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Pithoragarh News: पैसा मिलने के बाद भी नहीं बनाए मकान
Sun, 26 Mar 2023 11:51 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 26 Mar 2023 11:51 PM IST
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पिथौरागढ़। सरकार की ओर से राशि जारी होने के बावजूद अधिकतर आपदा प्रभावितों ने अब तक नए मकान नहीं बनाए हैं। चूंकि अब मानसून सीजन आने में कुछ ही समय शेष रह गया है। ऐसे में प्रशासनिक अमला चिंतित है। उन्होंने मकान का कार्य जल्द पूरा नहीं करने वाले लोगों को नोटिस जारी किए हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष 2019 में 385 परिवारों के लिए शासन की ओर से करीब 16.50 करोड़ की राशि जारी हुई है। इस राशि से धारचूला तहसील में 147, बंगापानी में 74, मुनस्यारी में 134, तेजम में 12, डीडीहाट में 6, कनालीछीना में 4 और बेड़ीनाग में आठ मकान बनाए जाने हैं। इनमें से 150 परिवारों ने तो खिड़की स्तर से ऊपर तक मकान बना लिए हैं।
इन्हें दूसरी किश्त भी जारी हो गई है लेकिन 235 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने अभी मकान का कार्य खिड़की स्तर तक भी नहीं पहुंचाया है। इसके चलते इन्हें दूसरी किश्त भी नहीं दी सकी है। इनमें से करीब 50-60 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने मकान का कार्य शुरू ही नहीं किया। बता दें कि प्रत्येक आपदा प्रभावित को मकान बनाने के लिए 4.25 लाख रुपये की राशि शासन की ओर से दी जाती है। संवाद
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आपदा पीड़ितों को मकान खुद बनाने हैं। इसके लिए उन्हें धनराशि आवंटित की गई है। 50-60 लोगों ने मकान का कार्य शुरू नहीं किया था। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं कि वह अपने मकान शीघ्र बना लें। -एफआर चौहान, अपर जिलाधिकारी, पिथौरागढ़।
इन गांवों में हैं मकान के लंबित प्रकरण
पिथौरागढ़। आपदा प्रभावित तहसील धारचूला के बुंगबुंग तोक सिमखोला, अक्तु, रूमकासैन, कुंजासु, सुवा तोक दुबाधार, ग्वाल गांव, दर, जिप्ती तोक गर्बाधार और जुम्मा गांव। तहसील बंगापानी का लुमती और तेजम तहसील के गिरगांव, गटघेरगाड़ी के तोक घट, मगर, डुंगरी, कोट्यूड़ा, खेताली, कोटा, भंडारी गांव। मुनस्यारी के ग्राम धापा, सेरासुरईधार, मालूपाती, जोशा, भदेली। तहसील धारचूला के अंतर्गत भूमि उपलब्ध न होने के कारण आपदाग्रस्त परिवारों के लिए जिले के अन्य तहसीलों में भूमि चयन की जा रही है। अन्य प्रभावितों के लिए विस्थापन की पत्रावली तहसील स्तर पर तैयार की जा रही है। संवाद
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आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में वर्ष 2019 में 385 परिवारों के लिए शासन की ओर से करीब 16.50 करोड़ की राशि जारी हुई है। इस राशि से धारचूला तहसील में 147, बंगापानी में 74, मुनस्यारी में 134, तेजम में 12, डीडीहाट में 6, कनालीछीना में 4 और बेड़ीनाग में आठ मकान बनाए जाने हैं। इनमें से 150 परिवारों ने तो खिड़की स्तर से ऊपर तक मकान बना लिए हैं।
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इन्हें दूसरी किश्त भी जारी हो गई है लेकिन 235 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने अभी मकान का कार्य खिड़की स्तर तक भी नहीं पहुंचाया है। इसके चलते इन्हें दूसरी किश्त भी नहीं दी सकी है। इनमें से करीब 50-60 परिवार ऐसे हैं जिन्होंने मकान का कार्य शुरू ही नहीं किया। बता दें कि प्रत्येक आपदा प्रभावित को मकान बनाने के लिए 4.25 लाख रुपये की राशि शासन की ओर से दी जाती है। संवाद
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आपदा पीड़ितों को मकान खुद बनाने हैं। इसके लिए उन्हें धनराशि आवंटित की गई है। 50-60 लोगों ने मकान का कार्य शुरू नहीं किया था। इसके लिए उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं कि वह अपने मकान शीघ्र बना लें। -एफआर चौहान, अपर जिलाधिकारी, पिथौरागढ़।
इन गांवों में हैं मकान के लंबित प्रकरण
पिथौरागढ़। आपदा प्रभावित तहसील धारचूला के बुंगबुंग तोक सिमखोला, अक्तु, रूमकासैन, कुंजासु, सुवा तोक दुबाधार, ग्वाल गांव, दर, जिप्ती तोक गर्बाधार और जुम्मा गांव। तहसील बंगापानी का लुमती और तेजम तहसील के गिरगांव, गटघेरगाड़ी के तोक घट, मगर, डुंगरी, कोट्यूड़ा, खेताली, कोटा, भंडारी गांव। मुनस्यारी के ग्राम धापा, सेरासुरईधार, मालूपाती, जोशा, भदेली। तहसील धारचूला के अंतर्गत भूमि उपलब्ध न होने के कारण आपदाग्रस्त परिवारों के लिए जिले के अन्य तहसीलों में भूमि चयन की जा रही है। अन्य प्रभावितों के लिए विस्थापन की पत्रावली तहसील स्तर पर तैयार की जा रही है। संवाद