भारत-चीन व्यापार: 24.40 लाख का सामान लेकर तकलाकोट मंडी पहुंचे व्यापारी, 8 व्यापारी व्यापार कर लौटे भारत
लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन व्यापार चरम पर है। धारचूला के व्यापारी रतन सिंह रायपा चौथे दल के रूप में चीन की तकलाकोट मंडी के लिए रवाना हुए, साथ में करीब 24.40 लाख रुपये मूल्य का सामान निर्यात हुआ, जबकि आठ व्यापारी सामान लेकर भारत लौटे।
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लिपुलेख दर्रे से भारत-चीन व्यापार चरम पर है। बृहस्पतिवार को धारचूला के व्यापारी रतन सिंह रायपा चौथे दल के रूप में सामान लेकर चीन की तकलाकोट मंडी के लिए रवाना हुए। उनके साथ करीब 24.40 लाख रुपये मूल्य का सामान निर्यात किया गया। वहीं आठ व्यापारी व्यापार कर सामान लेकर भारत लौटे हैं। गुंजी में कस्टम विभाग सामान की जांच कर रहा है।
एसडीएम धारचूला आशीष जोशी ने बताया कि चौथे दल के रूप में व्यापारी रतन सिंह रायपा को बृहस्पतिवार को तकलाकोट के लिए रवाना किया गया। साथ ही 8 व्यापारियों ने भारतीय सीमा में प्रवेश किया है। सभी व्यापारियों के दस्तावेजों और सामानों की जांच जांच कस्टम विभाग कर रहा है। तकलाकोट में मौजूद व्यापारी महेश ह्यांकी ने दूरभाष पर जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में चीनी मंडी में 26 भारतीय व्यापारी और पांच हेल्पर मौजूद हैं। तकलाकोट मंडी के साथ ही आवाजाही के रास्तों पर काफी बर्फ जमा हो गई है इससे क्षेत्र में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में व्यापारियों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। बता देंकि व्यापार शुरू होने के शुरुआती चरणों में भी व्यापारियों को अनुमति संबंधी अड़चनों का सामना करना पड़ा था। पहले दल में 16 व्यापारी और चार हेल्पर सहित 20 लोग तकलाकोट पहुंचे थे। सितंबर में तीसरे दल के छह व्यापारी और चार हेल्पर भी 23.63 लाख रुपये का सामान लेकर रवाना हुए थे।
कल स्वदेश लौटेगा बीमार व्यापारी
एसडीएम आशीष जोशी ने बताया कि तकलाकोट में मौजूद व्यापारी प्रेम सिंह गर्ब्याल (60 वर्ष) लकवाग्रस्त हुए हैं। तलकोट में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि बीमार व्यापारी शुक्रवार यानि आज स्वदेश लौटेंगे। इसके बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।