फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Dantu mela in dantu mela

Pithoragarh News: हया गबला देव पूजा और दांतू मेला शुरू

Sun, 20 Aug 2023 11:52 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़ Updated Sun, 20 Aug 2023 11:52 PM IST
विज्ञापन
Dantu mela in dantu mela
दारमा घाटी के दांतू मंदिर परिसर में पूजा के लिए प्रसाद बनाते युवा। स्रोत: ग्रामीण
धारचूला (पिथौरागढ़)। चीन सीमा से जुड़े दारमा घाटी के ग्राम दांतू में हया गबला देव पूजा और चार दिवसीय ऐतिहासिक दांतू मेले का शुभारंभ शनिवार की रात जागरण से हो गया है। अगले कुछ दिन तक घाटी के गांवों में ग्रामीणों की काफी चहलपहल रहेगी।
विज्ञापन

वर्ष 1977 से आयोजित हो रहे दांतू मेला और हया गबला देव पूजा के लिए रविवार सुबह विधि-विधान से अनुष्ठान कर क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना की गई। गबला देव मंदिर प्रांगण में दांतू नवयुवक मंगल दल के साथ ही अन्य युवाओं ने श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद और भोज की व्यवस्था की। मेला कमेटी के अध्यक्ष जमन सिंह दताल ने बताया कि सुबह पूजा-अर्चना और रात में आमंत्रित गांव की टीम के कलाकार सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करेंगे। सोमवार को वाॅलीबाल, रस्साकसी का आयोजन किया जाएगा।
विज्ञापन

मंगलवार को फाइनल मुकाबला होगा। रात में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही पुरस्कार वितरण कर मेले का समापन किया जाएगा। पूजा और मेले में आने वाले सभी श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए मेला कमेटी की ओर से रहने, खाने की व्यवस्था की गई है। मेला संपन्न कराने में अरविंद बोनाल, दिनेश चलाल, जयेंद्र फिरमाल, दिनेश बंग्याल, राकेश नगन्याल, महेश जंग, महेश दताल आदि मदद कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने किया है सहयोग
धारचूला। मेला कमेटी के अध्यक्ष जमन सिंह दताल ने बताया कि मेले को संपन्न करने के लिए दारमा के कर्मचारी और ग्रामीणों ने आर्थिक सहयोग किया है। स्व. दाधीमल दताल की स्मृति में उनके पौत्र कुलदीप जंग ने रस्साकसी के लिए 25 हजार रुपये, स्व. तिंका की स्मृति में उनके पुत्र डॉ. राजेंद्र सिंह दताल ने छोलिया नृत्य के लिए 30 हजार रुपये और स्व. लक्ष्मण सिंह दताल की स्मृति में उनके भांजे लोकेश ग्वाल ने वॉलीबाल आदि प्रतियोगिता के लिए सहयोग राशि मेला कमेटी को भेंट की है। संवाद


भाईचारा बढ़ाने को होता है मेला
धारचूला। वर्ष 1977 में दांतू मेले की शुरूआत करने वाले लोगों में जीवित बचे बुजुर्ग सुंदर सिंह बोनाल और ऊपर सिंह सीपाल ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य दारमा घाटी के 14 गांव के लोगों में आपसी भाईचारा कायम रखना है। मेले के दौरान माइग्रेशन में होने वाली समस्या पर चर्चा, महिलाओं की शिक्षा, रं संस्कृति का संरक्षण, क्षेत्र के विकास पर चर्चा भी की जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed