{"_id":"663d07a2f9cf8920f40d8bbf","slug":"husband-and-brother-in-law-sentenced-to-five-years-each-for-inciting-suicide-pithoragarh-news-c-230-1-shld1025-113114-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति और जेठ को पांच-पांच साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: आत्महत्या के लिए उकसाने पर पति और जेठ को पांच-पांच साल की कैद
Thu, 09 May 2024 10:58 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 09 May 2024 10:58 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़। महिला को प्रताड़ित कर उसे आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले जेठ और पति को अदालत ने पांच-पांच साल के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। महिला इतना प्रताड़ित हो गई थी कि उसने पहले तीन साल की बच्ची को फांसी के फंदे से लटकाया फिर खुद फंदे पर झूल गई थी।
राजस्व क्षेत्र सिंगाली में जुलाई 2020 मामला दर्ज कराया गया था। मृतका के परिजनों का आरोप था कि उनकी बेटी भागीरथी देवी को पति कुशल सिंह और जेठ जीवन सिंह खड़ायत प्रताड़ित करते थे जिस कारण उसने बेटी सहित आत्महत्या कर ली है। उन्होंने बेटी और पोती की मौत का जिम्मेदार भागीरथी के पति और जेठ को ठहराया। इस मामले में धारा-306 के तहत केस दर्ज किया गया।
सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने मृतका के पति कुशल सिंह को धारा-306 में आरोप सिद्ध होने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी तर धारा-498ए में तीन वर्ष का कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
अदालत ने दूसरे दोषी जीवन सिंह को धारा-306 में पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार क जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा-498ए में तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।
विज्ञापन
राजस्व क्षेत्र सिंगाली में जुलाई 2020 मामला दर्ज कराया गया था। मृतका के परिजनों का आरोप था कि उनकी बेटी भागीरथी देवी को पति कुशल सिंह और जेठ जीवन सिंह खड़ायत प्रताड़ित करते थे जिस कारण उसने बेटी सहित आत्महत्या कर ली है। उन्होंने बेटी और पोती की मौत का जिम्मेदार भागीरथी के पति और जेठ को ठहराया। इस मामले में धारा-306 के तहत केस दर्ज किया गया।
विज्ञापन
सत्र न्यायाधीश शंकर राज ने मृतका के पति कुशल सिंह को धारा-306 में आरोप सिद्ध होने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसी तर धारा-498ए में तीन वर्ष का कारावास और 25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
अदालत ने दूसरे दोषी जीवन सिंह को धारा-306 में पांच वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 50 हजार क जुर्माना लगाया। जुर्माना नहीं देने पर दो वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा-498ए में तीन वर्ष के कारावास और 25 हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।