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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Houses should not overweight

ज्यादा वजन वाले मकान न बनाएं

Wed, 06 Jul 2016 10:23 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट
ब्यूरो/अमर उजाला, डीडीहाट Updated Wed, 06 Jul 2016 10:23 PM IST
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Houses should not overweight
आपदा प्रभावितों की समस्या सुनते मुख्यमंत्री - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने लोगों को सलाह दी है कि पहाड़ पर ज्यादा वजन वाले मकान न बनाएं। कोशिश करें कि मकान कम वजन वाले हों, ताकि उनके टूटने से नुकसान कम हो। मुख्यमंत्री ने बुधवार की सुबह यहां पिछले दिनों की आपदा से प्रभावित लोगों से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सरकारी भवनों को भी कम वजन का ही तैयार किया जाएगा। शासन इस तरह की नीति अपनाने जा रही है।

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मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि 30 जून को भारी बारिश के दौरान डीडीहाट नगर में 141 मकान को नुकसान पहुंचा, इनमें से 44 परिवारों को तात्कालिक सहायता के तौर पर धनराशि दी गई है। नगर पंचायत अध्यक्ष कवींद्र शाही ने कहा कि नगर पंचायत क्षेत्र में रास्तों, नालियों एवं सड़कों को करीब पांच करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने व्यवस्था को ठीक करने के लिए तत्काल राशि उपलब्ध कराने की मांग की।
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मुख्यमंत्री ने आयुक्त को निर्देश दिए कि डीडीहाट और मुनस्यारी तहसील में जितने इलाके में नुकसान हुआ है उसकी रिपोर्ट तैयार करें, जिन परिवारों को शिफ्ट करने की जरूरत है, उनको तत्काल शिफ्ट करें। आयुक्त एएस नयाल ने इस संबंध में अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। कहा है कि कोई भी अधिकारी अपने क्षेत्र को नहीं छोड़ेगा, यदि कहीं पर कर्मचारियों और अधिकारियों के स्तर से लापरवाही सामने आएगी तो उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाएगी। डीडीहाट में कई आपदा पीड़ितों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की और नुकसान की जानकारी दी। 
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कल से बंद हो जाएगा बस्तड़ी में खोजबीन का काम
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने आदेश दिया है कि बस्तड़ी में दबे लोगों की खोजबीन का काम बृहस्पतिवार तक ही चलेगा। इस दौरान जेसीबी और पोकलैंड की मदद से पूरे प्रभावित इलाके में खुदाई की जाएगी। अब सरकार और प्रशासन यह मान चुका है कि बस्तड़ी में मलबे में दबे किसी व्यक्ति के जीवित बचे होने की कोई संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी से कहा कि बस्तड़ी में बृहस्पतिवार तक खोजबीन जारी रखा जाए। उसके बाद मजिस्ट्रेटी जांच शुरू करें। धारचूला के एसडीएम एसके पांडे को मजिस्ट्रेटी जांच का काम सौंपा गया है। सीएम ने कहा कि मजिस्ट्रेटी जांच पूरी होते ही मलबे में दबे लोगों को मृत घोषित कर दिया जाएगा। उनके परिजनों को शासन से मिलने वाली धनराशि प्रदान कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तड़ी में मलबा बहुत अधिक है। मलबे में दबे लोग काफी गहराई में फंस गए होंगे। उन्होंने कहा कि अब खोजबीन में ताकत लगाने के बजाए लोगों के पुनर्वास की दिशा में काम किया जाए। बस्तड़ी से बृहस्पतिवार को सेना, आईटीबीपी, एसएसबी और एनडीआरएफ की टीम हट जाएगी।

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