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Pithoragarh News: 11 साल बाद भी सड़क पर नहीं हुआ डामर

Thu, 22 Jan 2026 10:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Thu, 22 Jan 2026 10:39 PM IST
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Even after 11 years, the road has not been asphalted.
गंगोलीहाट में इस तरह बदहाल है बिलाल पट्टी के गांवों को जोड़ने के लिए बनी सड़क। संवाद
गंगोलीहाट(पिथौरागढ़)। विलाड़ पट्टी के छह से अधिक गांवों को जोड़ने के लिए सड़क तो बना दी गई लेकिन इस पर 11 साल बाद भी डामर नहीं हो सका है। पूरी सड़क बदहाल है इस पर डेढ़ हजार की आबादी जान जोखिम में डालकर सफर करने के लिए मजबूर है। उम्मीद थी कि सड़क बनने रिवर्स पलायन होगा। हैरानी की बात है कि सड़क पर आवाजाही खतरनाक होने से क्षेत्र के लोग वापस गांवों में लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं।
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बिलाड़ पट्टी के कसेड़ी, सिरोली, बालातड़ी, कमद, डोबालखेत, पैनापानी सहित अन्य गांवों के ग्रामीणों की आवाजाही सुगम बनाने के दावे कर 11 साल पहले बघर से डोबालखेत तक आठ किलोमीटर सड़क का निर्माण किया गया। हैरानी की बात है कि एक दशक बीतने के बाद भी सड़क पर डामर नहीं हो सका है। नाली निकास न होने से कई जगह सड़क नालों में तब्दील हो गई है। गड्ढों, मलबे से पटी इस सड़क पर खतरे को देखते हुए वाहन चालक वाहनों के संचालन से दूरी बना रहे हैं और डेढ़ हजार की आबादी पैदल सफर करने के लिए मजबूर है। ग्रामीणों ने कहा कि गांवों तक सड़क न होने से पहले की पलायन हो चुका है। सड़क बनने के बाद उम्मीद थी कि बाहर बसे लोग गांव लौटेंगे और रिवर्स पलायन होगा। सड़क पर आवाजाही खतरनाक होने से ग्रामीण वापस गांव लौटने से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सड़क पर डामर होता तो आवाजाही सुगम होती और रिवर्स पलायन भी होता।
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बोले ग्रामीण
डामर न होने से सड़क पर आवाजाही करना मुश्किल हो रहा है। हर रोज जान जोखिम में डालकर यात्री और वाहन चालक सफर कर रहे हैं। बाहर रह रहे लोग सड़क बदहाल होने से गांव लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। - हरीश चंद्र, कसेड़ी
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11 साल बाद भी सड़क पर डामर न होना गंभीर है इसकी मार हम सह रहे हैं। बदहाल सड़क पर वाहनों का संचालन करने से चालक हाथ पीछे खींच रहे हैं और हम पैदल सफर कर रहे हैं। - दिवान सिंह, बालातड़ी
कोट
पांच किलोमीटर सड़क पर डामर के लिए 4.16 करोड़ का आकलन तैयार कर शासन को भेजा गया था। अब यह सड़क पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित हो चुकी है। - हेम तिवारी, जेई, लोनिवि, बेड़ीनाग

कोट
चार महीने पहले ही सड़क पीएमजीएसवाई को हस्तांतरित हुई है। सड़क आगे की तरफ और काटी जानी है। इसके लिए सर्वे हुआ है। इसके बाद भी डामरीकरण का प्रस्ताव तैयार होगा।- मनोज नेगी, जेई, पीएमजीएसवाई, गंगोलीहाट
फो
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