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Pithoragarh News: 15 हजार आबादी की सेहत फार्मासिस्ट के भरोसे
Sun, 24 Dec 2023 10:36 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 24 Dec 2023 10:36 PM IST
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पिथौरागढ़। इग्यारदेवी पीएचसी का संचालन फार्मासिस्ट के भरोसे हो रहा है। पीएचसी में तैनात एकमात्र चिकित्सक के पीजी कोर्स के लिए जाने के बाद पीएचसी में मरीजों के इलाज का जिम्मा फार्मासिस्ट पर आ गया है। घाट से लेकर गुरना न्याय पंचायत की 15 हजार से अधिक आबादी इस अस्पताल पर निर्भर है।
निशनी, बेड़ा, हिमतड़, इग्यारदेवी, तोली, गोगना आदि 12 से अधिक गांवों की हजारों की आबादी प्राथमिक चिकित्सा के लिए इग्यारदेवी अस्पताल पर ही निर्भर है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के प्राथमिक इलाज भी पीएचसी में होते हैं। यहां पर तैनात चिकित्सक पीजी के लिए चले गए हैं। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
आईपीएचएस मानक के अनुसार पीएचसी में हफ्ते में 24 घंटे स्टाफ की तैनाती जरूरी है। साथ ही चार से अधिक चिकित्सक अस्पताल और अन्य स्टाफ होना चाहिए। सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने कहा कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक पीजी के लिए गए है। तब तक कोई व्यवस्था कर क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य इलाज दिया जाएगा।
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अब आना पड़ रहा है जिला मुख्यालय
पिथौरागढ़। पीएचसी इग्यारदेवी में डॉक्टर नहीं होने से क्षेत्र के लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहे हैं। जब तक डॉक्टर पीएचसी में तैनात नहीं होते हैं तब तक क्षेत्र की बड़ी आबादी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ही जाना पड़ेगा। पीएचसी में लोगों की रक्त की जांच तो होती है लेकिन उसे दिखाने के लिए डॉक्टर ही नहीं हैं। ऐसे में जब तक डॉक्टर की तैनाती नहीं होती है लोगों को जांच के लिए भी जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ेगी। संवाद
कोट
इग्यादेवी पीएचसी में मानकों के अनुसार चार चिकित्सक और पर्याप्त मात्रा में स्टाफ तैनात होना चाहिए था लेकिन वर्तमान में मात्र फार्मासिस्ट ही लोगों का इलाज कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व एनएच पर देर रात घटना होने पर इलाज के लिए पहुंचे घायलों को इलाज नहीं मिला। व्यवस्थाएं दुरुस्त की जानी चाहिए। - राजेंद्र भट्ट, राज्य आंदोलनकारी।
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पीएचसी इग्यारदेवी में स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में स्टाफ की तैनाती करनी चाहिए। गुरना न्याय पंचायत काफी बड़ी है। एनएच के समीप स्थित इस पीएचसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जरूरत है। रात या दिन में किसी भी प्रकार की घटना होने पर प्राथमिक इलाज के लिए पीएचसी ही जाना पड़ेगा। जब डॉक्टर ही नहीं होगा तो इलाज कैसे मिलेगा। - कैलाश चंद्र भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता, गुरना।
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निशनी, बेड़ा, हिमतड़, इग्यारदेवी, तोली, गोगना आदि 12 से अधिक गांवों की हजारों की आबादी प्राथमिक चिकित्सा के लिए इग्यारदेवी अस्पताल पर ही निर्भर है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग पर होने वाली दुर्घटनाओं के प्राथमिक इलाज भी पीएचसी में होते हैं। यहां पर तैनात चिकित्सक पीजी के लिए चले गए हैं। ऐसे में मरीजों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
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आईपीएचएस मानक के अनुसार पीएचसी में हफ्ते में 24 घंटे स्टाफ की तैनाती जरूरी है। साथ ही चार से अधिक चिकित्सक अस्पताल और अन्य स्टाफ होना चाहिए। सीएमओ डॉ. हीरा सिंह ह्यांकी ने कहा कि अस्पताल में तैनात चिकित्सक पीजी के लिए गए है। तब तक कोई व्यवस्था कर क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य इलाज दिया जाएगा।
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अब आना पड़ रहा है जिला मुख्यालय
पिथौरागढ़। पीएचसी इग्यारदेवी में डॉक्टर नहीं होने से क्षेत्र के लोग इलाज के लिए जिला अस्पताल जा रहे हैं। जब तक डॉक्टर पीएचसी में तैनात नहीं होते हैं तब तक क्षेत्र की बड़ी आबादी को इलाज के लिए जिला अस्पताल ही जाना पड़ेगा। पीएचसी में लोगों की रक्त की जांच तो होती है लेकिन उसे दिखाने के लिए डॉक्टर ही नहीं हैं। ऐसे में जब तक डॉक्टर की तैनाती नहीं होती है लोगों को जांच के लिए भी जिला अस्पताल की दौड़ लगानी पड़ेगी। संवाद
कोट
इग्यादेवी पीएचसी में मानकों के अनुसार चार चिकित्सक और पर्याप्त मात्रा में स्टाफ तैनात होना चाहिए था लेकिन वर्तमान में मात्र फार्मासिस्ट ही लोगों का इलाज कर रहे हैं। कुछ समय पूर्व एनएच पर देर रात घटना होने पर इलाज के लिए पहुंचे घायलों को इलाज नहीं मिला। व्यवस्थाएं दुरुस्त की जानी चाहिए। - राजेंद्र भट्ट, राज्य आंदोलनकारी।
पीएचसी इग्यारदेवी में स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त संख्या में स्टाफ की तैनाती करनी चाहिए। गुरना न्याय पंचायत काफी बड़ी है। एनएच के समीप स्थित इस पीएचसी में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की जरूरत है। रात या दिन में किसी भी प्रकार की घटना होने पर प्राथमिक इलाज के लिए पीएचसी ही जाना पड़ेगा। जब डॉक्टर ही नहीं होगा तो इलाज कैसे मिलेगा। - कैलाश चंद्र भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता, गुरना।