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Pithoragarh News: हाईवे बन रहा तालाब, सूखी नालियां खोल रहीं विकास की पोल
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फोटो-08 पीटीएच 16 पी-इसी स्थान पर हाईवे किनारे सूखी नाली। संवाद
पिथौरागढ़। प्रदेश के साथ ही सीमांत की प्रमुख सड़कों को बेहतर बनाने के दावे तो खूब हो रहे हैं जो धरातल पर बेअसर हैं। मानसूनकाल में इन सड़कों की असल हकीकत सामने आ रही है। पर्यटन और सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा के साथ ही आदि कैलाश और मानसरोवर को जोड़ने वाले धारचूला हाईवे पर करोड़ों रुपये खर्च कर डामरीकरण और नालियों का निर्माण हुआ। डामरीकरण इस तरह किया गया कि बारिश का पानी नालियों तक नहीं पहुंच रहा है। नालियां सूखीं हैं और हाईवे तालाब में तब्दील हो रहा है।
नैनीपातल, सिरड़, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना मुख्य बाजार के साथ ही हाईवे के अन्य हिस्से में जगह-जगह जलभराव होने से वाहन चालक, यात्रियों, राहगीरों के साथ ही किनारे रहने वाले लोग खासे परेशान हैं। सड़क पर जमा पानी उछलकर वाहनों के शीशे तक पहुंच रहा है इससे चालकों को खासी परेशानी हो रही है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वहीं जलभराव होने से बारिश में पानी घरों और किनारे बनी दुकानों में घुसने से लोग परेशान हैं। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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कनालीछीना में दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को हुआ है नुकसान
पिथौरागढ़। हाईवे पर कनालीछीना मुख्य बाजार में जलभराव की दिक्कत व्यापारियों पर भारी पड़ी है। बीते दिनों भारी बारिश के बाद सड़क पर जलभराव हुआ। निकासी न होने से पानी छह से अधिक दुकानों में घुस गया, इससे दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
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कलवर्ट बंद करने से बढ़ी दिक्कत
पिथौरागढ़। सड़कों पर जलभराव का सबसे बड़ा कारण कलवर्ट का बंद होना है। हाईवे पर एक किलोमीटर के दायरे में छह से सात कलवर्ट बनाने का नियम है। चौड़ीकरण से पूर्व मानकों के अनुरूप कलवर्ट अस्तित्व में थे। चौड़ीकरण के दौरान अधिकतर कलवर्ट बंद कर दिए गए। इसकी कीमत हाईवे किनारे बसे लोग और इस पर सफर करने वाले यात्री व वाहन चालक चुका रहे हैं।
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-मानसूनकाल में सड़कों पर जलभराव से बचने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को उचित नाली निकास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि हाईवे पर इस तरह की दिक्कत आ रही है तो कार्यदायी संस्था को संज्ञान लेने के लिए कहा जाएगा।
- भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़
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नैनीपातल, सिरड़, पलेटा, सतगढ़, कनालीछीना मुख्य बाजार के साथ ही हाईवे के अन्य हिस्से में जगह-जगह जलभराव होने से वाहन चालक, यात्रियों, राहगीरों के साथ ही किनारे रहने वाले लोग खासे परेशान हैं। सड़क पर जमा पानी उछलकर वाहनों के शीशे तक पहुंच रहा है इससे चालकों को खासी परेशानी हो रही है। ऐसे में दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। वहीं जलभराव होने से बारिश में पानी घरों और किनारे बनी दुकानों में घुसने से लोग परेशान हैं। ऐसे में सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
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कनालीछीना में दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को हुआ है नुकसान
पिथौरागढ़। हाईवे पर कनालीछीना मुख्य बाजार में जलभराव की दिक्कत व्यापारियों पर भारी पड़ी है। बीते दिनों भारी बारिश के बाद सड़क पर जलभराव हुआ। निकासी न होने से पानी छह से अधिक दुकानों में घुस गया, इससे दुकानदारों को भारी नुकसान झेलना पड़ा है।
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कलवर्ट बंद करने से बढ़ी दिक्कत
पिथौरागढ़। सड़कों पर जलभराव का सबसे बड़ा कारण कलवर्ट का बंद होना है। हाईवे पर एक किलोमीटर के दायरे में छह से सात कलवर्ट बनाने का नियम है। चौड़ीकरण से पूर्व मानकों के अनुरूप कलवर्ट अस्तित्व में थे। चौड़ीकरण के दौरान अधिकतर कलवर्ट बंद कर दिए गए। इसकी कीमत हाईवे किनारे बसे लोग और इस पर सफर करने वाले यात्री व वाहन चालक चुका रहे हैं।
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-मानसूनकाल में सड़कों पर जलभराव से बचने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को उचित नाली निकास की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि हाईवे पर इस तरह की दिक्कत आ रही है तो कार्यदायी संस्था को संज्ञान लेने के लिए कहा जाएगा।
- भूपेंद्र महर, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी, पिथौरागढ़