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Pithoragarh News: मुनस्यारी में ड्रोन से वनों पर नजर रख रहा वन विभाग
Thu, 30 Jan 2025 11:22 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 30 Jan 2025 11:22 PM IST
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पिथौरागढ़। मुनस्यारी वन प्रभाग में आग लगाने वाले अराजक तत्वों और शिकारियों पर नजर रखने के लिए विभाग ड्रोन की सहायता ले रहा है। वनों में संदिग्ध गतिविधियां करते यदि कोई पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शीतकाल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के कई संरक्षित प्रजाति के जीव जंतु भोजन की तलाश में निचली घाटियों की ओर आ जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ, भरल, भालू, मोनाल पक्षी सहित अन्य पशु पक्षी शामिल हैं। इन निरीह पशुओं का शिकार करने के लिए अराजक तत्व हिमालय की तलहटी में आग लगा देते हैं। हर साल पंचाचूली की तलहटी में आग लगने की घटनाएं होती हैं। शिकारी और अराजक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग सतर्कता बरत रहा है। इस बार विभाग शिकारियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की सहायता ले रहा है। एक बार बैटरी चार्ज करने पर ड्रोन से 10 किलोमीटर की रेंज तक नजर रखी जा सकेगी।
कोट
मुनस्यारी वन विभाग की सबसे बड़ी रेंज है। इसका क्षेत्रफल लगभग 2.80 लाख हेक्टेयर है। विशाल भू भाग की सीमित संसाधनों के साथ चौकसी करना काफी कठिन है। अत्याधुनिक ड्रोन कई किमी दूर तक जाकर वनों की देखरेख करने में सक्षम है। यह उच्च गुणवत्ता के फोटो और वीडियो शूट करने में सक्षम है। - विजय कुमार भट्ट, वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी।
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शीतकाल में उच्च हिमालयी क्षेत्रों के कई संरक्षित प्रजाति के जीव जंतु भोजन की तलाश में निचली घाटियों की ओर आ जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से कस्तूरी मृग, हिम तेंदुआ, भरल, भालू, मोनाल पक्षी सहित अन्य पशु पक्षी शामिल हैं। इन निरीह पशुओं का शिकार करने के लिए अराजक तत्व हिमालय की तलहटी में आग लगा देते हैं। हर साल पंचाचूली की तलहटी में आग लगने की घटनाएं होती हैं। शिकारी और अराजक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग सतर्कता बरत रहा है। इस बार विभाग शिकारियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन की सहायता ले रहा है। एक बार बैटरी चार्ज करने पर ड्रोन से 10 किलोमीटर की रेंज तक नजर रखी जा सकेगी।
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कोट
मुनस्यारी वन विभाग की सबसे बड़ी रेंज है। इसका क्षेत्रफल लगभग 2.80 लाख हेक्टेयर है। विशाल भू भाग की सीमित संसाधनों के साथ चौकसी करना काफी कठिन है। अत्याधुनिक ड्रोन कई किमी दूर तक जाकर वनों की देखरेख करने में सक्षम है। यह उच्च गुणवत्ता के फोटो और वीडियो शूट करने में सक्षम है। - विजय कुमार भट्ट, वन क्षेत्राधिकारी मुनस्यारी।
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