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‘ये कैसी नादानी बलम मेरी अंखियां’
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 03 Feb 2017 10:50 PM IST
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पिथौरागढ़ में होली संग्रह का विमोचन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीरामलीला प्रबंधकारिणी समिति पिथौरागढ़ के हॉल में बृहस्पतिवार देर रात तक बैठकी होली का आयोजन किया गया। इस दौरान बैठकी होली संकलन का विमोचन भी किया गया।
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बैठकी होली में प्रोफेसर बीके कर्नाटक ने आयो वसंत सभी बन फूल अपने पिया को मनाले, केदार भट्ट ने शुभ मंगलमय होली, गजेंद्र अधिकारी ने ये कैसी नादानी बलम मेरी अंखियां, केदार खर्कवाल ने पिया तो मानत नहीं, मनीष पांडेय ने राग वसंत पर होली सजनी करे सोलह शृृंगार, कमल ने गाओ वसंत बहार, जनार्दन पांडेय ने धमार, कृष्ण अवस्थी ने फाग खेलन चली आई, डा. सीबी जोशी ने मैं पिया की अलबेली बलम संग खेलूंगी होली और हिमांशु पंत ने परज गाकर सुनाया। तबले पर धरणीधर पांडेय, संतोष साह, भुवन पांडे, डीपी पांडेय, संदीप पांडेय, कमल जोशी, राजीव पांडेय और रविकुमार ने संगत दी।
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शारदा वंदना कमल कुमार और राजीव कुमार ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में बसंत बल्लभ पांडे, दुर्गादत्त पांडेय, दिनेश चंद, पवन जोशी, दीपक नगरकोटी, पंकज जुकरिया, दीपक लुंठी, राजेंद्र चिलकोटी आदि मौजूद थे। इससे पहले हुए विमोचन कार्यक्रम में संग्रहकर्ता जनार्दन पांडेय ने बताया कि संकलन में प्रतिष्ठित होली गायकों के साथ ही स्थानीय होली गायकों की रचनाओं को भी स्थान दिया गया है। संकलन में रचनाकार प्रमोद पांडेय, डा. सीबी जोशी और केदार खर्कवाल के होलीगीत भी शामिल हैं। संग्रह तैयार करने में नारायणदत्त शर्मा ने सहयोग दिया है। जगदीश पुनेड़ा की प्रेरणा से होली संकलन का प्रकाशन किया गया है।
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