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Pithoragarh News: स्वरोजगार के लिए करें मशरूम उत्पादन
Sun, 04 May 2025 10:10 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 04 May 2025 10:10 PM IST
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कृषि विज्ञान केंद्र में प्रशिक्षण के अवसर पर मौजूद किसान, शिक्षक और प्रसार अधिकारी। स्रोत:
पिथौरागढ़। कृषि विज्ञान केंद्र पिथौरागढ़ में किसानों और प्रसार अधिकारियों को ढींगरी मशरूम उत्पादन पर दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में जिला पिथौरागढ़ के विभिन्न ग्रामों से किसानों और शिक्षकों ने भी प्रतिभाग किया और मशरूम उत्पादन की बारीकियां सीखीं।
केंद्र के मशरूम विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया की मशरूम उत्पादन लाभकारी व्यवसाय है। पहाड़ों से ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकने के लिए मशरूम उत्पादन का व्यवसाय काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने मशरूम की विभिन्न प्रजातियों और प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। केंद्र के सब्जी विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने विपणन के बारे में भी बताया। डॉ. चेतन कुमार भट्ट ने मशरूम उत्पादन के लिए तापमान, आद्रता के महत्व के बारे में बताया। डॉ. स्वाती गर्ब्याल ने किसानों को मशरूम से बनने वाले अचार, पापड़, सूप, बड़ी आदि के बारे में बताया। डॉ. कंचन आर्या और डॉ. अलंकार सिंह ने किसानों से समूह में मशरूम उत्पादन करके अच्छी आय अर्जित करने की सलाह दी। किसानों ने केंद्र की मशरूम उत्पादन इकाई का भ्रमण भी किया।
वहां बिपिन चंद्र जोशी, हीरा सिंह, गौरव बोहरा, यूनिस भंडारी, मोनिका नगन्याल, दीपा सामंत, जीवन चंद्र पुनेड़ा, शिक्षक चंद्रशेखर जोशी आदि प्रशिशु उपस्थित रहे। केंद्र के जीवन लाल, दीपक कुमार, संदीप कुमार, रामाशीश, बबली ने सहयोग दिया।
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केंद्र के मशरूम विशेषज्ञ डॉ. महेंद्र सिंह ने बताया की मशरूम उत्पादन लाभकारी व्यवसाय है। पहाड़ों से ग्रामीण युवाओं के पलायन को रोकने के लिए मशरूम उत्पादन का व्यवसाय काफी उपयोगी साबित होगा। उन्होंने मशरूम की विभिन्न प्रजातियों और प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। केंद्र के सब्जी विज्ञान के विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक बहुगुणा ने विपणन के बारे में भी बताया। डॉ. चेतन कुमार भट्ट ने मशरूम उत्पादन के लिए तापमान, आद्रता के महत्व के बारे में बताया। डॉ. स्वाती गर्ब्याल ने किसानों को मशरूम से बनने वाले अचार, पापड़, सूप, बड़ी आदि के बारे में बताया। डॉ. कंचन आर्या और डॉ. अलंकार सिंह ने किसानों से समूह में मशरूम उत्पादन करके अच्छी आय अर्जित करने की सलाह दी। किसानों ने केंद्र की मशरूम उत्पादन इकाई का भ्रमण भी किया।
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वहां बिपिन चंद्र जोशी, हीरा सिंह, गौरव बोहरा, यूनिस भंडारी, मोनिका नगन्याल, दीपा सामंत, जीवन चंद्र पुनेड़ा, शिक्षक चंद्रशेखर जोशी आदि प्रशिशु उपस्थित रहे। केंद्र के जीवन लाल, दीपक कुमार, संदीप कुमार, रामाशीश, बबली ने सहयोग दिया।
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