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वायुसेना के चॉपर से मुख्यालय पहुंचाया संदिग्ध युवक
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 09 Mar 2018 10:25 PM IST
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पाछू गांव में मिला संदिग्ध लल्लू
- फोटो : अमर उजाला
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उच्च हिमालयी क्षेत्र के पांछू गांव से पकड़ा गया संदिग्ध युवक भारतीय वायुसेना के चॉपर एमआई-17 से पिथौरागढ़ लाया गया है। हालत खराब होने के चलते उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों के साथ ही खुफिया पुलिस ने भी संदिग्ध युवक से पूछताछ की।
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शुक्रवार को वायुसेना का चॉपर संदिग्ध युवक को लेकर नैैनीसैनी हवाई पट्टी पर उतरा। वायुसेना और आईटीबीपी के जवानों ने युवक को नायाब तहसीलदार भरत साही और राजस्व उपनिरीक्षक गोपाल डीनियां को सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा कोतवाली पुलिस की अभिरक्षा में दे दिया। अस्पताल पहुंचे एसडीएम संतोष पांडेय, कोतवाली से एसआई हीरा सिंह डांगी ने युवक के इलाज के संबंध में जानकारी ली। पुलिस प्रशासन के साथ ही खुफिया पुलिस ने भी युवक से पूछताछ की। पूछताछ मेें मिली जानकारियों के आधार पर युवक की पहचान मध्य प्रदेश के जिला रावी के चिरौटा निवासी लल्लू के रूप में हुई है।
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युवक आदिवासी जनजाति का है। शरीर पर पहने कपड़ों के सिवा कोई सामान या पहचान का कोई दस्तावेज तक उसके पास नहीं मिला है। युवक की बिगड़ी मानसिक एवं शारीरिक हालत के चलते ज्यादा जानकारी नहीं मिल पाई है। पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारियों की तस्दीक में जुट गई है। साथ ही पते और परिजनों की तलाश शुरू कर दी है। बता दें कि तीन मार्च को आईटीबीपी ने गश्त के दौरान मिलम ग्लेशियर के पास पांछू गांव से इस युवक को पकड़ा था।
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गैंगरीन का शिकार है युवक
जिला अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि भर्ती युवक का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है और वह गैंगरीन का शिकार है। नाम-पते के अलावा कोई भी स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहा है। उसके दोनों पंजे बर्फ से गल गए हैं। पीड़ित को सघन चिकित्सा निगरानी में रखा गया है।
संवेदनशील भारत-चीन सीमा पर घुसपैठ से सुरक्षा पर उठे सवाल
लगभग 13 हजार फुट ऊंचाई पर संदिग्ध युवक के पकड़े जाने के बाद भारत-चीन सीमा पर सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। इससे पुलिस प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के चौकसी दावों की पोल भी खुल गई है। एमपी का युवक बिना रोकटोक मुनस्यारी से 65 किमी दूर मिलम ग्लेशियर तक पहुंच गया, लेकिन पुलिस और खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं लगी। बता दें कि भारत-चीन सीमा पर स्थित उच्च हिमालयी क्षेत्र मेें जाने के लिए प्रशासन की अनुमति की जरूरत होती है। इससे पहले यात्री की पूरी जांच-पड़ताल और पृष्ठभूमि जांची जाती है। बाकायदा चरित्र प्रमाण पत्र जारी किया जाता है, लेकिन संदिग्ध युवक बिना जांच-पड़ताल के उच्च हिमालयी क्षेत्र तक पहुंच गया।
संदिग्ध युवक से पूछताछ के बाद मिली जानकारियों की तस्दीक कराई जा रही है। उसके सत्यापन के साथ ही परिजनों से संपर्क साधा जा रहा है। इस बात की जांच चल रही है कि युवक इतनी ऊंचाई वाले प्रतिबंधित इलाके तक कैसे पहुंचा और उस क्या मकसद था। -अजय जोशी, एसपी, पिथौरागढ़