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रोडवेज की अव्यवस्था के खिलाफ खोला मोर्चा

Tue, 19 Apr 2016 10:17 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, पिथौरागढ़ Updated Tue, 19 Apr 2016 10:17 PM IST
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Front opened against the clutter of roadways
प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला

उत्तराखंड परिवहन निगम के पिथौरागढ़ डिपो में चल रही अव्यवस्थाओं के खिलाफ मंगलवार को रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मोर्चा खोल दिया। कर्मचारियों ने इस बात पर आक्रोश जताया कि डिपो में टायरों और पार्ट्स की भारी कमी है। कर्मचारियों ने प्रदर्शन कर सहायक महाप्रबंधक का घेराव किया।

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कर्मचारी नेता रमेश सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में कहा गया कि परिवहन निगम का प्रबंध मंडल हमेशा पिथौरागढ़ डिपो की उपेक्षा करता जा रहा है। कई बार आग्रह करने के बाद भी डिपो को सामग्री नहीं दी जाती है। इस कारण डिपो की हालत लगातार खराब होती जा रही है। आक्रोशित कर्मचारियों ने कहा कि यदि डिपो में तत्काल नए टायरों की व्यवस्था नहीं की गई और पार्ट्स नहीं भेजे गए तो आंदोलन जारी रखा जाएगा।
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यह भी कहा गया कि पिथोरागढ़ डिपो को तत्काल नई बसें दी जाए। प्रदर्शन और घेराव में कर्मचारी नेता मोहन सिंह भंडारी, राजेंद्र भाकुनी, भूपाल दत्त जोशी, राजेंद्र बिष्ट, ललिता निखुर्पा, ममता दानू, अंजना, जगदीश बोरा, मनोहर सिंह जेठी, सुंदरलाल, नवीन कोठारी, भारतमणि त्रिपाठी आदि थे।
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टायर नहीं होने से 30 बसें खड़ी
टायरों की कमी से पिथौरागढ़ डिपो की 30 गाड़ियों का मंगलवार को संचालन नहीं हो पाया। बरेली और बदायूं की नियमित बस सेवाएं बंद कर दी गई हैं। दिल्ली और देहरादून के लिए एक-एक बस की कटौती हो गई है। अन्य मार्गों पर भी लगातार इसका असर पड़ रहा है। इस तरह की स्थिति पिछले साल जून में भी सामने आई थी। कर्मचारियों के आंदोलन के बाद प्रबंध मंडल ने कुछ टायर तो भेजे थे, लेकिन पर्याप्त सप्लाई न होने के कारण असर पड़ रहा है। सहायक महाप्रबंधक दीपक मेहरा ने बताया कि इस डिपो को एक वर्ष में 60 नए टायरों की आवश्यकता होती है, लेकिन इस बार अब तक मात्र आठ नए टायर ही मिल पाए हैं। यदि टायर नहीं मिलेंगे तो आने वाले दिनों में कुछ बसों का संचालन फिर से बंद करना पड़ जाएगा। रोडवेज के अधिकारियों ने कहा कि ठीक पर्यटन सीजन मेें रोडवेज की बस सेवाएं बंद होना गंभीर चिंता का विषय है। इससे एक तरफ यात्रियों को असुविधा होगी और दूसरी तरफ रोडवेज की आमदनी पर असर पड़ेगा।

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