{"_id":"5a39488e4f1c1b4e718ba229","slug":"crusher-running-for-seven-years-in-dhaka-forest-panchayat","type":"story","status":"publish","title_hn":"धापा वन पंचायत में सात साल से चल रहा क्रशर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
धापा वन पंचायत में सात साल से चल रहा क्रशर
ब्यूरो/अमर उजाला, मुनस्यारी
Updated Tue, 19 Dec 2017 10:42 PM IST
विज्ञापन
मुनस्यारी के धापा वन पंचायत में लगा बीआरओ का क्रशर
- फोटो : अमर उजाला
मुनस्यारी विकास खंड के धापा वन पंचायत में वर्ष 2010 से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) का स्टोन क्रशर चल रहा है। क्रशर के चलने से वन पंचायत को नुकसान पहुंच रहा है और क्रशर से उड़ने वाली धूल से लगातार प्रदूषण फैल रहा है। गांव के लोगों का आरोप है कि यह क्रशर अवैध तरीके से संचालित किया जा रहा है। गांव के लोग कई बार बीआरओ के अधिकारियों के सामने आपत्ति दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अधिकारी ग्रामीणों की बात पर गौर नहीं करते। यह मामला एसडीएम विवेक प्रकाश के संज्ञान में लाया गया है। एसडीएम ने बताया कि इस मामले की जांच की जाएगी। यदि जांच में अवैध संचालन की पुष्टि हुई तो क्रशर को सीज कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
धापा के वन पंचायत सरपंच दिनेश धप्वाल ने बताया कि जब स्टोन क्रशर की स्थापना हुई तब गांव के लोगों ने यही समझा था कि कुछ दिन में यह बंद हो जाएगा। इसी कारण तब कोई आपत्ति नहीं की गई। बीआरओ ने इसे बंद करने के बजाय सात साल से लगातार जारी रखा है। उन्होंने कहा कि वन पंचायत से क्रशर लगाने के लिए कोई अनापत्ति प्रमाणपत्र भी नहीं लिया गया है। बीआरओ के स्थानीय अधिकारी इस मामले में कोई जवाब नहीं देते।
विज्ञापन
सरपंच ने बताया कि छह जून 2017 को तहसीलदार को इस मामले में लिखित शिकायत की गई, लेकिन क्रशर के निरीक्षण के लिए कोई अधिकारी नहीं आया। उन्होंने कहा कि यदि एसडीएम के स्तर से इस मामले में कदम नहीं उठाया गया तो मामला डीएम के समक्ष रखा जाएगा। एसडीएम ने कहा कि क्रशर लगाने के मामले की गहराई से जांच होगी। यदि क्रशर का संचालन अवैध तरीके से किया जा रहा होगा तो उसे सीज किया जाएगा।
विज्ञापन