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Pithoragarh News: बारिश के इंतजार में फसल और किसान
Sun, 01 Dec 2024 10:37 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Sun, 01 Dec 2024 10:37 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में दोपहर को जहां गुनगुनी धूप खिल रही है वहीं रात को कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह को पाला भी गिर रहा है। इस हफ्ते तापमान में और गिरावट रहने की संभावना है। बारिश नहीं होने से खेतों में बोये गए बीजों का जमाव भी नहीं हो पा रहा है। इससे काश्तकार परेशान हैं।
जिले में करीब 27700 हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल बोयी जाती है। इसमें से 18,000 हेक्टेयर में गेहूं और 900 हेक्टेयर पर मसूर की फसल बोयी जाती है। सिंचाई के साधन कम होने से अधिकतर जगहों पर किसान बारिश पर निर्भर हैं।
घाटी वाले क्षेत्रों में तो किसानों ने बुवाई कर ली है। ऊंचाई वाली जगहों पर किसान अभी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पिछले दो माह से बारिश नहीं होने और दिन में तेज धूप पड़ने से बीजों का जमाव नहीं हो पा रहा है। रामगंगा घाटी वाले क्षेत्रों में गेहूं, मसूर सूख गए हैं।
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नाचनी क्षेत्र के किसान हीरा सिंह, पूरन सिंह, गणेश सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से फसलें सूखने के कगार पर हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई और खेतों को नमी नहीं मिली तो फसल बोने में की गई मेहनत बेकार हो जाएगी। खेतों में रात को पड़ रहे पाले से भी फसल और सब्जियों को खासा नुकसान पहुंच रहा है।
पिथौरागढ़ के मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी का कहना है कि अभी कुछ जगहों पर बुवाई का सीजन चल रहा है। दिसंबर में बारिश नहीं हुई तो बीज का जमाव नहीं हो पाएगा। -
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जिले में करीब 27700 हेक्टेयर भूमि पर रबी की फसल बोयी जाती है। इसमें से 18,000 हेक्टेयर में गेहूं और 900 हेक्टेयर पर मसूर की फसल बोयी जाती है। सिंचाई के साधन कम होने से अधिकतर जगहों पर किसान बारिश पर निर्भर हैं।
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घाटी वाले क्षेत्रों में तो किसानों ने बुवाई कर ली है। ऊंचाई वाली जगहों पर किसान अभी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। पिछले दो माह से बारिश नहीं होने और दिन में तेज धूप पड़ने से बीजों का जमाव नहीं हो पा रहा है। रामगंगा घाटी वाले क्षेत्रों में गेहूं, मसूर सूख गए हैं।
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नाचनी क्षेत्र के किसान हीरा सिंह, पूरन सिंह, गणेश सिंह ने बताया कि बारिश नहीं होने से फसलें सूखने के कगार पर हैं। उनका कहना है कि यदि समय पर बारिश नहीं हुई और खेतों को नमी नहीं मिली तो फसल बोने में की गई मेहनत बेकार हो जाएगी। खेतों में रात को पड़ रहे पाले से भी फसल और सब्जियों को खासा नुकसान पहुंच रहा है।
पिथौरागढ़ के मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी का कहना है कि अभी कुछ जगहों पर बुवाई का सीजन चल रहा है। दिसंबर में बारिश नहीं हुई तो बीज का जमाव नहीं हो पाएगा। -