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साड़ियों में दिखेगी चेली ऐंपण की छाप
कालिका रावल/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Thu, 18 Oct 2018 10:39 PM IST
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पिथौरागढ़ में ऐंपण कला का प्रशिक्षण लेती युवतियां
- फोटो : अमर उजाला
जिला उद्योग केंद्र की कवायद कारगर हुई तो जल्द ही ऐंपण (अल्पना) एक उद्योग का स्वरूप लेगा। साड़ियों के साथ ही सजावटी और किचन आइटमों में ऐंपण की छाप रहेगी। उद्योग विभाग चेली नाम से ऐंपण बाजार में उतारेगा। इसके लिए नेशनल एवं मल्टी नेशनल कंपनियों से करार होगा।
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उद्योग विभाग की योजना के अनुसार कपड़ों में रंगोली बनाई जाएगी। उसकी फ्रेमिंग कर बाजार में लाया जाएगा। पेन, डायरी, कलेंडर, घर के सजावटी सामान, किचन आइटम के साथ ही साड़ी, दुपट्टे, कुर्तियों में ऐंपण की सुंदर नक्काशी की जाएगी। ऐंपण युक्त सामग्री को घर-घर की पसंद बनाने की योजना है। योजना को धरातल में उतारने के लिए उद्योग विभाग ने महिलाओं को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। विभाग की योजना कोआपरेटिव सोसायटी बनाकर महिलाओं को ऐंपण उद्योग से जोड़ने की है।
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जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक कविता भगत बताती हैं कि चेली एेंपण की ऑनलाइन मार्केटिंग की जाएगी। इसके लिए नेशनल, मल्टीनेशनल कंपनियों से करार किया जाएगा। उद्योग विभाग जिला और राज्य स्तर पर लगने वाली प्रदर्शनियों में चेली ऐंपण को मुफ्त में स्टाल उपलब्ध कराएगा। दिल्ली हाट अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में भी चेली ऐंपण का स्टाल लगेगा।
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13 अक्तूबर से 20 महिलाओं को एक महीने का ऐंपण कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। महिलाएं आधुनिक तकनीक से ऐंपण बनाना सिखेंगी। -कविता भगत, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र