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Pithoragarh News: डीडीहाट के गांवों में 1400 रुपये में पहुंच रहा है सिलिंडर
Mon, 15 Jul 2024 11:18 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Mon, 15 Jul 2024 11:18 PM IST
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गराली गांव में जंगल के रास्तें से सिलिंडर ले जाती महिला। स्रोत- ग्रामीण
डीडीहाट (पिथौरागढ़)। मूसलाधार बारिश से विकासखंड की आधा दर्जन से अधिक सड़कें बंद हैं। सड़कें बंद होने से लोगों को गांव तक रोजमर्रा का सामान पहुंचाने में दिक्कत हो रही है। गांव तक सामान पहुंचाने के लिए ढुलान भाड़े में अधिक पैसा खर्च हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए 1200 से 1400 रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों तक सिलिंडर पहुंचाना कठिन हो रहा है। वाहनों का संचालन नहीं होने से ग्रामीणों को पीठ या कंधे पर सिलिंडर ढोने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के आदिचौरा-सीनी चामा सड़क के बार-बार बंद होने से यहां सिलिंडर 11400 रुपये में पहुंच रहा है। ग्रामीण महिलाएं सिर पर सिलिंडर रखकर जंगलों के रास्ते घरों तक पहुंचाने को मजबूर हैं। देवीसूना-कौली गराली सड़क के बंद होने से गराली गांव में सिलिंडर 1200 रुपये में पहुंच रहा है। गांव का कोई तोक दूर है तो वहां का भाड़ा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है।
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200 रुपये भाड़ा देकर आलम दारमा गांव तक पहुंच रहा सिलिंडर
बंगापानी। बंगापानी तहसील के आलम दारमा के लिए सड़क नहीं है। यहां के लोगों को पीठ पर सिलिंडर ढोना पड़ता है या फिर मजदूर को 200 रुपये देने होते हैं। वर्तमान में बंगापानी में उपभोक्ताओं को घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए 200 रुपये भाड़े के देने होते हैं। ऐसे में 1060 रुपये में घर तक सिलिंडर पहुंचता है। संवाद
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सड़कों के बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों तक सिलिंडर पहुंचाना कठिन हो रहा है। वाहनों का संचालन नहीं होने से ग्रामीणों को पीठ या कंधे पर सिलिंडर ढोने पड़ रहे हैं। क्षेत्र के आदिचौरा-सीनी चामा सड़क के बार-बार बंद होने से यहां सिलिंडर 11400 रुपये में पहुंच रहा है। ग्रामीण महिलाएं सिर पर सिलिंडर रखकर जंगलों के रास्ते घरों तक पहुंचाने को मजबूर हैं। देवीसूना-कौली गराली सड़क के बंद होने से गराली गांव में सिलिंडर 1200 रुपये में पहुंच रहा है। गांव का कोई तोक दूर है तो वहां का भाड़ा बढ़ जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सड़क खोलने की मांग की है।
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200 रुपये भाड़ा देकर आलम दारमा गांव तक पहुंच रहा सिलिंडर
बंगापानी। बंगापानी तहसील के आलम दारमा के लिए सड़क नहीं है। यहां के लोगों को पीठ पर सिलिंडर ढोना पड़ता है या फिर मजदूर को 200 रुपये देने होते हैं। वर्तमान में बंगापानी में उपभोक्ताओं को घर तक सिलिंडर पहुंचाने के लिए 200 रुपये भाड़े के देने होते हैं। ऐसे में 1060 रुपये में घर तक सिलिंडर पहुंचता है। संवाद
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