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12 लाख की योजना से एक दिन भी नहीं चला पानी
ब्यूरो/अमर उजाला, थल
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:05 PM IST
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थल के गोल गांव में सूखी पड़ी हाइड्रम योजना की टंकी
- फोटो : अमर उजाला
लघु सिंचाई विभाग की ओर से वर्ष 2007 में 12 लाख रुपये खर्च कर लकड़ीगाड़ से गोल गांव के लिए बनाई गई हाइड्रम सिंचाई योजना से एक दिन भी पानी नहीं चला। विभाग बंद पड़ी इस योजना की मरम्मत पर हर साल दो लाख रुपये खर्च कर रहा है। वहीं, पानी नहीं मिलने से गोल गांव में 15 हेक्टेयर जमीन सूखी पड़ी है।
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गोल गांव के लोगों की मांग पर लघु सिंचाई विभाग ने इस हाइड्रम योजना का निर्माण किया था। पानी को खींचने के लिए बलीबगड़ में पंप लगाए गए। यह पंप लगाने के दिन भी नहीं चल पाए। विभाग ने गांव तक पाइप लाइन बिछाई और खेतों के किनारे पानी को संग्रह करने के लिए टंकी का निर्माण किया। इस टंकी में अब तक पानी की बूंद नहीं पहुंची है। गांव के लोगों ने बताया कि यदि योजना संचालित हो जाती तो कृषि उत्पादन बढ़ जाता और सब्जी उत्पादन भी होने लगता।
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इससे लोगों की आजीविका में सुधार आता। गांव के किसान देवी चंद और पार्वती चंद ने बताया कि पानी के अभाव में हर साल एक सीजन की खेती छोड़नी पड़ती है। गांव के लोगों में विभाग के खिलाफ गुस्सा है। उन्होंने कहा कि यदि योजना से पानी नहीं चलाया गया तो आंदोलन किया जाएगा। लघु सिंचाई विभाग के अवर अभियंता केबी कांडपाल ने बताया कि इस योजना की मरम्मत का प्रस्ताव प्रधानमंत्री सिंचाई योजना में भेजा गया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही योजना की मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।
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