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टीकाकरण के बाद बच्चों में खुशी की लहर

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Fri, 25 Mar 2022 11:42 PM IST
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Covid Vaccination in Pithauragarh And Champawat
पिथौरागढ़ के एशियन एकेडमी में बच्चों का टीकाकरण करती स्वास्थ्य कर्मी। संवाद - फोटो : PITHORAGARH
चंपावत/पिथौरागढ़। 12 से 14 आयु वर्ग के बच्चों में टीकाकरण को लेकर काफी उत्साह है। टीका लगाने के बाद बच्चे स्वयं को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। टीका लगाने के बाद बच्चे काफी खुश है और पढ़ाई भी पूरी लगन के साथ कर रहे हैं। पहला टीका लगा चुके बच्चे बेसब्री से दूसरे टीके का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि 16 मार्च से शुरू हुआ टीकाकरण अभियान अभी खास गति नहीं पकड़ पाया है। पिथौरागढ़ में 10 फीसदी तो चंपावत जिले में करीब 16 फीसदी बच्चों को ही टीके की पहली डोज लग पाई है। ऐसा नहीं कि बच्चों में टीके लगाने को लेकर उत्साह नहीं है, बल्कि ये नौबत स्कूलों में गृह परीक्षा होने से हो रही है। टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग के साथ-साथ विद्यालयों से भी समन्वय बना रहा है। शिक्षक बच्चों को बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। वहीं बच्चों का कहना है कि टीकाकरण को लेकर उन्हें किसी तरह का भय या हिचक नहीं है। वैक्सीन कोरोना से बचाव के लिए सुरक्षा कवच है।
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चंपावत मेें 1547 बच्चों को ही लग पाया टीका
चंपावत। जिले में 12 से 14 वर्ष आयु समूह के 9684 बच्चों को कोरोना के टीके लगने हैं। इसी माह 16 मार्च को शुभारंभ के बाद यह टीकाकरण अभियान चार दिन बंद रहने के बाद फिर 21 मार्च से दोबारा शुरू हुआ। स्कूलों में जाकर टीकाकरण कराए जाने के बावजूद 9684 बच्चों में से मात्र 1547 को ही ये टीके लगाए जा सके हैं। पहले दिन जिला मुख्यालय में मात्र एक स्कूल (उदयन इंटरनेशनल) में टीके लगाए गए, यहां महज 76 बच्चों का टीकाकरण हुआ था।
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बच्चे बोले हमें था टीकाकरण का इंतजार
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ की एशियन एकेडमी टकाना में कोरोना से बचाव के लिए चल रहे टीकाकरण में बच्चों में काफी उत्साह नजर आया। बच्चों ने कहा कि दो साल बाद जब वे स्कूल लौटे तो उन्हें काफी तनाव था। कोरोना का डर सता रहा था। फ्रंट लाइन वर्कर्स से लेकर बुजुर्ग और 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण होने के बाद उन्हें भी टीके लगवाने का इंतजार था। उनके टीकाकरण के बारे में कोई बात नहीं हो रही थी तो उन्हें संक्रमित होने का भय सता रहा था। अब टीका लगवाकर वह सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
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स्कूल में टीकाकरण के लिए तीन टीम
पिथौरागढ़। पिथौरागढ़ जिले में 12 से 14 आयु वर्ग के 16307 बच्चों का टीकाकरण होना है। अभी विभाग ने पूरे जिले में करीब 1500 से अधिक बच्चों का टीकाकरण कर लिया है। अन्य ब्लॉकों के स्कूलों में अभी टीकाकरण शुरू नहीं हुआ है। बच्चों को नजदीकी टीकाकरण केंद्र में जाकर अपना टीकाकरण कराना पड़ रहा है। सिर्फ पिथौरागढ़ के स्कूलों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें टीकाकरण करने में जुटी हैं।
व्हाट्सएप से कर रहे वैक्सीनेशन के लिए प्रेरित
टीकाकरण में स्कूल प्रबंधन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। पिथौरागढ़ के मानस एकेडमी के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार पंत ने बताया कि बच्चों को टीकाकरण के लिए लगातार प्रेरित किया जा रहा है। कक्षाओं में जागरूक करने के साथ ही व्हाट्सएप के माध्यम से भी संदेश दिए गए ताकि अभिभावक भी इस पर ध्यान दें। बच्चों में टीकाकरण के लिए काफी उत्साह है। अभी कई स्कूलों में परीक्षाएं भी चल रही हैं। इस कारण स्कूलों में बच्चों की 100 फीसदी उपस्थिति है। ऐसे में सभी बच्चों को टीके लगने की उम्मीद है।
अभिभावकों ने भी राहत महसूस की
पिथौरागढ़। बच्चों का टीकाकरण शुरू होने से अभिभावक भी राहत महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना संक्रमण अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में स्कूल भेजने पर बच्चों की अक्सर चिंता लगी रहती थी। पिथौरागढ़ निवासी कैलाश जोशी कहते हैं कि बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। टीकाकरण शुरू होने के बाद बच्चों को स्कूल भेजने में उन्हें किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं है।
पहले सता रहा था संक्रमण का डर
दो साल बाद स्कूल लौटे तो कोरोना संक्रमण का थोड़ा डर लग रहा था। पहले उनका टीकाकरण न होने और कोविड के लगातार मामले सामने आने से अभिभावक भी चिंतित रहते थे। टीकाकरण के बाद सुरक्षित महसूस कर रही हूं। - तेजस्विनी, छात्रा एशियन एकेडमी।
बेसब्री से था टीकाकरण का इंतजार
टीकाकरण होने के बाद अब काफी अच्छा लग रहा है। बेसब्री से टीकाकरण कर इंतजार हो रहा था। अब 28 दिन बाद जब दूसरा टीका लगेगा तो बड़ी राहत मिलेगी। अब बिना डर के पूरे जोश के साथ पढ़ाई होगी। - उन्नति, छात्रा एशियन एकेडमी, पिथौरागढ़।
स्कूल लौटकर नहीं लगा डर
दो साल बाद स्कूल लौटकर किसी भी प्रकार का डर नहीं लगा। कोविड गाइडलाइन के तहत कक्षाओं में पढ़ाई हो रही थी। शिक्षक भी पढ़ाई के लिए लगातार प्रेरित कर रहे थे। टीका लगने के बाद और सुरक्षित महसूस कर रहे हैं। - ज्योति परिहार, छात्रा एशियन एकेडमी, पिथौरागढ़।
हम भी कोरोना से लड़ाई में शामिल
कोर्बेवैक्स टीका लगने के बाद पहले थोड़ा दर्द हुआ, लेकिन एहसास हो रहा है कि हम भी कोविड की लड़ाई में शामिल हो गए हैं। कोविड से सुरक्षा के लिए सभी बच्चों को टीका लगाना चाहिए। - दीक्षा, छात्रा मानस एकेडमी, पिथौरागढ़।
जब मौका मिले टीका लगावाएं
विशेषज्ञों के अनुसार कोविड की दो और लहर आनी हैं। चीन के कई शहरों में लॉकडाउन शुरू हो गया है तो ऐसे में बच्चों का टीकाकरण भी बेहद जरूरी हो गया है। जब भी मौका मिले टीकाकरण करवाना न भूलें। -द्विजराज पंत, छात्र मानस एकेडमी, पिथौरागढ़।
टीका लगवा लिया, अब मैं सुरक्षित
कोविड वैक्सीन का टीका लगवाकर अच्छा लग रहा है। घर में सभी को टीका लग चुका था। अपनी बारी का भी बेसब्री से इंतजार कर रही थी। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में सुरक्षा को लेकर डर भी लगा था। अब मैं सुरक्षित हूं। - मानवी कोहली, छात्रा जीआईसी, पिथौरागढ़।
टीके से हुआ सुरक्षा का एहसास
मैंने बृहस्पतिवार को कोरोना रोधी टीके की पहली खुराक लगाई। टीका लगाकर सुरक्षा का अहसास हो रहा है। अब 28 दिन बाद दूसरी खुराक भी लगाऊंगी लेकिन आग्रह है कि सुरक्षित दूरी रखें और मास्क पहनना न छोड़ें। - डौली बोहरा, छात्रा, चंपावत।
कोई भ्रम न पालें
दो साल तक कोरोना महामारी की वजह से स्कूल न आने का दंश हम बच्चों ने झेला है। इसलिए पहली खुराक लगने से रोमांचित हूं। घर में परिवार के सभी बड़े-बुजुर्गों ने टीके लगा लिए हैं। टीके को लेकर किसी तरह का भ्रम न पालें। - वरदा जोशी, छात्रा, चंपावत।
होली के कारण टीकाकरण अभियान के पहले दिन मात्र 13 बच्चों का ही टीकाकरण हो पाया था। अब जिले के प्रत्येक ब्लॉकों में टीकाकरण शुरू कर दिया गया है। पिथौरागढ़ के प्रत्येक स्कूलों में जाकर टीकाकरण किया जा रहा है। सीएचसी, पीएचसी, एपीएचसी समेत अन्य केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा है। सभी से अनुरोध है कि टीका जरूर लगाएं। - डॉ. एचसी ह्यांकी, सीएमओ, पिथौरागढ़।

टीकाकरण की गति को बढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग समेत अधिक छात्र संख्या वाले स्कूलों से निजी स्तर पर भी समन्वय बनाया जा रहा है। वहीं सरकारी स्कूलों में टीकाकरण के लिए प्रेरित करने की जिम्मेदारी शिक्षकों को दी गई है जबकि निजी स्कूलों की ओर से टीकाकरण की उपयोगिता और कोरोना से बचाव के लिए इसकी जरूरत छात्र-छात्राओं के साथ अभिभावकों को बताकर प्रेरित किया जा रहा है। - डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत।
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