{"_id":"652437641c471f94f30bc578","slug":"government-should-take-care-of-health-services-pithoragarh-news-c-230-1-shld1026-5592-2023-10-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pithoragarh News: स्वास्थ्य सेवाओं की सुध लीजिए सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pithoragarh News: स्वास्थ्य सेवाओं की सुध लीजिए सरकार
Mon, 09 Oct 2023 10:54 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 09 Oct 2023 10:54 PM IST
विज्ञापन
डीडीहाट में सरकार के खिलाफ नारे लगाते लोग। संवाद
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। सीएचसी में तीन सूत्री मांगों के लिए लोगों ने धरना दिया। सोमवार को आंदोलन के 55वें दिन चिल्ड्रन पार्क में लोगों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाए। उन्होंने कहा कि सर्वदलीय समिति का आंदोलन जनहित के लिए किया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ हर किसी तबके के व्यक्ति को मिलेगा, लेकिन मांग पूरी नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने प्रदेश सरकार से सीएचसी में जल्द स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाए जाने की मांग की। धरने पर सोनी बोरा, रवि बोरा, राजू बोरा, राम सिंह, शेखर सिंह, सीमा कुरैशी, पूनम देवी, लछी राम आदि बैठे। संवाद
................
विपक्ष के नेताओं की दबाई जा रही है आवाज
पिथौरागढ़। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर ने कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं को भेजे गए नोटिस और चालान को तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा है कि जन मुद्दों को उठाने वाले विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाई जा रही है। क्या बेस अस्पताल को शुरू करना, नियमित हवाई सेवा शुरू करने की मांग गलत है। लोकतांत्रिक तरीके से पिथौरागढ़ के ज्वलंत मुद्दों को उठाना सत्ता पक्ष को नहीं भा रहा है। संवाद
विज्ञापन
................
विपक्ष के नेताओं की दबाई जा रही है आवाज
पिथौरागढ़। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव ऋषेंद्र महर ने कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई के नेताओं को भेजे गए नोटिस और चालान को तानाशाही बताया है। उन्होंने कहा है कि जन मुद्दों को उठाने वाले विपक्ष के नेताओं की आवाज दबाई जा रही है। क्या बेस अस्पताल को शुरू करना, नियमित हवाई सेवा शुरू करने की मांग गलत है। लोकतांत्रिक तरीके से पिथौरागढ़ के ज्वलंत मुद्दों को उठाना सत्ता पक्ष को नहीं भा रहा है। संवाद
विज्ञापन