फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Pithoragarh News ›   Cities and villages, the source of dried

नगर और गांवों के सभी स्रोत सूखे

Thu, 21 Apr 2016 10:27 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग
ब्यूरो/अमर उजाला, बेड़ीनाग Updated Thu, 21 Apr 2016 10:27 PM IST
विज्ञापन
Cities and villages, the source of dried
पेयजल संकट - फोटो : अमर उजाला

यह पहला मौका है जब बेड़ीनाग में अप्रैल में पेयजल को लेकर ऐसी त्राहि-त्राहि मची है। नगर के आसपास एवं गांवों के सभी प्राकृतिक स्रोत सूख गए हैं। पंपिंग योजना से पानी आना बंद हो गया है। जल संस्थान टैंकरों से और लोग वाहनों एवं घोड़ों से पानी का ढुलान कर रहे हैं। यही हाल रहा तो मई में स्थिति और विकराल हो जाएगी।

विज्ञापन


नगर के जवाहर चौक, यमुनानगर, मुख्य बाजार, जगदंबा कालोनी, डिग्री कॉलेज समेत सभी इलाकों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जल संस्थान का टैंकर हर जगह नहीं पहुंच पाता और एक दिन में टैंकर से दो या तीन मोहल्ले वालों को ही पानी मिल पाता है। ग्रामीण अंचलों में स्थिति ज्यादा खराब हो गई है। ढनोली, सांगड़, भटीगांव, खितोली, बना गांवों में वैसे तो वर्षभर पानी का संकट रहता है, लेकिन गर्मियों में संकट की स्थिति बढ़ जाती है।
विज्ञापन


जल संस्थान के जूनियर इंजीनियर गजेंद्र सिंह ने कहा कि गोरघटिया योजना से जितना भी पानी आ रहा है उसे एक दिन छोड़कर लोगों को बांटा जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि समस्या लगातार गंभीर हो रही है। जल संस्थान समस्या से निपटने के लिए पूरी शक्ति से काम कर रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


होटल मालिकों के सामने गंभीर समस्या
नगर में होटल व्यवसाय करने वालों के सामने गंभीर समस्या पैदा हो गई है। होटल में आने वाले ग्राहकों के लिए पानी का इंतजाम करना कठिन हो रहा है। खाने-पीने के होटलों में भी यही दिक्कत आ रही है। होटल व्यवसायी वाहनों से पानी का ढुलान कर रहे हैं।

जनप्रतिनिधियों को हल निकालना चाहिए
नगर निवासी लता पाठक का कहना है कि जनप्रतिनिधियों को समस्या का हल निकालने के लिए ईमानदार प्रयास करने चाहिए। एक खूबसूरत पर्यटन स्थल में पेयजल की इतनी गंभीर समस्या होना चिंता का विषय है। आने वाले समय में इसका असर व्यवसाय पर भी पड़ेगा। लोगों की घर, गृहस्थी इससे प्रभावित हो चुकी है। 


समस्या के मूल कारण तलाशे जाएं
नगर निवासी जेएस धामी का कहना है कि पेयजल संकट अचानक कैसे गहरा गया इसका मूल कारण तलाशा जाना चाहिए। यदि वितरण प्रणाली में खामी है तो उसे ठीक किया जाए। अवैध कनेक्शनों पर अंकुश लगाया जाए और प्राकृतिक स्रोतों के सूखने के कारणों की तह में जाने की जरूरत है। तभी कुछ हल निकलेगा। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed