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जिलाधिकारी ने बंगपानी पहुंचकर लिया आपदा से हुए नुकसान का जायजा
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आपदा प्रभावित छोरीबगड़ में प्रभावितों की समस्याएं सुनते डीएम डा.विजय कुमार।
- फोटो : PITHORAGARH
पिथौरागढ़। मुनस्यारी और बंगापानी तहसीलों में आपदा को देखते डीएम डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने रविवार की सुबह आईआरएस के अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत और पुनर्निर्माण की समीक्षा की। इसके बाद बंगापानी पहुंचकर आपदा से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को दो टीमों का गठन कर क्षति का आकलन कर 20 जुलाई तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा।
डीएम ने एडीएम को मुनस्यारी में शिविर लगाकर राहत बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों को विभागों के माध्यम से कराने के साथ ही आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनने को कहा। उन्होंने धारचूला के एसडीएम से तत्काल प्रभावितों को राहत राशि एवं सामग्री वितरण के साथ ही राजस्व विभाग के माध्यम से उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जल संस्थान, पेयजल निगम डीडीहाट को बारिश से क्षतिग्रस्त 17 पेयजल योजनाओं में 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक रूप से पेयजल आपूर्ति करने को कहा।
सीएमओ को आपदा प्रभावित क्षेत्र के सभी गांवों में आशा एवं एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने, लोनिवि, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को बंद सड़कों को शीघ्र खोलने और मानसून काल में संवेदनशील सड़कों में जेसीबी को पहले से तैयार रखने पूर्ति विभाग को राशन के पैकेट पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम के अनुसार आपदा के दौरान बाधित 37 गांवों में से 20 गांवों की आपूर्ति बहाल कर दी है। डीएम ने बंगापानी तहसील पहुंचकर क्षति का निरीक्षण किया। इस दौरान आपदा पीड़ितों ने उन्हें स्थानीय समस्याएं बताईं। उन्होंने प्रभावितों को राहत सामग्री भी बांटी।
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चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क में आया मलबा
धारचूला (पिथौरागढ़)। बारिश से टनकपुर-तवाघाट सड़क दोबाट में भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई है। तवाघाट-घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क में भी कई स्थानों पर मलबा आया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले इस सड़क के बंद होने से पूजा के लिए जा रहे व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों को भी दिक्कत हो रही है। बीआरओ के कर्मचारी सड़क खोलने में युद्धस्तर पर लगे हैं। संवाद
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डीएम ने एडीएम को मुनस्यारी में शिविर लगाकर राहत बचाव और पुनर्निर्माण कार्यों को विभागों के माध्यम से कराने के साथ ही आपदा प्रभावितों की समस्याएं सुनने को कहा। उन्होंने धारचूला के एसडीएम से तत्काल प्रभावितों को राहत राशि एवं सामग्री वितरण के साथ ही राजस्व विभाग के माध्यम से उचित कार्रवाई के निर्देश दिए। जल संस्थान, पेयजल निगम डीडीहाट को बारिश से क्षतिग्रस्त 17 पेयजल योजनाओं में 24 घंटे के भीतर वैकल्पिक रूप से पेयजल आपूर्ति करने को कहा।
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सीएमओ को आपदा प्रभावित क्षेत्र के सभी गांवों में आशा एवं एएनएम के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं दिलाने, लोनिवि, पीएमजीएसवाई और बीआरओ को बंद सड़कों को शीघ्र खोलने और मानसून काल में संवेदनशील सड़कों में जेसीबी को पहले से तैयार रखने पूर्ति विभाग को राशन के पैकेट पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए। ऊर्जा निगम के अनुसार आपदा के दौरान बाधित 37 गांवों में से 20 गांवों की आपूर्ति बहाल कर दी है। डीएम ने बंगापानी तहसील पहुंचकर क्षति का निरीक्षण किया। इस दौरान आपदा पीड़ितों ने उन्हें स्थानीय समस्याएं बताईं। उन्होंने प्रभावितों को राहत सामग्री भी बांटी।
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चीन सीमा को जोड़ने वाली सड़क में आया मलबा
धारचूला (पिथौरागढ़)। बारिश से टनकपुर-तवाघाट सड़क दोबाट में भारी मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हो गई है। तवाघाट-घट्टाबगड़-लिपुलेख सड़क में भी कई स्थानों पर मलबा आया है। चीन सीमा को जोड़ने वाले इस सड़क के बंद होने से पूजा के लिए जा रहे व्यास घाटी के सात गांवों के लोगों के साथ ही सुरक्षा बलों को भी दिक्कत हो रही है। बीआरओ के कर्मचारी सड़क खोलने में युद्धस्तर पर लगे हैं। संवाद