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दूर बड़ी दूर बर्फीला डाना...
ब्यूरो/अमर उजाला, धारचूला
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:30 PM IST
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जौलजीबी मेले में कार्यक्रम पेश करते लोकगायक जितेंद्र तोमक्याल
- फोटो : अमर उजाला
जौलजीबी मेले में अब सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम मचने लगी है। बुधवार रात कुमाऊंनी गायक ललित मोहन जोशी के गीतों को सुनने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। उन्होंने-दूर बड़ी दूर बर्फीला डाना, लद्दाख लड़ाई लागी, मेरा दाज्यू बची रया गीत पेश कर माहौल भावुक कर दिया। सैन्य बहुल इस इलाके के कई लोग सेना में कार्यरत हैं। उन्होंने इस गीत के माध्यम से सैनिकों को शुभकामना दी। इसके बाद लोकगायक जितेंद्र तोमक्याल ने-हिट ओ भुलि, हिट हो बैणा न्हे जानूं पहाड़ा, गीत गाकर पलायन कर रहे लोगों को संदेश देने का काम किया।
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जौलजीबी मेले के मुख्य मंच पर रं कम्युनिटी स्कूल धारचूला, विद्या मंदिर, शिशु मंदिर जौलजीबी, जीआईसी बलुवाकोट आदि विद्यालयों के कलाकारों ने कुमाऊंनी, नेपाली, गढ़वाली, राजस्थानी, पंजाबी और फिल्मी गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां दी। रं कम्युनिटी स्कूल के बच्चों के कार्यक्रमों की दर्शकों ने खूब सराहना की। इसके अलावा पुष्कर महर, प्रकाश रावत के टीम ने कई प्रस्तुतियों से समां बांधे रखा। कड़ाके ठंड के बावजूद लोग इनके गीतों पर झूमते रहे।
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बुधवार रात मंच पर पूर्व दर्जा मंत्री कैलाश रावत, धारचूला के क्षेत्र प्रमुख नेत्र सिंह कुंवर, दौलत पाल, लीला बनंग्याल, शकुंतला दताल का मेला कमेटी के ओर से स्वागत किया गया। जीआईसी के प्रधानाचार्य एमआर लोहिया, देवकी बोरा, खीमानंद अवस्थी, हुकुम बिष्ट भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। संचालन लक्ष्मण बिष्ट, करण थापा डीएन भट्ट ने किया। सहायक मेलाधिकारी आईबी मल्ल ने बताया कि मेला शांतिपूर्वक चल रहा है। रात के समय पुलिस की गश्त बढ़ाई गई है। कलाकारों और व्यापारियों को पूरी सुविधा दी जा रही है। शुक्रवार से मेले में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
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जौलजीबी में तिब्बती सामान आकर्षण का केंद्र
जौलजीबी मेले में तिब्बती से आयात किया गया सामान आकर्षण का केंद्र बना है। इस बार तिब्बत की मंडी के सीमांत के व्यापारी करीब छह करोड़ रुपये का सामान लेकर आए हैं। इनमें से अधिकांश सामान को जौलजीबी मेले में बिक्री के लिए लाया गया है। इनमें जैकेट, कंबल, टोपी, रेडीमेड कपड़े, जूते आदि शामिल हैं। तिब्बत से लाए गए इस सामान की कीमत अपेक्षाकृत कम होती है और इसकी गुणवत्ता अच्छी मानी जाती है। व्यापारियों का कहना है कि सामान की बिक्री धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। जौलजीबी मेले का मुख्य आकर्षण तिब्बती सामान ही रहता है। इसे खरीदने के लिए लोग पिथौरागढ़, डीडीहाट, अल्मोड़ा, चंपावत आदि स्थानों से पहुंचते हैं। जौलजीबी व्यापार संघ अध्यक्ष धीरेंद्र धर्मशक्तू ने बताया कि इस बार ज्यादा मात्रा में सामान आया है। उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में सामान की बिक्री तेज होने लगेगी। धारचूला व्यापार संघ के अध्यक्ष भूपेंद्र थापा का कहना है कि मेले का आकर्षण बना है। बाहरी जिलों के व्यापारी यहां पहुंच रहे हैं।
170 युवा ले रहे हैं रॉफ्टिंग का प्रशिक्षण
कुमाऊं मंडल विकास निगम ने इस बार भी जौलजीबी मेले में रिवर रॉफ्टिंग प्रशिक्षण शुरू किया है। निगम ने सात रॉफ्ट प्रशिक्षण के लिए पहुंचाए हैं। महाकाली में धारचूला और कनालीछीना विकासखंड के 170 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केएमवीएन के साहसिक पर्यटन प्रबंधक दिनेश गुरुरानी ने बताया कि युवाओं को स्वच्छता की शपथ दिलाई जा रही है और आपदा प्रबंधन के गुर भी सिखाए जा रहे हैं। प्रशिक्षण रिवर गाइड अरविंद नेगी, भूपेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, पद्म सिंह, अजय धामी, विनोद धामी, दीपक बिष्ट, राजेंद्र गड़कोटी दे रहे हैं। धारचूला पर्यटक आवासगृह के प्रबंधक दीवान सिंह रॉफ्टिंग प्रशिक्षण में सहयोग दे रहे हैं।