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पिथौरागढ़ जिले के दो आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन के लिए मिली धनराशि
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Fund For Disaster Manegement
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले के दो आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन के लिए सरकार से राशि मिल गई है। इस राशि का आवंटन तहसीलों को कर दिया है। शीघ्र ही दोनों गांवों के विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा।
इसके आठ आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने पर इन गांवों के आपदा प्रभावितों का विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा। यहां के ग्रामीण लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे थे। विस्थापन के बाद लोग राहत की सांस ले पाएंगे।
बंगापानी के कनार तोक जिमतड़ के आपदा प्रभावितों के विस्थापन के लिए 29.75 लाख और मुनस्यारी के सेनर गांव के आपदा प्रभावितों के लिए 43 लाख रुपये शासन से मिल गए हैं। राशि मिलने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने तहसीलों को राशि आवंटित कर दी है। शीघ्र ही विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा।
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आपदा प्रबंधन विभाग ने धारपांगू गांव के विस्थापन के लिए शासन को 37.80 लाख, जम्कू गांव के लिए 17 लाख, फगुवाबगड़ बाता के लिए 8.50 लाख, मेतली चामी तोक के लिए 64 लाख, लोधी 45.50, सेरा सुराईधार के लिए 13.86, कोट्यूड़ा 4.74 लाख, मालुपाती गांव के विस्थापन के लिए शासन को 46.75 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था।
इन्हें शासन से स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने के बाद इन गांवों का विस्थापन भी शीघ्र हो जाएगा। इन गांवों के लोग सरकार से लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे थे। विस्थापन न होने से इन गांवों के ग्रामीण बरसादत में अपने घरों पर नहीं रह पा रहे थे। विस्थापन के बाद ये गांव राहत की सांस ले सकेंगे।
विस्थापन के नौ प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के धारचूला, मुनस्यारी तहसील क्षेत्र से गांव विस्थापन के नौ प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं। शीघ्र ही इन प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। विस्थापन के आठ प्रस्ताव लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। इस कारण इनके वित्त पोषण का प्रस्ताव अभी शासन को नहीं भेजे गए हैं।
दो गांवों के विस्थापन के लिए शासन से राशि मिल गई है। आठ अन्य गांवों के प्रस्तावों को भी शासन स्तर पर स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने के बाद विस्थापन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- एफआर चौहान, एडीएम पिथौरागढ़।
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इसके आठ आपदा प्रभावित गांवों के विस्थापन के लिए शासन से स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने पर इन गांवों के आपदा प्रभावितों का विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा। यहां के ग्रामीण लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे थे। विस्थापन के बाद लोग राहत की सांस ले पाएंगे।
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बंगापानी के कनार तोक जिमतड़ के आपदा प्रभावितों के विस्थापन के लिए 29.75 लाख और मुनस्यारी के सेनर गांव के आपदा प्रभावितों के लिए 43 लाख रुपये शासन से मिल गए हैं। राशि मिलने के बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने तहसीलों को राशि आवंटित कर दी है। शीघ्र ही विस्थापन का कार्य शुरू हो जाएगा।
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आपदा प्रबंधन विभाग ने धारपांगू गांव के विस्थापन के लिए शासन को 37.80 लाख, जम्कू गांव के लिए 17 लाख, फगुवाबगड़ बाता के लिए 8.50 लाख, मेतली चामी तोक के लिए 64 लाख, लोधी 45.50, सेरा सुराईधार के लिए 13.86, कोट्यूड़ा 4.74 लाख, मालुपाती गांव के विस्थापन के लिए शासन को 46.75 लाख रुपये का प्रस्ताव भेजा था।
इन्हें शासन से स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने के बाद इन गांवों का विस्थापन भी शीघ्र हो जाएगा। इन गांवों के लोग सरकार से लंबे समय से विस्थापन की मांग कर रहे थे। विस्थापन न होने से इन गांवों के ग्रामीण बरसादत में अपने घरों पर नहीं रह पा रहे थे। विस्थापन के बाद ये गांव राहत की सांस ले सकेंगे।
विस्थापन के नौ प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित
पिथौरागढ़। सीमांत जिले के धारचूला, मुनस्यारी तहसील क्षेत्र से गांव विस्थापन के नौ प्रस्ताव शासन स्तर पर लंबित हैं। शीघ्र ही इन प्रस्तावों को भी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। विस्थापन के आठ प्रस्ताव लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। इस कारण इनके वित्त पोषण का प्रस्ताव अभी शासन को नहीं भेजे गए हैं।
दो गांवों के विस्थापन के लिए शासन से राशि मिल गई है। आठ अन्य गांवों के प्रस्तावों को भी शासन स्तर पर स्वीकृति मिल गई है। राशि मिलने के बाद विस्थापन का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
- एफआर चौहान, एडीएम पिथौरागढ़।