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Pithoragarh News: धधक रहे जंगल, वन विभाग आग बुझाने में नाकाम
Thu, 02 May 2024 11:11 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 02 May 2024 11:11 PM IST
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गंगोलीहाट/बेड़ीनाग/अस्कोट (पिथौरागढ़)। जिलेभर में जंगलों में लगी आग ने विकराल रूप ले लिया है। आग से वन संपदा के साथ ही वन्य जीवों को भी खतरा हो गया है। कई जगह जंगल की आग आबादी और संस्थानों तक पहुंच चुकी है। वनाग्नि से अब तक करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया है। वन विभाग आग पर काबू पाने में नाकाम रहा है।
रात भर धधकता रहा ऐराड़ी का जंगल
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। गर्मी के चलते जंगलों में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिन तहसील के ऐराडी वन पंचायत के जंगल रात भर धधकते रहे।
आग से उडियारी, देवीनगर, चौड़मन्या, कालीनाग के 30 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गए। वन क्षेत्राधिकारी चंदा मेहरा ने बताया कि अभी तक 30 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। वन विभाग की टीम आग बुझाने जंगलों की आग बुझाने में लगी है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर टीम ने आग पर काबू पाया। टीम में मनोज पंत, लक्ष्मण मेहता, कुलदीप, आयुश कुमार, सुनील, ठाकुर सिंह, बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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गंगोलीहाट, बेड़ीनाग में आग की चपेट में
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट और बेड़ीनाग के जंगल भी भीषण आग की चपेट में हैं। बेड़ीनाग के पुराना थल क्षेत्र में आग का वीडियो सोशल मीडिया में डालते हुए वनों को आग से बचाने का अनुरोध किया गया है। गंगोलीहाट के शैलपर्वत क्षेत्र में भयानक आग लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां बांज, बुरांश, फल्याट, काफल का घना जंगल है। वन में सालमपंजा और बेशकीमती जड़ीबूटियां हैं। उन्होंने बताया कि शैलपर्वत में बेलपट्टी और भेलंग पट्टी के जलस्रोत हैं। जंगल में धधकी आग से संकट गहरा गया है। कुछ युवाओं ने आग वाले क्षेत्र में पहुंचने का प्रयास किया लेकिन घना जंगल और रास्ते नहीं होने से वह सफल नहीं हो सके। संवाद
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ध्वज के जंगलों में लगी भीषण
पिथौरागढ़। ध्वज के जंगलों में बृहस्पतिवार को भीषण आग लग गई। सतगढ़ के ग्रामीणों ने अपने गांव के बने सोशल मीडिया ग्रुपों में आग बुझाने का अनुरोध किया। वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई। जंगल काफी घना है यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो बहुमूल्य वन संपदा के साथ ही गांवों के पेयजल स्रोतों पर भी गंभीर संकट गहरा जाएगा। सतगढ़ गांव के के राजेंद्र कापड़ी, दीपक कापड़ी समेत कई युवा आग बुझाने ध्वज की ओर रवाना हुए हैं। संवाद
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चौढियार क्षेत्र में सुनाई दी तेंदुए की दहाड़
पिथौरागढ़। वनों में लगी आग से वन संपदा के साथ ही वन्य जीवों को भी जान बचाने के लाले पड़ रहे हैं। गंगोलीहाट के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि बुधवार की शाम चौडियार क्षेत्र में तेंदुए की तेज दहाड़ सुनाई दी। इससे ग्रामीणों को आशंका है कि शैलपर्वत क्षेत्र में लगी आग से तेंदुए अपने परिवार को बचाने के लिए आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर सकते हैं। संवाद
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सीमांत में वनाग्नि से 136.45 हेक्टेयर जंगल खाक
क्रासर: इस सीजन में अब तक आग की हो गई हैं 92 घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में चारों ओर धूं-धूं कर आग से जंगल जल रहे हैं। इस सीजन में आग की 92 घटनाओं में अभी तक 136.45 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ है। वातावरण में छाई धुंध से लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने की घटनाएं पिछले सालों की अपेक्षा तेजी से बढ़ी हैं। वन महकमे को अभी तक वनाग्नि से 3,44350 रुपये के नुकसान का आंकलन है। चारों ओर छाई आग की धुंध से लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वनाग्नि की घटनाओं को लेकर वन विभाग के साथ ही प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। इस सीजन में मुनस्यारी में एक व्यक्ति को आग लगाते पकड़ा गया। बेड़ीनाग रेंज में वन आरक्षी चौकी हजेती को आग से आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। घर तक लगी आग को बुझाने की कोशिश में गंगोलीहाट में बाप-बेटे झुलस गए। आग से बचाव के लिए जिले में 68 क्रू स्टेशन बनाए गए है। सौ से अधिक फायर वाचरों को तैनात किया गया। लोगों से आग बुझाने की अपील की जा रही है। जंगल में जलती बीड़ी-सिगरेट नहीं फेंकने का अनुरोध किया जा रहा है। बावजूद इसके आग को फैलने से रोकने में विभाग को कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
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धुएं से रखे बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल
चंपावत। वनाग्नि से जहां जंगलों को नुकसान पहुंचा रहा है तो वहीं धुएं से बुजुर्ग और बच्चों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। आग के धुएं से सांस, आंख, अस्थमा, गले की बीमारी बढ़ जाती है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जंगल की आग के धुंए से कार्बन डाई आक्साइड गैस समेत अन्य जहरीली गैस निकलती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट ने बताया कि छोटे बच्चों में धुंए के कारण एलर्जी, खांसी, सांस की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को धुंए वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास करें। आंखों पर चश्मा लगाएं। प्रयास करें कि मुंह पर मास्क जरूर लगाएं। इससे धुंआ सीधे शरीर में नहीं जाएगा।
जंगलों की आग से आंख को बचाएं
चंपावत। जिले के जंगलों में लग रही आग आंखों के लिए परेशानी का सबब बनी है। जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शौर्य ने बताया कि जंगल की आग से निकल रहा धुंआ आंखों के लिए घातक है। धुंऐ सेआखों में खुजली, पानी निकलना आदि होना आम बात है। ऐसे में आंखों का ध्यान रखना जरूरी है।
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भारतोली में जंगल की आग से गेस्ट हाउस जलने से बचा
-आग के कारण तड़ीगांव के जंगलों से पत्थर सड़क पर गिरने से यातायात हो रहा बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट। बाराकोट और लोहाघाट के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को लाखों का नुकसान हो गया है। वन विभाग, दमकल कर्मियों और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा रहा है।
बाराकोट के भारतोली में जंगलों में लगी आग गेस्ट हाउस की तरफ बढ़ गई। सूचना के बाद अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने आग को पूर्ण रूप से बुझाकर गेस्ट हाउस को जलने से बचा लिया, लेकिन जंगल जलने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। बाराकोट के गल्लागांव और तड़ीगांव में चीड़ के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। दो दिनों से आग धधक रही है। बनीगांव जंगलों में भी आग लगने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। इधर गुमदेश क्षेत्र के निडिल के पास जंगलों में लगी आग प्राइमरी स्कूल तक पहुंची। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों में महिला फायर मैन पूजा राणा, कोमल राणा, अंजलि, पारस वर्मा, भैरव सिंह, गौरव कुमार, नारायण बोहरा, पारस वर्मा आदि आग बुझाने में जुटे रहे।
वनाग्नि को घरों तक पहुंचने से रोका
चंपावत। जिले के जंगलों में लग हवा के साथ आबादी क्षेत्र तक पहुंच रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यालय से 20 किमी दूर स्वाला में वनाग्नि घरों तक पहुंच गई। धुएं और वनाग्नि की धधक के चलते ग्रामीणों के लिए आग बुझाते समय सांस लेना भी मुश्किल हो गया। संवाद 02सीपीटी10 पी- चंपावत के स्वाला में आबादी क्षेत्र के करीब पहुंची आग से निकलता धुंआ। संवाद
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क्षेत्र के जंगल दो जगह धधके, बमुश्किल काबू किया
टनकपुर(चंपावत)। क्षेत्र के जंगलों के धधकने का क्रम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बूम रेंज के अंर्तगत पूर्णागिरि धाम क्षेत्र के जंगल में आग लग गई। जबकि शारदा रेंज के थ्वालखेड़ा के जंगल में भी आग लगी। दोनों जगह वन कर्मियों ने बमुश्किल आग को काबू किया। पूर्णागिरि घाम क्षेत्र में वन विभाग की टीम जंगल में गिरे पड़े ठूंड के सुलगने पर निगरानी में जुटी रही।
बता दें कि भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के जंगलों में आग लग रही है। शारदा रेंजर पीसी जोशी ने बताया कि बुधवार की देर शाम को थ्वालखेड़ा के पास जंगल में आग लगी। सूचना मिलने पर फायर बिग्रेड और वन विभाग ने आग को काबू किया। आग लगने का कारण अज्ञात है। इधर, मां पूर्णागिरि मेले के बीच बूम रेंज के अंतर्गत हनुमान चटटी के पास सुबह करीब 3:30 बजे आग लग गई। रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि पूर्णागिरि क्षेत्र में जगह-जगह वन विभाग की टीम तैनात है। सूचना पर दमकल और वन विभाग की टीम ने आग को फैलने से रोका। बताया कि दिन भर प्रभावित क्षेत्र में गिरे पड़े लकड़ी के ठूंठ सुलगने पर उनकी निगरानी के लिए फारेस्ट गार्ड राकेश गिरि और भारत सिंह के नेतृत्व में टीम तैनात रही।
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वनाग्नि से क्वारसिंह में आवासीय मकान जलकर राख
- ग्रामीणों ने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
चंपावत। जिले के पाल बिलौन क्षेत्र में जंगल की आबादी क्षेत्र में पहुंचने से क्वारसिंह में दो मंजिला आवासीय मकान जल गया है। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन आग से घर का अधिकांश सामान खाक हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
बृहस्पतिवार को जिले के क्वारसिंह में जंगल की आग आवासीय मकान तक पहुंच गई। इससे पुष्कर राम और प्रेम राम का आवासीय मकान जलकर राख हो गया है। मकान में रखा सारा समान राख हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगी आग पर काबू पाने में हुई देरी का नुकसान आसपास के क्षेत्रों को हुआ है। आग लगने से घर के भीतर का अधिकांश सामान जल कर बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की कोई जन हानि नहीं हुई है। इधर ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। जिले में वनाग्नि से आए दिन आवासीय मकान इसकी चपेट में आने से राख हो जा रहे हैं।
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फायर सर्विस ने छावनी क्षेत्र में आग पर काबू पाया
बनबसा (चंपावत)। बीती रात्रि बनबसा सेना छावनी परिसर में पेड़ों के गिरे पत्तों में भीषण आग लग गई। आग छावनी के संवेदनशील स्थलों को पहुंचने से पूर्व ही टनकपुर दमकल विभाग कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। जिससे बड़ा हादसा बच गया। आग बुझाने में सेना जवानों ने भी सहयोग दिया। टनकपुर फायर सर्विस के एलएफएम राजेंद्र नाथ, चालक जीवन सिंह, फायरमैन तनुजसिंह, राम गिरीआदि ने सहयोग दिया। संवाद
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रात भर धधकता रहा ऐराड़ी का जंगल
बेड़ीनाग (पिथौरागढ़)। गर्मी के चलते जंगलों में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते दिन तहसील के ऐराडी वन पंचायत के जंगल रात भर धधकते रहे।
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आग से उडियारी, देवीनगर, चौड़मन्या, कालीनाग के 30 हेक्टेयर जंगल जलकर खाक हो गए। वन क्षेत्राधिकारी चंदा मेहरा ने बताया कि अभी तक 30 हेक्टेयर जंगल आग की चपेट में आ चुके हैं। वन विभाग की टीम आग बुझाने जंगलों की आग बुझाने में लगी है। साथ ही लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। ग्रामीणों की सूचना पर टीम ने आग पर काबू पाया। टीम में मनोज पंत, लक्ष्मण मेहता, कुलदीप, आयुश कुमार, सुनील, ठाकुर सिंह, बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
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गंगोलीहाट, बेड़ीनाग में आग की चपेट में
पिथौरागढ़। गंगोलीहाट और बेड़ीनाग के जंगल भी भीषण आग की चपेट में हैं। बेड़ीनाग के पुराना थल क्षेत्र में आग का वीडियो सोशल मीडिया में डालते हुए वनों को आग से बचाने का अनुरोध किया गया है। गंगोलीहाट के शैलपर्वत क्षेत्र में भयानक आग लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि यहां बांज, बुरांश, फल्याट, काफल का घना जंगल है। वन में सालमपंजा और बेशकीमती जड़ीबूटियां हैं। उन्होंने बताया कि शैलपर्वत में बेलपट्टी और भेलंग पट्टी के जलस्रोत हैं। जंगल में धधकी आग से संकट गहरा गया है। कुछ युवाओं ने आग वाले क्षेत्र में पहुंचने का प्रयास किया लेकिन घना जंगल और रास्ते नहीं होने से वह सफल नहीं हो सके। संवाद
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ध्वज के जंगलों में लगी भीषण
पिथौरागढ़। ध्वज के जंगलों में बृहस्पतिवार को भीषण आग लग गई। सतगढ़ के ग्रामीणों ने अपने गांव के बने सोशल मीडिया ग्रुपों में आग बुझाने का अनुरोध किया। वन विभाग को भी इसकी सूचना दी गई। जंगल काफी घना है यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया गया तो बहुमूल्य वन संपदा के साथ ही गांवों के पेयजल स्रोतों पर भी गंभीर संकट गहरा जाएगा। सतगढ़ गांव के के राजेंद्र कापड़ी, दीपक कापड़ी समेत कई युवा आग बुझाने ध्वज की ओर रवाना हुए हैं। संवाद
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चौढियार क्षेत्र में सुनाई दी तेंदुए की दहाड़
पिथौरागढ़। वनों में लगी आग से वन संपदा के साथ ही वन्य जीवों को भी जान बचाने के लाले पड़ रहे हैं। गंगोलीहाट के सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र बिष्ट ने बताया कि बुधवार की शाम चौडियार क्षेत्र में तेंदुए की तेज दहाड़ सुनाई दी। इससे ग्रामीणों को आशंका है कि शैलपर्वत क्षेत्र में लगी आग से तेंदुए अपने परिवार को बचाने के लिए आबादी वाले क्षेत्रों का रुख कर सकते हैं। संवाद
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सीमांत में वनाग्नि से 136.45 हेक्टेयर जंगल खाक
क्रासर: इस सीजन में अब तक आग की हो गई हैं 92 घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
पिथौरागढ़। सीमांत जिले में चारों ओर धूं-धूं कर आग से जंगल जल रहे हैं। इस सीजन में आग की 92 घटनाओं में अभी तक 136.45 हेक्टेयर जंगल को नुकसान हुआ है। वातावरण में छाई धुंध से लोगों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जंगलों में आग लगने की घटनाएं पिछले सालों की अपेक्षा तेजी से बढ़ी हैं। वन महकमे को अभी तक वनाग्नि से 3,44350 रुपये के नुकसान का आंकलन है। चारों ओर छाई आग की धुंध से लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वनाग्नि की घटनाओं को लेकर वन विभाग के साथ ही प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। इस सीजन में मुनस्यारी में एक व्यक्ति को आग लगाते पकड़ा गया। बेड़ीनाग रेंज में वन आरक्षी चौकी हजेती को आग से आंशिक नुकसान भी पहुंचा है। घर तक लगी आग को बुझाने की कोशिश में गंगोलीहाट में बाप-बेटे झुलस गए। आग से बचाव के लिए जिले में 68 क्रू स्टेशन बनाए गए है। सौ से अधिक फायर वाचरों को तैनात किया गया। लोगों से आग बुझाने की अपील की जा रही है। जंगल में जलती बीड़ी-सिगरेट नहीं फेंकने का अनुरोध किया जा रहा है। बावजूद इसके आग को फैलने से रोकने में विभाग को कामयाबी नहीं मिल पा रही है।
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धुएं से रखे बच्चों और बुजुर्गों का ख्याल
चंपावत। वनाग्नि से जहां जंगलों को नुकसान पहुंचा रहा है तो वहीं धुएं से बुजुर्ग और बच्चों को भी दिक्कत का सामना करना पड़ा रहा है। आग के धुएं से सांस, आंख, अस्थमा, गले की बीमारी बढ़ जाती है।
सीएमओ डॉ. केके अग्रवाल ने बताया कि जंगल की आग के धुंए से कार्बन डाई आक्साइड गैस समेत अन्य जहरीली गैस निकलती हैं। बाल रोग विशेषज्ञ एसीएमओ डॉ. सीएस भट्ट ने बताया कि छोटे बच्चों में धुंए के कारण एलर्जी, खांसी, सांस की दिक्कत बढ़ जाती है। ऐसे में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। बच्चों को धुंए वाले क्षेत्र से दूर रखने का प्रयास करें। आंखों पर चश्मा लगाएं। प्रयास करें कि मुंह पर मास्क जरूर लगाएं। इससे धुंआ सीधे शरीर में नहीं जाएगा।
जंगलों की आग से आंख को बचाएं
चंपावत। जिले के जंगलों में लग रही आग आंखों के लिए परेशानी का सबब बनी है। जिला अस्पताल के नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शौर्य ने बताया कि जंगल की आग से निकल रहा धुंआ आंखों के लिए घातक है। धुंऐ सेआखों में खुजली, पानी निकलना आदि होना आम बात है। ऐसे में आंखों का ध्यान रखना जरूरी है।
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भारतोली में जंगल की आग से गेस्ट हाउस जलने से बचा
-आग के कारण तड़ीगांव के जंगलों से पत्थर सड़क पर गिरने से यातायात हो रहा बाधित
संवाद न्यूज एजेंसी
लोहाघाट। बाराकोट और लोहाघाट के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को लाखों का नुकसान हो गया है। वन विभाग, दमकल कर्मियों और लोगों की मदद से आग पर काबू पाया जा रहा है।
बाराकोट के भारतोली में जंगलों में लगी आग गेस्ट हाउस की तरफ बढ़ गई। सूचना के बाद अग्निशमन अधिकारी चंदन राम के नेतृत्व में दमकल कर्मियों ने आग को पूर्ण रूप से बुझाकर गेस्ट हाउस को जलने से बचा लिया, लेकिन जंगल जलने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। बाराकोट के गल्लागांव और तड़ीगांव में चीड़ के जंगलों में आग लगने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। दो दिनों से आग धधक रही है। बनीगांव जंगलों में भी आग लगने से वन संपदा को नुकसान हो गया है। इधर गुमदेश क्षेत्र के निडिल के पास जंगलों में लगी आग प्राइमरी स्कूल तक पहुंची। दमकल कर्मियों और ग्रामीणों के सहयोग से आग पर काबू पाया गया। दमकल कर्मियों में महिला फायर मैन पूजा राणा, कोमल राणा, अंजलि, पारस वर्मा, भैरव सिंह, गौरव कुमार, नारायण बोहरा, पारस वर्मा आदि आग बुझाने में जुटे रहे।
वनाग्नि को घरों तक पहुंचने से रोका
चंपावत। जिले के जंगलों में लग हवा के साथ आबादी क्षेत्र तक पहुंच रही है। बृहस्पतिवार को मुख्यालय से 20 किमी दूर स्वाला में वनाग्नि घरों तक पहुंच गई। धुएं और वनाग्नि की धधक के चलते ग्रामीणों के लिए आग बुझाते समय सांस लेना भी मुश्किल हो गया। संवाद 02सीपीटी10 पी- चंपावत के स्वाला में आबादी क्षेत्र के करीब पहुंची आग से निकलता धुंआ। संवाद
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क्षेत्र के जंगल दो जगह धधके, बमुश्किल काबू किया
टनकपुर(चंपावत)। क्षेत्र के जंगलों के धधकने का क्रम बृहस्पतिवार को भी जारी रहा। बूम रेंज के अंर्तगत पूर्णागिरि धाम क्षेत्र के जंगल में आग लग गई। जबकि शारदा रेंज के थ्वालखेड़ा के जंगल में भी आग लगी। दोनों जगह वन कर्मियों ने बमुश्किल आग को काबू किया। पूर्णागिरि घाम क्षेत्र में वन विभाग की टीम जंगल में गिरे पड़े ठूंड के सुलगने पर निगरानी में जुटी रही।
बता दें कि भीषण गर्मी के बीच क्षेत्र के जंगलों में आग लग रही है। शारदा रेंजर पीसी जोशी ने बताया कि बुधवार की देर शाम को थ्वालखेड़ा के पास जंगल में आग लगी। सूचना मिलने पर फायर बिग्रेड और वन विभाग ने आग को काबू किया। आग लगने का कारण अज्ञात है। इधर, मां पूर्णागिरि मेले के बीच बूम रेंज के अंतर्गत हनुमान चटटी के पास सुबह करीब 3:30 बजे आग लग गई। रेंजर गुलजार हुसैन ने बताया कि पूर्णागिरि क्षेत्र में जगह-जगह वन विभाग की टीम तैनात है। सूचना पर दमकल और वन विभाग की टीम ने आग को फैलने से रोका। बताया कि दिन भर प्रभावित क्षेत्र में गिरे पड़े लकड़ी के ठूंठ सुलगने पर उनकी निगरानी के लिए फारेस्ट गार्ड राकेश गिरि और भारत सिंह के नेतृत्व में टीम तैनात रही।
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वनाग्नि से क्वारसिंह में आवासीय मकान जलकर राख
- ग्रामीणों ने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की उठाई मांग
संवाद न्यूज़ एजेंसी
चंपावत। जिले के पाल बिलौन क्षेत्र में जंगल की आबादी क्षेत्र में पहुंचने से क्वारसिंह में दो मंजिला आवासीय मकान जल गया है। हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई है, लेकिन आग से घर का अधिकांश सामान खाक हो गया। ग्रामीणों ने वन विभाग से उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
बृहस्पतिवार को जिले के क्वारसिंह में जंगल की आग आवासीय मकान तक पहुंच गई। इससे पुष्कर राम और प्रेम राम का आवासीय मकान जलकर राख हो गया है। मकान में रखा सारा समान राख हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल में लगी आग पर काबू पाने में हुई देरी का नुकसान आसपास के क्षेत्रों को हुआ है। आग लगने से घर के भीतर का अधिकांश सामान जल कर बर्बाद हो गया। गनीमत रही कि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की कोई जन हानि नहीं हुई है। इधर ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है। जिले में वनाग्नि से आए दिन आवासीय मकान इसकी चपेट में आने से राख हो जा रहे हैं।
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फायर सर्विस ने छावनी क्षेत्र में आग पर काबू पाया
बनबसा (चंपावत)। बीती रात्रि बनबसा सेना छावनी परिसर में पेड़ों के गिरे पत्तों में भीषण आग लग गई। आग छावनी के संवेदनशील स्थलों को पहुंचने से पूर्व ही टनकपुर दमकल विभाग कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। जिससे बड़ा हादसा बच गया। आग बुझाने में सेना जवानों ने भी सहयोग दिया। टनकपुर फायर सर्विस के एलएफएम राजेंद्र नाथ, चालक जीवन सिंह, फायरमैन तनुजसिंह, राम गिरीआदि ने सहयोग दिया। संवाद