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Pithoragarh News: बंद सड़कें कर रहीं परेशान, प्रभावित हो रही दिनचर्या, आफत में पड़ रही जान
Thu, 17 Jul 2025 10:57 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Thu, 17 Jul 2025 10:57 PM IST
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पिथौरागढ़। सीमांत जिले में बारिश ने आफत बनती जा रही है। बारिश के बाद मलबा आने से 17 सड़कें बंद रहीं। इनमें से नौ सड़कों पर बमुश्किल आवाजाही शुरू करा दी गई है जबकि आठ सड़कों के खुलने का इंतजार है। सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-गुंजी सड़क पर आठ घंटे तक रफ्तार थमी रही। दारमा, व्यास और चौदास घाटी को आवाजाही करने वाले वाहन और यात्री फंसे रहे। बीआरओ ने बमुश्किल बोल्डर हटाकर आवाजाही शुरू कराई। सड़कें बंद होने से ग्रामीण जरूरत के सामान के लिए भी परेशान हो रहे हैं।
मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हुईं 17 सड़कों के कारण क्षेत्र की 22 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-गुंजी सड़क के बंद रहने से तीनों घाटियों के यात्री और वाहन चालक फंसे रहे। बीआरओ ने मलबा और बोल्डर हटाकर आठ घंटे बाद आवाजाही शुरू कराई जिससे लोगों को राहत मिली। ढलौनीसेरा-ग्वासीकोट, खुमती-कटौजिया, मुनस्यारी-मिलम, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा, सोबला-उमचिया, धारचूला-रांथी, नाचनी-भैंसकोट, लीलम-बुई पांतों सड़क बीते 12 दिन से बंद हैं, इन पर आवाजाही शुरू कराना चुनौती बना हुआ है। कई जगहों पर बोल्डर जानलेवा स्थिति में अटके हुए हैं।
इन सड़कों के लंबे समय से बंद रहने से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। गांवों में सप्लाई प्रभावित होने से राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की किल्लत हो गई है। ग्रामीणों को फल, सब्जी मिलना भी मुश्किल हो गया है। किसी तरह ग्रामीण मलबा और बोल्डरों के बीच जान जोखिम में डालकर पैदल सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। सभी सड़कों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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काली और रामगंगा के उफान पर आने से दहशत
झूलाघाट/थल। जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश हुई। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में भारी बारिश से काली और रामगंगा नदी उफान पर आ गईं। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से किनारे बसी आबादी दहशत में है। काली नदी के उफान पर आने से सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने क्षेत्र के लोगों को आगाह किया है। पुलिस ने लोगों ने नदी किनारे न जाने की अपील की है।
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जिले में बारिश का आंकड़ा (मिमी में)
पिथौरागढ 32.0
बेरीनाग 14.0
मुनस्यारी 12.6
बंगापानी 28.00
गणाई गंगोली 1.50
देवलथल 47.0
गंगोलीहाट 13.5
डीडीहाट 10.0
धारचूला 45.2
कनालीछीना 32.0
तेजम 12.00
थल 10.00
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मलबा और बोल्डर गिरने से बंद हुईं 17 सड़कों के कारण क्षेत्र की 22 हजार से अधिक की आबादी को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। चीन सीमा को जोड़ने वाली धारचूला-गुंजी सड़क के बंद रहने से तीनों घाटियों के यात्री और वाहन चालक फंसे रहे। बीआरओ ने मलबा और बोल्डर हटाकर आठ घंटे बाद आवाजाही शुरू कराई जिससे लोगों को राहत मिली। ढलौनीसेरा-ग्वासीकोट, खुमती-कटौजिया, मुनस्यारी-मिलम, बांसबगड़-कोटा, डीडीहाट-आदिचौरा, सोबला-उमचिया, धारचूला-रांथी, नाचनी-भैंसकोट, लीलम-बुई पांतों सड़क बीते 12 दिन से बंद हैं, इन पर आवाजाही शुरू कराना चुनौती बना हुआ है। कई जगहों पर बोल्डर जानलेवा स्थिति में अटके हुए हैं।
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इन सड़कों के लंबे समय से बंद रहने से क्षेत्र के 30 से अधिक गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कटा हुआ है। गांवों में सप्लाई प्रभावित होने से राशन सहित अन्य दैनिक जरूरत के सामान की किल्लत हो गई है। ग्रामीणों को फल, सब्जी मिलना भी मुश्किल हो गया है। किसी तरह ग्रामीण मलबा और बोल्डरों के बीच जान जोखिम में डालकर पैदल सफर कर स्थानीय बाजारों में पहुंच रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी भूपेंद्र महर ने कहा कि सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई हैं। सभी सड़कों को जल्द खोलने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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काली और रामगंगा के उफान पर आने से दहशत
झूलाघाट/थल। जिले के विभिन्न हिस्सों में बुधवार रात और बृहस्पतिवार सुबह भारी बारिश हुई। धारचूला और मुनस्यारी क्षेत्र में भारी बारिश से काली और रामगंगा नदी उफान पर आ गईं। दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ने से किनारे बसी आबादी दहशत में है। काली नदी के उफान पर आने से सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस ने क्षेत्र के लोगों को आगाह किया है। पुलिस ने लोगों ने नदी किनारे न जाने की अपील की है।
जिले में बारिश का आंकड़ा (मिमी में)
पिथौरागढ 32.0
बेरीनाग 14.0
मुनस्यारी 12.6
बंगापानी 28.00
गणाई गंगोली 1.50
देवलथल 47.0
गंगोलीहाट 13.5
डीडीहाट 10.0
धारचूला 45.2
कनालीछीना 32.0
तेजम 12.00
थल 10.00