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डीपीआर में झूलाघाट को गांव का दर्जा देने से आक्रोश
ब्यूरो/अमर उजाला, झूलाघाट
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:17 PM IST
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झूलाघाट में पंचेश्वर बांध के विरोध में प्रदर्शन करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
पंचेश्वर बांध की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सामने आने के बाद अब लगातार प्रदर्शन हो रहे हैं। डीपीआर में झूलाघाट को एक गांव का हिस्सा बताने से लोगों में आक्रोश है। मंगलवार को लोगों ने फिर प्रदर्शन किया और मांग की कि पहले तो बांध परियोजना को निरस्त किया जाए और यदि ऐसा संभव न हो तो बांध की ऊंचाई को कम किया जाए।
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व्यापार संघ अध्यक्ष संजीव जोशी ने कहा कि पंचेश्वर बांध के डूब क्षेत्र की सबसे ज्यादा आबादी वाला कस्बा झूलाघाट है। इसकी आबादी इस समय 5000 के करीब है। यह बहुत पुरानी व्यापारिक मंडी हैं। नेपाल सीमा होने की वजह से कस्टम विभाग नेपाल को जाने वाले सामान पर सीमा शुल्क लेता है। साथ ही बिजली विभाग, जल संस्थान और जिला पंचायत करों को लेते हैं।
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झूलाघाट में व्यापार संघ पिछले 30 वर्षों से भी काम कर रहा है। ऐसे में यदि झूलाघाट के अस्तित्व पर संकट आता है तो हजारों लोगों की रोजीरोटी प्रभावित हो जाएगी। प्रदर्शन करने वालों में रमेश कलखुड़िया, दशरथ खड़ायत, दीपक ईजरवाल, डंबर बिष्ट, हरिबल्लभ भट्ट, मनोज गड़कोटी, भुवन चंद्र भट्ट, सुरेश भट्ट, जावेद आदि शामिल थे।
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