{"_id":"5cae2376bdec2213e8070f57","slug":"ghat-drinking-water-scheme-damaged-at-three-locations","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाट पेयजल योजना तीन जगहों पर क्षतिग्रस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाट पेयजल योजना तीन जगहों पर क्षतिग्रस्त
Wed, 10 Apr 2019 10:40 PM IST
kamlesh kamlesh
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
ब्यूरो/ अमर उजाला , पिथौरागढ़।
Published by: kamlesh kamlesh
Updated Wed, 10 Apr 2019 10:40 PM IST
विज्ञापन
पिथौरागढ़ की ठुलीगाड़ पेयजल योजना।
- फोटो : पिथौरागढ़
घाट पेयजल योजना बारहमासी सड़क निर्माण के चलते तीन जगहों पर क्षतिग्रस्त है। इसके चलते पिछले एक माह से योजना से नगर को बिलकुल भी पानी की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।
गुरना में पहाड़ कटिंग के चलते दो जगहों पर और जामिरखेत में पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। घाट पंपिंग पेयजल योजना से नगर को करीब सवा दो एमएलडी पानी की आपूर्ति होती थी। इन दिनों आपूर्ति बिलकुल भी नहीं हो पा रही है। जामिरखेत में कई बार पेयजल योजना ठीक की गई। बावजूद इसके बारिश में मलबा गिरने से पाइप क्षतिग्रस्त हो जा रहे हैं।
जल संस्थान के जेई सुरेश जोशी ने बताया कि पूरी पहाड़ी कटिंग होने के बाद ही जेसीबी से मलबा हटाकर पाइपों को ठीक किया जाएगा। घाट से पानी की आपूर्ति बिलकुल ठप होने से नगर में पेयजल किल्लत बनी हुई है। इसके चलते कई जगहों पर एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंवलाघाट, रई और ठुलीगाड़ योजनाओं से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
गुरना में पहाड़ कटिंग के चलते दो जगहों पर और जामिरखेत में पेयजल योजना क्षतिग्रस्त हुई है। घाट पंपिंग पेयजल योजना से नगर को करीब सवा दो एमएलडी पानी की आपूर्ति होती थी। इन दिनों आपूर्ति बिलकुल भी नहीं हो पा रही है। जामिरखेत में कई बार पेयजल योजना ठीक की गई। बावजूद इसके बारिश में मलबा गिरने से पाइप क्षतिग्रस्त हो जा रहे हैं।
विज्ञापन
जल संस्थान के जेई सुरेश जोशी ने बताया कि पूरी पहाड़ी कटिंग होने के बाद ही जेसीबी से मलबा हटाकर पाइपों को ठीक किया जाएगा। घाट से पानी की आपूर्ति बिलकुल ठप होने से नगर में पेयजल किल्लत बनी हुई है। इसके चलते कई जगहों पर एक दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जा रही है। इसके चलते लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंवलाघाट, रई और ठुलीगाड़ योजनाओं से पानी की आपूर्ति की जा रही है।
विज्ञापन