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जान हथेली पर लेकर नामिक में शत प्रतिशत टीकाकरण कर पहुंची टीम
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पिथौरागढ़ के अंतिम गांव में टीकाकरण करती टीम। संवाद
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। सीमांत के अंतिम गांव नामिक में 100 फीसदी टीकाकरण कर स्वास्थ्य विभाग की टीम लौट आई है। हालांकि बदहाल रास्तों के बीच टीम किसी तरह थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया के पास पहुंची। उफनाए हरड़िया नाले को पार करना टीम के लिए मुश्किल हुआ। गनीमत रही कि कुछ सदस्य बहने से बच गए और नाले में उतरने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इसके बाद टीम के लोग बागेश्वर के रास्ते पहुंचे।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 24 अगस्त अंतिम गांव नामिक पहुंचकर 273 लोगों का टीकाकरण किया। गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण के बाद शुक्रवार को टीम जिला मुख्यालय लौट रही थी। इसमें चिकित्सक सहित तीन महिला स्वास्थ्य कर्मी थे। हरड़िया के पास सड़क बंद होने से उनके पास नाले को पार कर दूसरी तरफ पहुंचने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
टीम के सदस्यों ने नाले को पार करने का प्रयास किया तो वे तेज प्रवाह में बहने लगे। गनीमत रही कि अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें बचा लिया। इसके बाद टीम ने बागेश्वर से पिथौरागढ़ आने का निर्णय लिया। टीम में प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत, कोल्ड चैन प्रबंधक पंकज सिंह बिष्ट, डॉ. कनक जोशी, मोहित पंत, नर्सिंग अधिकारी प्रियंका बिष्ट, रश्मि भट्ट, अशोक मेहता शामिल रहे।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 24 अगस्त अंतिम गांव नामिक पहुंचकर 273 लोगों का टीकाकरण किया। गांव में शत-प्रतिशत टीकाकरण के बाद शुक्रवार को टीम जिला मुख्यालय लौट रही थी। इसमें चिकित्सक सहित तीन महिला स्वास्थ्य कर्मी थे। हरड़िया के पास सड़क बंद होने से उनके पास नाले को पार कर दूसरी तरफ पहुंचने के अलावा कोई विकल्प नहीं था।
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टीम के सदस्यों ने नाले को पार करने का प्रयास किया तो वे तेज प्रवाह में बहने लगे। गनीमत रही कि अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने उन्हें बचा लिया। इसके बाद टीम ने बागेश्वर से पिथौरागढ़ आने का निर्णय लिया। टीम में प्रतिरक्षण सहायक मोहित पंत, कोल्ड चैन प्रबंधक पंकज सिंह बिष्ट, डॉ. कनक जोशी, मोहित पंत, नर्सिंग अधिकारी प्रियंका बिष्ट, रश्मि भट्ट, अशोक मेहता शामिल रहे।
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