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अमृत महोत्सव के अवसर पर पोषण वाटिका महाअभियान शुरू
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कृषि विज्ञान केंद्र गैना में पोषण वाटिका अभियान के शुभारंभ पर मौजूद बच्चे और वैज्ञानिक। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। अंतरराष्ट्रीय पोषक अनाज वर्ष 2023 के परिपेक्ष्य में पोषण वाटिका अभियान और पौधरोपण अभियान शुरू हो गया है। कृषि विज्ञान केंद्र गैना में लाइव और ऑफलाइन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें लोगों को पोषण अभियान और पौधरोपण अभियान की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने किया। इस दौरान किसानों को 100 पैकेट बीज और 100 च्यूरा पौध बांटे गए। मल्लिकार्जुन विद्यालय की छात्राओं ने पोषक अनाजों से बनाए गए विभिन्न व्यंजन परोसे।
वैज्ञानिक स्वाति गर्ब्याल ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए और पोषण स्तर में सुधार और बेहतरी लाने के लिए पोषण वाटिका बनाना जरूरी है। उन्होंने पोषक वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए सभी से अपने घरों में पोषक वाटिका बनाने के लिए कहा।
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वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने कहा कि पोषण वाटिकाओं में मौसम के हिसाब से लौकी, पपीता, तुरई, ककड़ी, शिमला मिर्च, टमाटर, पुदीना, फूलगोभी, प्याज, गाजर, पालक, मूली आदि उत्पादित की जा सकती हैं। इस मौके पर डॉ. महेंद्र सिंह और डॉ. चेतन भट्ट मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने किया। इस दौरान किसानों को 100 पैकेट बीज और 100 च्यूरा पौध बांटे गए। मल्लिकार्जुन विद्यालय की छात्राओं ने पोषक अनाजों से बनाए गए विभिन्न व्यंजन परोसे।
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वैज्ञानिक स्वाति गर्ब्याल ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई जीतने के लिए और पोषण स्तर में सुधार और बेहतरी लाने के लिए पोषण वाटिका बनाना जरूरी है। उन्होंने पोषक वाटिका के महत्व पर जोर देते हुए सभी से अपने घरों में पोषक वाटिका बनाने के लिए कहा।
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वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने कहा कि पोषण वाटिकाओं में मौसम के हिसाब से लौकी, पपीता, तुरई, ककड़ी, शिमला मिर्च, टमाटर, पुदीना, फूलगोभी, प्याज, गाजर, पालक, मूली आदि उत्पादित की जा सकती हैं। इस मौके पर डॉ. महेंद्र सिंह और डॉ. चेतन भट्ट मौजूद रहे।