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Pithoragarh News: प्रस्तावित लीड तीन डॉक्टर परीक्षा देने गए, दो छुट्टी पर, बचे सिर्फ एक, मरीजों का यह कैसा इम्तिहान
Tue, 07 Mar 2023 07:52 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, पिथौरागढ़
Updated Tue, 07 Mar 2023 07:52 AM IST
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पिथौरागढ़ बेस अस्पताल। संवाद
पिथौरागढ़। जिला मुख्यालय के लिंठ्यूड़ा में बेस अस्पताल का संचालन शुरू हो तो गया मगर स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर नहीं आ पा रही हैं। डॉक्टरों की कमी मरीजों के इलाज पर भारी पड़ रही है। यहां तैनात डॉक्टर पीजी की परीक्षा देने गए हैं। दो डॉक्टर अवकाश पर हैं। ऐसे में मरीजों को उपचार अब होली के बाद ही मिलने की उम्मीद है।
बेस अस्पताल में तैनात डॉ. निहाल, डॉ. राहुल और डॉ. अंजू पीजी परीक्षा के लिए गए हैं। ये डॉक्टर अब होली के बाद ही वापस आएंगे। बेस अस्पताल में 27 फरवरी से ओपीडी शुरू की गई थी। तब से लेकर वर्तमान तक 100 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने बेस अस्पताल में 16 नर्सिंग अधिकारी और चार चिकित्सकों की ड्यूटी रोटेशन में लगाई है।
इसके अलावा छह अन्य को भी तैनात किया गया है। इसमें से मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट तीन और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला शनिवार को बेस में बैठते हैं। चर्म रोग विशेष डॉ. मृगांक शुक्ला पीजी की परीक्षा के लिए गए हैं। वहीं ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कविता लोहनी अवकाश पर हैं।
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06पीटीए03पी- बेस अस्पताल। संवाद
कम नहीं हो रहे हैं वायरल के मरीज
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि पीलिया के मरीजों में अब कमी आ गई है। मुख्य फिजिशियन डॉ. आरएस धर्मशक्तू के पास 70 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक वायरल बुखार के हैं। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार तेजी के साथ लोगों में फैल रहा है। इसके अलावा खांसी, सर्दी, जुकाम के भी मरीज हैं, लेकिन वायरल के सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि दवा लेने पर बुखार कम तो हो जाता है, लेकिन अचानक आने लगता है। ऐसे में बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा लेना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जितना हो सके ताजा और गर्म खाना खाएं और उबला पानी पीएं।
06पीटीएच01पी- पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में मरीज से जानकारी लेते मुख्य फिजिशियन। संवाद
अमोड़ी को चाहिए इलाज... 10 महीने में सिर्फ जमीन ही खोज सके
पिछले साल अप्रैल में सीएम के एलान के बाद भी 25 गांवों की सात हजार की आबादी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अमोड़ी क्षेत्र के दुधौरी में रविवार को हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हुई। हादसे के वक्त तुरंत इलाज मिलने पर कम से कम एक यात्री कुंदन की जान बच सकती थी लेकिन अस्पताल न होने से घायल यात्री को प्राथमिक इलाज के लिए ही टनकपुर ले जाना पड़ा।
घनी आबादी वाले अमोड़ी क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। अमोड़ी में 21 अप्रैल 2022 को सीएम की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एलान के दस 10 से अधिक बीतने के बावजूद अफसर शांत बैठे हैं। 25 से अधिक गांव वाला अमोड़ी क्षेत्र एनएच पर सबसे अधिक आबादी वाला ग्रामीण इलाका है। सात हजार से अधिक आबादी के बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। लोग इलाज के लिए 29 से 51 किलोमीटर दूर चंपावत दौड़ लगाने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अप्रैल 2022 को अमोड़ी में पीएचसी की घोषणा की थी, लेकिन जमीन के चयन के अलावा आगे कोई प्रक्रिया अब तक नहीं हो पाई है। बाक्स
अमोड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल भी बीमार
चंपावत। अमोड़ी गांव में जीआईसी से लेकर राजकीय डिग्री कॉलेज तक है लेकिन स्वास्थ्य के नाम पर यहां महज राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल है। अस्पताल में डॉ. हर्ष सिंह पोखरिया हैं। लेकिन किराये के भवन में चलने वाले इस अस्पताल में जगह की कमी से मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पाती।
फोटो 06 सीपीटी 15पी
ग्रामीणों की पीड़ा
कोट
अमोड़ी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद इलाज का बंदोबस्त नहीं किया जा सका है। जमीन मिलने के बाद तेजी से काम हो, तब तक किराये में अस्पताल खुले।
-रमेश भट्ट, बीडीसी सदस्य। (06 सीपीटी 04पी)
कोट
एनएच के किनारे होने से यहां अक्सर सड़क हादसे होते हैं। घायलों को वक्त पर इलाज नहीं मिलने और टनकपुर या चंपावत अस्पताल पहुंचने में देरी से कई बार उन लोगों की भी मौत हो जाती है, जिन्हें बचाया जा सकता था।
-दीपक सिंह बोहरा, सामाजिक कार्यकर्ता, अमोड़ी। (06 सीपीटी 05पी)
इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में सेहत जैसी बेहद बुनियादी सुविधा की कमी जानलेवा हो रही है। अमोड़ी में तुरंत अस्पताल खोला जाए।
दीवान सिंह, ग्राम प्रधान, दुधौरी। (06 सीपीटी 06पी)
-अस्पताल आपात और आकस्मिक सेवाओं के लिए तो चाहिए ही, लेकिन सामान्य वक्त में भी बच्चों और महिलाओं की दिक्कत कम नहीं है। उन्हें 29 किमी दूर चंपावत जाने को मजबूर होना पड़ता है।
-सरस्वती देवी, पूर्व प्रधान, कोट अमोड़ी। (06 सीपीटी 07पी)
क्या कहते हैं अधिकारी:
अमोड़ी के राजकीय प्राथमिक अस्पताल के लिए आठ नाली जमीन के प्रस्ताव को स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। इसे तेजी से पूरा करवाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत। (06 सीपीटी 08पी)
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बेस अस्पताल में तैनात डॉ. निहाल, डॉ. राहुल और डॉ. अंजू पीजी परीक्षा के लिए गए हैं। ये डॉक्टर अब होली के बाद ही वापस आएंगे। बेस अस्पताल में 27 फरवरी से ओपीडी शुरू की गई थी। तब से लेकर वर्तमान तक 100 के करीब मरीज उपचार के लिए पहुंचे। स्वास्थ्य विभाग ने बेस अस्पताल में 16 नर्सिंग अधिकारी और चार चिकित्सकों की ड्यूटी रोटेशन में लगाई है।
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इसके अलावा छह अन्य को भी तैनात किया गया है। इसमें से मनोचिकित्सक डॉ. ललित भट्ट तीन और चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. मृगांक शुक्ला शनिवार को बेस में बैठते हैं। चर्म रोग विशेष डॉ. मृगांक शुक्ला पीजी की परीक्षा के लिए गए हैं। वहीं ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. कविता लोहनी अवकाश पर हैं।
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06पीटीए03पी- बेस अस्पताल। संवाद
कम नहीं हो रहे हैं वायरल के मरीज
पिथौरागढ़। जिला अस्पताल में वायरल बुखार के मरीज कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। हालांकि पीलिया के मरीजों में अब कमी आ गई है। मुख्य फिजिशियन डॉ. आरएस धर्मशक्तू के पास 70 से अधिक मरीज रोज आ रहे हैं। इसमें सबसे अधिक वायरल बुखार के हैं। उन्होंने बताया कि वायरल बुखार तेजी के साथ लोगों में फैल रहा है। इसके अलावा खांसी, सर्दी, जुकाम के भी मरीज हैं, लेकिन वायरल के सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि दवा लेने पर बुखार कम तो हो जाता है, लेकिन अचानक आने लगता है। ऐसे में बिना चिकित्सकीय परामर्श के दवा लेना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जितना हो सके ताजा और गर्म खाना खाएं और उबला पानी पीएं।
06पीटीएच01पी- पिथौरागढ़ जिला अस्पताल में मरीज से जानकारी लेते मुख्य फिजिशियन। संवाद
अमोड़ी को चाहिए इलाज... 10 महीने में सिर्फ जमीन ही खोज सके
पिछले साल अप्रैल में सीएम के एलान के बाद भी 25 गांवों की सात हजार की आबादी परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
चंपावत। टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित अमोड़ी क्षेत्र के दुधौरी में रविवार को हुए सड़क हादसे में चार लोगों की मौत हुई। हादसे के वक्त तुरंत इलाज मिलने पर कम से कम एक यात्री कुंदन की जान बच सकती थी लेकिन अस्पताल न होने से घायल यात्री को प्राथमिक इलाज के लिए ही टनकपुर ले जाना पड़ा।
घनी आबादी वाले अमोड़ी क्षेत्र के 25 से अधिक गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। अमोड़ी में 21 अप्रैल 2022 को सीएम की ओर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के एलान के दस 10 से अधिक बीतने के बावजूद अफसर शांत बैठे हैं। 25 से अधिक गांव वाला अमोड़ी क्षेत्र एनएच पर सबसे अधिक आबादी वाला ग्रामीण इलाका है। सात हजार से अधिक आबादी के बावजूद यहां स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं हैं। लोग इलाज के लिए 29 से 51 किलोमीटर दूर चंपावत दौड़ लगाने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 21 अप्रैल 2022 को अमोड़ी में पीएचसी की घोषणा की थी, लेकिन जमीन के चयन के अलावा आगे कोई प्रक्रिया अब तक नहीं हो पाई है। बाक्स
अमोड़ी आयुर्वेदिक अस्पताल भी बीमार
चंपावत। अमोड़ी गांव में जीआईसी से लेकर राजकीय डिग्री कॉलेज तक है लेकिन स्वास्थ्य के नाम पर यहां महज राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल है। अस्पताल में डॉ. हर्ष सिंह पोखरिया हैं। लेकिन किराये के भवन में चलने वाले इस अस्पताल में जगह की कमी से मरीजों को सुविधाएं नहीं मिल पाती।
फोटो 06 सीपीटी 15पी
ग्रामीणों की पीड़ा
कोट
अमोड़ी क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर लगातार आवाज उठाने के बावजूद इलाज का बंदोबस्त नहीं किया जा सका है। जमीन मिलने के बाद तेजी से काम हो, तब तक किराये में अस्पताल खुले।
-रमेश भट्ट, बीडीसी सदस्य। (06 सीपीटी 04पी)
कोट
एनएच के किनारे होने से यहां अक्सर सड़क हादसे होते हैं। घायलों को वक्त पर इलाज नहीं मिलने और टनकपुर या चंपावत अस्पताल पहुंचने में देरी से कई बार उन लोगों की भी मौत हो जाती है, जिन्हें बचाया जा सकता था।
-दीपक सिंह बोहरा, सामाजिक कार्यकर्ता, अमोड़ी। (06 सीपीटी 05पी)
इस पिछड़े ग्रामीण क्षेत्र में सेहत जैसी बेहद बुनियादी सुविधा की कमी जानलेवा हो रही है। अमोड़ी में तुरंत अस्पताल खोला जाए।
दीवान सिंह, ग्राम प्रधान, दुधौरी। (06 सीपीटी 06पी)
-अस्पताल आपात और आकस्मिक सेवाओं के लिए तो चाहिए ही, लेकिन सामान्य वक्त में भी बच्चों और महिलाओं की दिक्कत कम नहीं है। उन्हें 29 किमी दूर चंपावत जाने को मजबूर होना पड़ता है।
-सरस्वती देवी, पूर्व प्रधान, कोट अमोड़ी। (06 सीपीटी 07पी)
क्या कहते हैं अधिकारी:
अमोड़ी के राजकीय प्राथमिक अस्पताल के लिए आठ नाली जमीन के प्रस्ताव को स्वास्थ्य महानिदेशालय भेजा गया है। इसे तेजी से पूरा करवाने के लिए पत्राचार किया जाएगा।
डॉ. केके अग्रवाल, सीएमओ, चंपावत। (06 सीपीटी 08पी)