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उपभोक्ता आयोग ने इंश्योरेंस कंपनी को दिए बीमा धनराशि का भुगतान करने के निर्देश
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Consumer Forum court order in Pithauragarh
पिथौरागढ़। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक मामले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को महिला परिवादी को बीमा राशि के एक लाख रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने पांच हजार रुपये मानसिक कष्ट और पांच हजार रुपये वाद व्यय के भी अदा करने को कहा है।
मामले के अनुसार, धारचूला के रांथी निवासी महिला नंदा देवी ने उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत वाद में कहा था कि उनके पति केशर सिंह की वर्ष 2013 में जीप दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
धारचूला के ग्रामीण बैंक में उनका और उनके पति का संयुक्त बचत खाता था। इसमें दुर्घटना में मृत्यु पर एक लाख रुपये की राशि दी जानी थी, लेकिन कई औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उन्हें दुर्घटना हित लाभ की राशि नहीं दी गई।
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इस मामले में सुनवाई कर आयोग के अध्यक्ष जिला जज डॉ. जीके शर्मा ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी देहरादून को परिवादी नंदा देवी को बीमा राशि के एक लाख रुपये और मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय के पांच-पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए।
एक माह के भीतर भुगतान न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य चंचल सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।
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मामले के अनुसार, धारचूला के रांथी निवासी महिला नंदा देवी ने उपभोक्ता आयोग में प्रस्तुत वाद में कहा था कि उनके पति केशर सिंह की वर्ष 2013 में जीप दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
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धारचूला के ग्रामीण बैंक में उनका और उनके पति का संयुक्त बचत खाता था। इसमें दुर्घटना में मृत्यु पर एक लाख रुपये की राशि दी जानी थी, लेकिन कई औपचारिकताएं पूरी करने के बाद भी उन्हें दुर्घटना हित लाभ की राशि नहीं दी गई।
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इस मामले में सुनवाई कर आयोग के अध्यक्ष जिला जज डॉ. जीके शर्मा ने नेशनल इंश्योरेंस कंपनी देहरादून को परिवादी नंदा देवी को बीमा राशि के एक लाख रुपये और मानसिक कष्ट एवं वाद व्यय के पांच-पांच हजार रुपये अदा करने के आदेश दिए।
एक माह के भीतर भुगतान न करने पर सात प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा। इस अवसर पर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य चंचल सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।