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Pithoragarh News: वार्डों में लगे हीटर, बरामदे में ठिठुर रहे हैं मरीज
Sat, 30 Nov 2024 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sat, 30 Nov 2024 11:56 PM IST
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पिथौरागढ़। हिमालय के नजदीक बसे सीमांत जिले में हर दिन ठंड में इजाफा हो रहा है। पाले का दौर भी शुरू हो गया है लेकिन जिला अस्पताल में मरीजों, तीमारदारों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। स्टोर रूम से निकलकर वार्डों में लगे पुराने हीटर तो यहां भर्ती मरीजों को कुछ हद तक राहत दे रहे हैं लेकिन बरामदे में भर्ती मरीजों और तीमारदाराें को ठंड में ठिठुरते हुए उपचार करना पड़ रहा है।
सीमांत जिले में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। पाला गिरने से रात के समय तापमान चार डिग्री तक पहुंचने लगा है। ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी ने जिला अस्पताल पहुंचकर ठंड से बचने के इंंतजामों की पड़ताल की। नए हीटरों की अब तक खरीद नहीं हुई है। वार्डों में पुराने हीटर लगाए गए हैं। कई हीटरों में रॉड खराब हैं इन्हें नहीं बदला जा सका है। हालांकि एक या दो रॉड से वार्ड में भर्ती मरीजों को कुछ हद तक राहत मिल रही है लेकिन बरामदे में भर्ती मरीज ठिठुर रहे हैं।
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वार्ड फुल होने से 16 मरीज बरामदे में उपचार करा रहे हैं लेकिन यहां एक भी हीटर नहीं लगाया गया है। ऐसे में मरीज किसी तरह मरीज गर्म कपड़ों के सहारे ठंड का असर कम करने में जुटे हैं तो तीमारदार किसी तरह यहां समय बिता रहे हैं। संवाद
ठंड में बीमारी से मरीजों का दबाव बढ़ा
पिथौरागढ़। जिले में ठंड बढ़ने से बीमारी का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। बच्चे और बुजुर्ग निमोनिया, टायफाइड की चपेट में अधिक आ रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है बीते पांच दिन में जिला अस्पताल में मरीजों का खासा दबाव बढ़ा है। पांच दिन पूर्व यहां 97 मरीज भर्ती थे जो अब बढ़कर 136 पहुंच गए हैं। अस्पताल के वार्डों की क्षमता 120 बेड की है और 16 बेड बरामदे में लगाने पड़े हैं। संवाद
महिला अस्पताल में गर्म एसी पहुंचा रहा है राहत
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में गर्म एसी जच्चा-बच्चा और गर्भवतियों को राहत पहुंचा रहे हैं। यहां के जच्चा-बच्चा वार्ड और प्रसव कक्ष में ठंड से बचने के लिए गर्म एसी लगा है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने यहां आठ से अधिक हीटर भी लगाए हैं। ऐसे में यहां प्रसव के लिए पहुंची गर्भवतियों के साथ ही जच्चा-बच्चा और तीमारदारों को खासी राहत मिल रही है।
सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि जिला अस्पताल के वार्डों में हीटर लगाए गए हैं। बरामदे में भी जल्द हीटर लगेंगे। बीते कुछ दिनों में मरीजों का दबाव बढ़ने से उन्हें बरामदे में भर्ती करना पड़ रहा है।
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सीमांत जिले में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड शुरू हो गई है। पाला गिरने से रात के समय तापमान चार डिग्री तक पहुंचने लगा है। ऐसे में जिला अस्पताल में मरीजों को ठंड से बचाने के लिए इंतजाम अब तक नहीं किए गए हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी ने जिला अस्पताल पहुंचकर ठंड से बचने के इंंतजामों की पड़ताल की। नए हीटरों की अब तक खरीद नहीं हुई है। वार्डों में पुराने हीटर लगाए गए हैं। कई हीटरों में रॉड खराब हैं इन्हें नहीं बदला जा सका है। हालांकि एक या दो रॉड से वार्ड में भर्ती मरीजों को कुछ हद तक राहत मिल रही है लेकिन बरामदे में भर्ती मरीज ठिठुर रहे हैं।
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वार्ड फुल होने से 16 मरीज बरामदे में उपचार करा रहे हैं लेकिन यहां एक भी हीटर नहीं लगाया गया है। ऐसे में मरीज किसी तरह मरीज गर्म कपड़ों के सहारे ठंड का असर कम करने में जुटे हैं तो तीमारदार किसी तरह यहां समय बिता रहे हैं। संवाद
ठंड में बीमारी से मरीजों का दबाव बढ़ा
पिथौरागढ़। जिले में ठंड बढ़ने से बीमारी का प्रकोप भी बढ़ने लगा है। बच्चे और बुजुर्ग निमोनिया, टायफाइड की चपेट में अधिक आ रहे हैं। अंदाजा लगाया जा सकता है बीते पांच दिन में जिला अस्पताल में मरीजों का खासा दबाव बढ़ा है। पांच दिन पूर्व यहां 97 मरीज भर्ती थे जो अब बढ़कर 136 पहुंच गए हैं। अस्पताल के वार्डों की क्षमता 120 बेड की है और 16 बेड बरामदे में लगाने पड़े हैं। संवाद
महिला अस्पताल में गर्म एसी पहुंचा रहा है राहत
पिथौरागढ़। महिला अस्पताल में गर्म एसी जच्चा-बच्चा और गर्भवतियों को राहत पहुंचा रहे हैं। यहां के जच्चा-बच्चा वार्ड और प्रसव कक्ष में ठंड से बचने के लिए गर्म एसी लगा है। वहीं अस्पताल प्रबंधन ने यहां आठ से अधिक हीटर भी लगाए हैं। ऐसे में यहां प्रसव के लिए पहुंची गर्भवतियों के साथ ही जच्चा-बच्चा और तीमारदारों को खासी राहत मिल रही है।
सीएमओ डॉ. जेएस नबियाल का कहना है कि जिला अस्पताल के वार्डों में हीटर लगाए गए हैं। बरामदे में भी जल्द हीटर लगेंगे। बीते कुछ दिनों में मरीजों का दबाव बढ़ने से उन्हें बरामदे में भर्ती करना पड़ रहा है।