पति, सास समेत चार को सजा
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जिला एवं सत्र न्यायालय ने दहेज के लिए एक विवाहिता का उत्पीड़न कर उसे मौत के लिए विवश करने पर उसके पति, सास, देवर और देवरानी को चार-चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में चारों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। साथ ही उत्पीड़न की एक अन्य धारा में चारों को दो-दो साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसमें भी तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न देने पर एक-एक माह की अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सिंकद कुमार त्यागी ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार गंगोलीहाट तहसील के सलाण पट्टी चोढियार अंतर्गत गोपाल सिंह की पत्नी सुनीता आठ दिसंबर 2013 को अपने घर में संदिग्ध हालत में जल गई थी। 55 फीसदी तक जली सुनीता को पहले जिला अस्पताल लाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे सुशीला तिवारी अस्पताल हल्द्वानी ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी 24 दिसंबर 2013 को मृत्यु हो गई। 25 दिसंबर 2013 को मृतका के पिता खतीगांव बुंगली गंगोलीहाट निवासी उमेद सिंह ने मृतका के पति गोपाल सिंह, देवर सोबन सिंह, देवरानी और सास के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।
पहले रिपोर्ट में धारा 302 और 304 बी को भी शामिल किया गया था, लेकिन अदालत में इन दोनों धाराओं में आरोप साबित नहीं हो पाया। अदालत ने धारा 306 और 498 ए में चारों को दोषी मानते हुए मंगलवार को सजा सुनाई। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में सात गवाह अदालत में पेश किए।