्रामा सेंटर के साथ ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग को धरातल पर उतारने की योजना है। ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल के नजदीक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि लोनिवि कार्यालय की जमीन पर ट्रामा सेंटर बनाने सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना है। जानकारी है कि इस पर शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है। यदि ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी इसका सीधा लाभ यहां के लोगों को मिलेगा। -
लोनिवि के ईई विवेक सक्सेना का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में शासन स्तर से कोई पत्र नहीं मिला है। शासन से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे इसके अनुसार कार्य किया जाएगा। लोनिवि कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए लंबे समय से भूमि चयन की प्रक्रिया गतिमान है।
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वर्ष 2010 में घंटाकरण स्थित लोनिवि की भूमि पर ट्रामा सेंटर बनाने की कार्रवाई शुरू हुई। योजना का उद्देश्य जिला अस्पताल से लगी जमीन पर ट्रामा सेंटर बनाने के साथ ही अन्य सुविधाओं का विस्तार करना था। योजना के तहत लोनिवि को कार्यालय शिफ्ट करने के लिए सात नाली से अधिक जमीन दी जानी थी।
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इसकी फाइल शासन स्तर पर भी दौड़ी लेकिन भाटकोट में लोनिवि के लिए सिर्फ चार नाली जमीन मिलने से योजना पर ब्रेक लग गया। ऐसे में ट्रामा सेंटर नहीं होने से आज भी दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों की जान बचाने के लिए उन्हें हायर सेंटर रेफर करना पड़ता है।
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अधिकारियों के मुताबिक अब शासन स्तर पर लोनिवि की जमीन स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने की कार्रवाई शुरू हुई है। ल्यूंठूड़ा में लोनिवि का कार्यालय शिफ्ट करने के लिए भूमि चिह्नित की गई है। दोनों विभाग सहमत हुए तो सीमांत के लोगों को ट्रामा सेंटर की सौगात मिल सकती है।
योजना सफल रही तो अस्तित्व में आएगा सुपर स्पेशियलिटी विभाग
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में पर्याप्त जगह न होने से ट्रामा सेंटर के साथ ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग अस्तित्व में नहीं आ सका है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक लोनिवि कार्यालय की भूमि पर ट्रामा सेंटर के साथ ही सुपर स्पेशियलिटी विभाग को धरातल पर उतारने की योजना है। ऐसा हुआ तो जिला अस्पताल के नजदीक लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।
सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि लोनिवि कार्यालय की जमीन पर ट्रामा सेंटर बनाने सहित अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की योजना है। जानकारी है कि इस पर शासन स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है। यदि ऐसा हुआ तो निश्चित तौर पर सीमांत जिले में स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर होंगी इसका सीधा लाभ यहां के लोगों को मिलेगा। -
लोनिवि के ईई विवेक सक्सेना का कहना है कि फिलहाल इस संबंध में शासन स्तर से कोई पत्र नहीं मिला है। शासन से जो दिशा-निर्देश मिलेंगे इसके अनुसार कार्य किया जाएगा। लोनिवि कार्यालय को शिफ्ट करने के लिए लंबे समय से भूमि चयन की प्रक्रिया गतिमान है।