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आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर योजना के नोडल अधिकारी बने डॉ अवनीश उपाध्याय
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डॉ अवनीश उपाध्याय।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। डॉ अवनीश उपाध्याय को आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की स्थापना आयुष मंत्रालय भारत सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना है। जिसकी प्रगति की समीक्षा प्रति सप्ताह प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जा रही है। पूरे देश भर में 12500 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों की स्थापना की जानी है। जिसके अंतर्गत उत्तराखंड में आगामी 5 वर्षों में 200 आयुष चिकित्सालय या डिस्पेंसरी को हेल्थ एंड वेलनेस केंद्रों के रूप में स्थापित किया जाएगा।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में भारत सरकार ने राज्य के लिए 50 फीसदी की धनराशि जारी कर दी है। हेल्थ वेलनेस केंद्रों की स्थापना मार्च 2021 तक पूर्ण करने के निर्देश हैं। जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी के अलावा एलोपैथी चिकित्सा उपलब्ध होगी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए पहले चरण में प्रदेश के 60 आयुर्वेद चिकित्सालयों का चयन भी कर लिया गया है। इसमें सात केंद्र जनजातीय क्षेत्र में रखे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
वेलनेस केंद्रों में औषधि उद्यान केंद्र विकसित होंगे
पिथौरागढ़। नोडल अधिकारी डॉ. उपाध्याय ने बताया कि वेलनेस केंद्रों में मरीजों के लिए वार्ड, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र बनाने के साथ ही औषधि उद्यान भी विकसित किए जाएंगे। औषधि उद्यान में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। लोगों को औषधीय पौधों का महत्व बताकर इलाज भी किया जाएगा। टेलीमेडिसिन की सुविधा भी दी जाएगी। हेल्थ वेलनेस केंद्रों में वृद्धावस्था जन्य रोग, ब्लड प्रेशर, हाइपर टेंशन, शुगर इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। मरीजों का रिकार्ड भी रखा जाएगा। (संवाद)
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जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत प्रथम चरण में भारत सरकार ने राज्य के लिए 50 फीसदी की धनराशि जारी कर दी है। हेल्थ वेलनेस केंद्रों की स्थापना मार्च 2021 तक पूर्ण करने के निर्देश हैं। जहां आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्सा, होम्योपैथी के अलावा एलोपैथी चिकित्सा उपलब्ध होगी। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाने के लिए पहले चरण में प्रदेश के 60 आयुर्वेद चिकित्सालयों का चयन भी कर लिया गया है। इसमें सात केंद्र जनजातीय क्षेत्र में रखे जाने का लक्ष्य रखा गया है।
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वेलनेस केंद्रों में औषधि उद्यान केंद्र विकसित होंगे
पिथौरागढ़। नोडल अधिकारी डॉ. उपाध्याय ने बताया कि वेलनेस केंद्रों में मरीजों के लिए वार्ड, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र बनाने के साथ ही औषधि उद्यान भी विकसित किए जाएंगे। औषधि उद्यान में विभिन्न प्रकार के औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। लोगों को औषधीय पौधों का महत्व बताकर इलाज भी किया जाएगा। टेलीमेडिसिन की सुविधा भी दी जाएगी। हेल्थ वेलनेस केंद्रों में वृद्धावस्था जन्य रोग, ब्लड प्रेशर, हाइपर टेंशन, शुगर इलाज की सुविधा भी दी जाएगी। शिविरों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाएगा। मरीजों का रिकार्ड भी रखा जाएगा। (संवाद)
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