{"_id":"62c87d848adc94418b0142be","slug":"green-tax-will-be-taken-from-the-rural-tourists-of-the-hut-pithoragarh-news-hld4684446172","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुटी के ग्रामीण पर्यटकों से लेंगे ग्रीन टैक्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुटी के ग्रामीण पर्यटकों से लेंगे ग्रीन टैक्स
विज्ञापन
ग्रीन टैक्स को लेकर ग्राम पंचायत कुटी में ग्रामीणों की ओर से लगाया गया बोर्ड। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : PITHORAGARH
धारचूला (पिथौरागढ़)। सीमांत के धार्मिक स्थलों में आने वाले पर्यटक पर्यावरण की अनदेखी कर रहे हैं। इससे चिंतित कुटी के ग्रामीणों ने पर्यटकों से ग्रीन टैक्स लेना शुरू कर दिया है।
कोविड संक्रमण के कारण दो साल बाद दो जून से शुरू हुई आदि कैलाश यात्रा के प्रारंभ होने के बाद पर्यटक गतिविधियां बढ़ गई है। पर्यटक व्यास घाटी और दारमा घाटी में सड़क लिंक होने के बाद ओम पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती सरोवर और दारमा घाटी के प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर पर बड़ी संख्या में जा रहे हैं। एक महीने में व्यास घाटी में लगभग छह हजार और दारमा घाटी में दो हजार पर्यटक पहुंच चुके हैं।
गाड़ियों और पर्यटकों की अधिक आवाजाही से दोनों घाटियों के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों के कपड़े, प्लास्टिक और पूजा सामग्रियों का ढेर लग गया जिसके कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी के ग्रामीणों ने आदि कैलाश विकास समिति का गठन किया है। आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, ज्योलिंकांग आदि धार्मिक स्थलों में आ रहे प्रत्येक वाहनों से 300 रुपये ग्रीन टैक्स के रूप में सुविधा शुल्क लेना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष पुनीत कुटियाल और महासचिव नगेंद्र कुटियाल ने बताया कि ग्रीन टैक्स के रुपये जो सहयोग राशि ली जा रही है उस राशि से यात्रा के दौरान मजदूर लगाकर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों के गंदगी फैलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। समिति पर्यटकों के वाहनों को पार्वती सरोवर से दो किमी पहले निगम तक जाने की अनुमति है। मंदिर परिसर के आसपास मंदिरा और धूम्रपान निषेध किया गया है। समिति ने सभी पर्यटकों से धार्मिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाने की अपील की है।
द माउंटेन राइड और पंचाचूली होम स्टे अध्यक्ष जयेंद्र फिरमाल ने बताया कि दारमा और व्यास घाटी के धार्मिक स्थलों में काफी गंदगी बढ़ गई है। शीघ्र ही दारमा घाटी में सभी होम स्टे स्वामी पर्यावरण संरक्षण को एक बैठक करेंगे। कुछ दिन पूर्व जयेंद्र फिरमाल भी अपने पर्यटकों की टीम के साथ ओम पर्वत यात्रा पर गए थे। नाभीढांग के परिसर में कूड़े ढेर देखने पर उन्होंने स्वयं लगभग 15 किलो कूड़े को धारचूला में लाकर नष्ट किया।
विज्ञापन
कोविड संक्रमण के कारण दो साल बाद दो जून से शुरू हुई आदि कैलाश यात्रा के प्रारंभ होने के बाद पर्यटक गतिविधियां बढ़ गई है। पर्यटक व्यास घाटी और दारमा घाटी में सड़क लिंक होने के बाद ओम पर्वत, आदि कैलाश, पार्वती सरोवर और दारमा घाटी के प्रसिद्ध पंचाचूली ग्लेशियर पर बड़ी संख्या में जा रहे हैं। एक महीने में व्यास घाटी में लगभग छह हजार और दारमा घाटी में दो हजार पर्यटक पहुंच चुके हैं।
विज्ञापन
गाड़ियों और पर्यटकों की अधिक आवाजाही से दोनों घाटियों के विभिन्न धार्मिक स्थलों पर पर्यटकों के कपड़े, प्लास्टिक और पूजा सामग्रियों का ढेर लग गया जिसके कारण ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। इसी वजह से व्यास घाटी के अंतिम गांव कुटी के ग्रामीणों ने आदि कैलाश विकास समिति का गठन किया है। आदि कैलाश, पार्वती सरोवर, ज्योलिंकांग आदि धार्मिक स्थलों में आ रहे प्रत्येक वाहनों से 300 रुपये ग्रीन टैक्स के रूप में सुविधा शुल्क लेना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
समिति के अध्यक्ष पुनीत कुटियाल और महासचिव नगेंद्र कुटियाल ने बताया कि ग्रीन टैक्स के रुपये जो सहयोग राशि ली जा रही है उस राशि से यात्रा के दौरान मजदूर लगाकर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों के गंदगी फैलाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। समिति पर्यटकों के वाहनों को पार्वती सरोवर से दो किमी पहले निगम तक जाने की अनुमति है। मंदिर परिसर के आसपास मंदिरा और धूम्रपान निषेध किया गया है। समिति ने सभी पर्यटकों से धार्मिक स्थलों पर गंदगी नहीं फैलाने की अपील की है।
द माउंटेन राइड और पंचाचूली होम स्टे अध्यक्ष जयेंद्र फिरमाल ने बताया कि दारमा और व्यास घाटी के धार्मिक स्थलों में काफी गंदगी बढ़ गई है। शीघ्र ही दारमा घाटी में सभी होम स्टे स्वामी पर्यावरण संरक्षण को एक बैठक करेंगे। कुछ दिन पूर्व जयेंद्र फिरमाल भी अपने पर्यटकों की टीम के साथ ओम पर्वत यात्रा पर गए थे। नाभीढांग के परिसर में कूड़े ढेर देखने पर उन्होंने स्वयं लगभग 15 किलो कूड़े को धारचूला में लाकर नष्ट किया।