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एएनएम 14 किमी पैदल चलकर टीका लगाने जा रही हुस्केर
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कनालीछीना के टुंड गांव में टीकाकरण के लिए जाती एएनएम।
- फोटो : PITHORAGARH
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पिथौरागढ़। स्वास्थ्य कर्मी टीकाकरण अभियान जी जान से जुटे हैं। कनालीछीना ब्लॉक के दोबांस क्षेत्र की एएनएम आशा बिष्ट डेढ़ साल से 14 किमी की पैदल यात्रा कर टीकाकरण कर रहीं हैं। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी के पैतृक गांव टुंडी में भी टीकाकरण किया है।
आशा अन्य लोगों को भी जागरूक करतीं हैं। उन्होंने पहले बुजुर्गों का टीकाकरण किया। अब वे बच्चों के टीकाकरण में जुटी हैं। टीके का बॉक्स लेकर एएनएम दोबांस से बारमो छह किमी दूरी तक वाहन से आती हैं। इसके बाद बारमो से सात किमी की पैदल यात्रा कर सीएम के पैतृक गांव टुंडी गांव पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि हुस्केर के हाईस्कूल में पहले दिन बच्चों का टीकाकरण किया, लेकिन अगले दिन उन्हें टीकाकरण के लिए गांव में घर-घर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र में लगातार इस तरह पैदल चलकर टीकाकरण करती हैं क्योंकि इस क्षेत्र में सुबह और शाम ही बहुत कम वाहन चलते हैं। जाते समय उतार और वापसी में थका देने वाली खड़ी चढ़ाई पार की। गांव में टीकाकरण से परहेज करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने की भी चुनौती मिली।
कई बार हुई खाने-पीने की दिक्कत
पिथौरागढ़। दोबांश की एनएनएम आशा बिष्ट ने बताया कि कोविड टीकाकरण के दौरान कई बार खाने-पीने की दिक्कत रही। कभी गांव में ग्रामीणों के घर में ही भोजन करना पड़ा। बारिश के मौसम में भीगना भी पड़ा। पथरीले और कीचड़ वाले रास्तों से गुजरकर टुंडी गांव में घर-घर जाकर सभी पात्र लोगों को टीके लगाए। बारिश में सबसे अधिक परेशानी हुई। पैदल रास्तों में चलते समय फिसलकर खाई में गिरने का खतरा था। कई बार गर्मी की मार भी झेलनी पड़ी। कई बार पीने का पानी नहीं मिल पाया। कई बार तो गांवों से घर लौटने के लिए वाहन नहीं मिले। तब वह अपने करीबियों को बुलाकर घर गईं।
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आशा अन्य लोगों को भी जागरूक करतीं हैं। उन्होंने पहले बुजुर्गों का टीकाकरण किया। अब वे बच्चों के टीकाकरण में जुटी हैं। टीके का बॉक्स लेकर एएनएम दोबांस से बारमो छह किमी दूरी तक वाहन से आती हैं। इसके बाद बारमो से सात किमी की पैदल यात्रा कर सीएम के पैतृक गांव टुंडी गांव पहुंचती हैं। उन्होंने बताया कि हुस्केर के हाईस्कूल में पहले दिन बच्चों का टीकाकरण किया, लेकिन अगले दिन उन्हें टीकाकरण के लिए गांव में घर-घर जाना पड़ा। उन्होंने कहा कि वे क्षेत्र में लगातार इस तरह पैदल चलकर टीकाकरण करती हैं क्योंकि इस क्षेत्र में सुबह और शाम ही बहुत कम वाहन चलते हैं। जाते समय उतार और वापसी में थका देने वाली खड़ी चढ़ाई पार की। गांव में टीकाकरण से परहेज करने वाले लोगों को प्रोत्साहित करने की भी चुनौती मिली।
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कई बार हुई खाने-पीने की दिक्कत
पिथौरागढ़। दोबांश की एनएनएम आशा बिष्ट ने बताया कि कोविड टीकाकरण के दौरान कई बार खाने-पीने की दिक्कत रही। कभी गांव में ग्रामीणों के घर में ही भोजन करना पड़ा। बारिश के मौसम में भीगना भी पड़ा। पथरीले और कीचड़ वाले रास्तों से गुजरकर टुंडी गांव में घर-घर जाकर सभी पात्र लोगों को टीके लगाए। बारिश में सबसे अधिक परेशानी हुई। पैदल रास्तों में चलते समय फिसलकर खाई में गिरने का खतरा था। कई बार गर्मी की मार भी झेलनी पड़ी। कई बार पीने का पानी नहीं मिल पाया। कई बार तो गांवों से घर लौटने के लिए वाहन नहीं मिले। तब वह अपने करीबियों को बुलाकर घर गईं।
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