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फिर गरजे नैनीसैनी हवाईपट्टी से प्रभावित किसान
ब्यूराे/अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Fri, 11 Mar 2016 10:12 PM IST
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Farmers affected by runway roared again Nainisaini
- फोटो : अमर उजाला
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नैनीसैनी हवाईपट्टी और वहां तक जाने वाली सड़क के लिए अपनी 1737 नाली कृषि योग्य जमीन देने वाले किसानों ने शुक्रवार को हवाई पट्टी में एकत्र होकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि 1993 में बनकर तैयार इस हवाईपट्टी का सरकार ने अब तक कोई उपयोग तो नहीं किया लेकिन किसानों को उनकी जमीन से अलग जरूर कर दिया गया। किसानों की मांग है कि उनको जमीन का मुआवजा वर्तमान प्रचलित दर से दिया जाए और हर प्रभावित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। किसानों ने 14 मार्च को पैराग्लाइडिंग प्रतियोगिता के उद्घाटन के लिए आ रहे मुख्यमंत्री हरीश रावत का घेराव का एलान भी किया है।
भूमिया देवता किसान सामाजिक विकास समिति के बैनर तले शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में किसान प्रदर्शन के लिए पहुंचे। समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह खड़ायत ने कहा कि सरकार ने 1992 में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया। उसके बाद लगातार कभी विस्तारीकरण के लिए तो कभी अन्य कामों के लिए जमीन अधिग्रहित की जाती रही। सरकार अब तक इस हवाईपट्टी का कोई उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आने जाने के रास्ते हवाईपट्टी के कारण बंद कर दिए गए हैं। अब तक किसानों को मात्र दो लाख रुपये नाली के हिसाब से मुआवजा मिला है। जबकि जमीन की बाजार दर काफी बढ़ गई है। किसानों की मांग है कि उनको 1992 से लेकर अब तक का पूरा मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन में शामिल चंचल सिंह, हरीश कुमार, धाना देवी, कमला देवी आदि ने कहा कि हवाईपट्टी के नाम पर क्षेत्र की जनता के साथ भारी धोखा हुआ है। अब प्रभावित लोग आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
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भूमिया देवता किसान सामाजिक विकास समिति के बैनर तले शुक्रवार को सैकड़ों की संख्या में किसान प्रदर्शन के लिए पहुंचे। समिति के अध्यक्ष दीवान सिंह खड़ायत ने कहा कि सरकार ने 1992 में किसानों की जमीन का अधिग्रहण किया। उसके बाद लगातार कभी विस्तारीकरण के लिए तो कभी अन्य कामों के लिए जमीन अधिग्रहित की जाती रही। सरकार अब तक इस हवाईपट्टी का कोई उपयोग नहीं कर पाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के आने जाने के रास्ते हवाईपट्टी के कारण बंद कर दिए गए हैं। अब तक किसानों को मात्र दो लाख रुपये नाली के हिसाब से मुआवजा मिला है। जबकि जमीन की बाजार दर काफी बढ़ गई है। किसानों की मांग है कि उनको 1992 से लेकर अब तक का पूरा मुआवजा दिया जाए। प्रदर्शन में शामिल चंचल सिंह, हरीश कुमार, धाना देवी, कमला देवी आदि ने कहा कि हवाईपट्टी के नाम पर क्षेत्र की जनता के साथ भारी धोखा हुआ है। अब प्रभावित लोग आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
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